फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Court rebukes every time, Fatehgarh police helpless due to their working style

Farrukhabad News: कोर्ट से हर बार मिली फटकार, फतेहगढ़ पुलिस कार्यशैली से लाचार

Wed, 15 Oct 2025 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Wed, 15 Oct 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
Court rebukes every time, Fatehgarh police helpless due to their working style
फोटो-22, 21 मार्च को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती खबर का पीडीएफ
फर्रुखाबाद। मित्र पुलिस का चेहरा रखने वाली फतेहगढ़ पुलिस हर बार कोर्ट के सामने फरियादियों की अनसुनी और मुकदमों में खेल करने में मुंह की खाती आई है।
विज्ञापन

कभी लंबित मामलों में छेड़छाड़ तो कभी अवैध असलहा लगाकर लोगों को जेल भेजने के मामले में पुलिस की कोर्ट में किरकिरी हुई है। एक बार फिर याचिकाकर्ता को धमकाने के मामले में एसपी फतेहगढ़ आरती सिंह विवादित कार्यशैली को लेकर हाईकोर्ट कस्टडी में ले ली गईं। कोर्ट से माफी मांगकर हलफनामा प्रस्तुत करने के बाद एसपी आरती सिंह को छोड़ा गया।
केस-1
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण ने छह अक्टूबर 2024 को 14 वर्षीय पुत्री का अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एक युवक पर पुत्री को बहलाकर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन

पुलिस ने मुकदमे को तरमीम कर सामूहिक दुष्कर्म, पॉस्को एक्ट की धाराओं की बढ़ोतरी कर पीड़िता के बयान दर्ज कराए थे। मुकदमे की जानकारी होने पर आरोपी ने अंतरिम जमानत अर्जी दायर की। मऊदरवाजा थाना प्रभारी द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की जगह छेड़छाड़ के अपराध में रिपोर्ट न्यायालय भेज दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस की लापरवाही से आरोपी की अंतरिम जमानत मंजूर हो गई। मुकदमे की पैरवी के दौरान वादी पीड़िता के पिता की मौत हो गई। पीड़िता की मां ने पति की हत्या करने का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था। पोस्टमार्टम में शरीर पर चोटों के निशान पाए गए। इसके बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
आईजीआरएस पर की गई शिकायत को भी फर्जी रिपोर्ट लगाकर बंद कर दिया गया। मामले का संज्ञान लेकर पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश राकेश कुमार ने तत्कालीन एसपी आलोक प्रियदर्शी, तत्कालीन थानाध्यक्ष मऊदरवाजा बलराज भाटी और एक अन्य निरीक्षक पर कार्रवाई के आदेश दिए थे।
केस-2
अगस्त 2024 में मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस बाइक मिस्त्री नंदू को बाइक ठीक करवाने के बहाने दुकान से बुला ले गई। इसके बाद फर्जी तमंचा लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। नंदू के भाई कृष्ण कुमार ने मामले की शिकायत एडीजी कानपुर से की थी।
जांच में मामला सही पाए जाने पर दिसंबर 2024 में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी मोहम्मदाबाद मनोज भाटी, दरोगा महेंद्र सिंह, कांस्टेबल अंशुमान, राजन पाल और यशवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोपियों को निलंबित भी कर दिया गया था।
जांच सीओ मोहम्मदाबाद को सौंपी गई। निलंबित पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट की शरण ली। अपनों को बचाने के लिए पुलिस ने विवेचना में देरी की। जिसका लाभ दोषी पुलिसकर्मियों को कोर्ट में मिला और उन्हें जमानत मिल गई।

कायमगंज कोतवाली प्रभारी समेत कई पर लटकी तलवार
फर्रुखाबाद। कायमगंज पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये के चलते एसपी आरती सिंह को हाईकोर्ट में पेश होना पड़ा। उनके साथ कायमगंज सीओ राजेश कुमार द्विवेदी, थानाध्यक्ष अनुराग मिश्रा भी रहे। निर्देशों की अवहेलना को लेकर कोर्ट खासा सख्त है। इससे अब कायमगंज सीओ, कोतवाली प्रभारी समेत कई पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। उनके खिलाफ बुधवार तक सख्त कदम उठाया जा सकता है। (संवाद)

फोटो-22, 21 मार्च को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती खबर का पीडीएफ

फोटो-22, 21 मार्च को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती खबर का पीडीएफ

फोटो-22, 21 मार्च को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती खबर का पीडीएफ

फोटो-22, 21 मार्च को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती खबर का पीडीएफ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed