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Farrukhabad News: नौकरी जाते देख कोविड कर्मचारियों ने एसीएमओ को घेरा
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स पर तीन वर्ष से तैनात कर्मचारियों ने सेवा समाप्त होने की आशंका को देखते हुए बुधवार को एसीएमओ को घेर लिया। उन्हें ज्ञापन देते हुए अन्य कार्यों में समायोजित कर सेवा विस्तार की मांग की। शासन को 15 कर्मचारियों की सूची भेजने पर रोष जताया।
कोरोना काल के दौरान संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए आउटसोर्स पर करीब 170 कर्मचारी लगाए गए थे। इनमें 126 कोविड कर्मचारी लोहिया अस्पताल से लेकर सीएचसी पर अभी भी कार्यरत हैं। कोरोना वायरस अब घातक बीमारियों की श्रेणी से बाहर होने से 31 दिसंबर के बाद कोविड कर्मचारियों का सेवा विस्तार होना मुश्किल बताया जा रहा है।
इस संबंध में शासन से मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बीएसएल-2 उपयोगी होने से उसमें कार्यरत 15 कर्मचारियों की आवश्यकता बताकर सूचना भेज दी। इसको लेकर अन्य कर्मचारियों में आक्रोश पनप गया।
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अभिनेंद्र कुमार, असलम खान, मंगल सिंह, रवन कुमार, अशोक कुमार, शिल्पी, विनय, पूजा, आशीष आदि कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पहुंचे। वहां से निकले एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव को कर्मचारियों ने ज्ञापन देने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुके। इस पर सभी कर्मचारियों ने सभागार में जाकर उन्हें घेर लिया।
कहा कि आपने सिर्फ 15 कर्मचारियों की शासन को रिपोर्ट क्यों भेजी, जबकि अन्य जनपदों से सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट भेजी गई। उन लोगों से डेंगू, मलेरिया, टीबी, पोलियो, प्रसव, आयुष्मान कार्ड बनाने आदि कार्यक्रमों में काम लिया जा रहा है। इसके बावजूद वह लोग अनुपयोगी कैसे हो गए।
शासन को सभी कर्मचारियों की सूची भेजी जाए, या फिर उन 15 कर्मचारियों की भी साथ में ही सेवा समाप्त की जाए। दो दिन में शासन को सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट न भेजने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी। एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने बताया कि शासन के आदेश पर उन्होंने रिपोर्ट भेजी है। निदेशालय से ही सेवा समाप्त या विस्तार की कार्रवाई की जाएगी।
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कोरोना काल के दौरान संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए आउटसोर्स पर करीब 170 कर्मचारी लगाए गए थे। इनमें 126 कोविड कर्मचारी लोहिया अस्पताल से लेकर सीएचसी पर अभी भी कार्यरत हैं। कोरोना वायरस अब घातक बीमारियों की श्रेणी से बाहर होने से 31 दिसंबर के बाद कोविड कर्मचारियों का सेवा विस्तार होना मुश्किल बताया जा रहा है।
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इस संबंध में शासन से मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बीएसएल-2 उपयोगी होने से उसमें कार्यरत 15 कर्मचारियों की आवश्यकता बताकर सूचना भेज दी। इसको लेकर अन्य कर्मचारियों में आक्रोश पनप गया।
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अभिनेंद्र कुमार, असलम खान, मंगल सिंह, रवन कुमार, अशोक कुमार, शिल्पी, विनय, पूजा, आशीष आदि कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पहुंचे। वहां से निकले एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव को कर्मचारियों ने ज्ञापन देने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुके। इस पर सभी कर्मचारियों ने सभागार में जाकर उन्हें घेर लिया।
कहा कि आपने सिर्फ 15 कर्मचारियों की शासन को रिपोर्ट क्यों भेजी, जबकि अन्य जनपदों से सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट भेजी गई। उन लोगों से डेंगू, मलेरिया, टीबी, पोलियो, प्रसव, आयुष्मान कार्ड बनाने आदि कार्यक्रमों में काम लिया जा रहा है। इसके बावजूद वह लोग अनुपयोगी कैसे हो गए।
शासन को सभी कर्मचारियों की सूची भेजी जाए, या फिर उन 15 कर्मचारियों की भी साथ में ही सेवा समाप्त की जाए। दो दिन में शासन को सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट न भेजने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी। एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने बताया कि शासन के आदेश पर उन्होंने रिपोर्ट भेजी है। निदेशालय से ही सेवा समाप्त या विस्तार की कार्रवाई की जाएगी।