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कोरोना संदिग्ध युवक की मौत से प्रशासन में मचा हड़कंप
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कोरोना संदिग्ध युवक की मौत से हड़कंप
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। दिल्ली से आए युवक को बुखार, खांसी की समस्या होने के बाद सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कोरोना के लक्षण होने पर उसको सीएचसी से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। यहां डाक्टरों ने उसका न तो सैंपल लिया और न भर्ती किया। इस पर परिवार के लोग नर्सिंग होम ले गए।
सोमवार शाम उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया। कोरोना संदिग्ध युवक की मौत होने की भनक लगते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य टीम आनन फानन में गांव पहुंची और युवक के परिवार वालों को जांच के लिए मेजर एसडी सिंह कालेज भेजा है। वहां सभी के नमूने लिए जाएंगे।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव शेराखार निवासी ग्रामीण का 18 वर्षीय पुत्र दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करता था। वह अपने चार दोस्तों के साथ बस से 16 मई को फर्रुखाबाद आया था। 17 मई को उसे बुखार और खांसी आने लगी। 18 मई की सुबह सांस लेने में दिक्कत होने पर परिवार के लोग उसे लेकर सीएचसी गए। डाक्टरों ने खून की कमी होने से इलाज शुरू किया।
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हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने कोरोना संदिग्ध मानकर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन दोपहर में उसेलोहिया अस्पताल लेकर आए। यहां लिखापढ़ी होने के बाद डाक्टर की ड्यूटी बदल गई। इससे उसका न तो कोरोना जांच को नमूना लिया गया और न इलाज किया गया। परिजन उसे शहर के नर्सिंग होम में ले गए। उसी दिन देर शाम युवक की मौत हो गई।
परिजन शव घर ले गए और 19 मई को अंतिम संस्कार कर दिया। इसकी जानकारी आशा को हुई तो उसने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप पर इसकी सूचना दी। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया।
सीएचसी प्रभारी डा. प्रमित राजपूत टीम के साथ गांव गए और युवक के दो भाई, एक बहन, माता-पिता व एक चचेरे भाई को कोरोना जांच के लिए क्वारंटीन सेंटर मेजर एसडी सिंह कालेज भेजा। युवक के साथ आए अन्य चार दोस्तों के संबंध में भी जानकारी की गई। तब पता चला कि एक दोस्त की तबीयत बिगड़ने पर मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच रिपोर्ट आने पर स्थिति होगी स्पष्ट
एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना जांच के लिए युवक के परिजनों को भेजा गया है। नमूना लिए जाने के बाद उन सभी को घर में क्वारंटीन किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। अगर परिवार के किसी भी सदस्य की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो गांव को सील किया जाएगा।
एक कर्मचारी को किया क्वारंटीन
डा. प्रमित राजपूत ने बताया कि युवक को सीएचसी में अंदर तक लाने वाले कर्मचारी को क्वारंटीन कर दिया गया है। युवक की अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो जिस डाक्टर व अन्य कर्मचारी ने उसको देखा और उपचार किया था। उनके भी नमूना लेकर क्वारंटीन किया जाएगा।
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। दिल्ली से आए युवक को बुखार, खांसी की समस्या होने के बाद सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कोरोना के लक्षण होने पर उसको सीएचसी से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। यहां डाक्टरों ने उसका न तो सैंपल लिया और न भर्ती किया। इस पर परिवार के लोग नर्सिंग होम ले गए।
सोमवार शाम उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया। कोरोना संदिग्ध युवक की मौत होने की भनक लगते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य टीम आनन फानन में गांव पहुंची और युवक के परिवार वालों को जांच के लिए मेजर एसडी सिंह कालेज भेजा है। वहां सभी के नमूने लिए जाएंगे।
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राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव शेराखार निवासी ग्रामीण का 18 वर्षीय पुत्र दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करता था। वह अपने चार दोस्तों के साथ बस से 16 मई को फर्रुखाबाद आया था। 17 मई को उसे बुखार और खांसी आने लगी। 18 मई की सुबह सांस लेने में दिक्कत होने पर परिवार के लोग उसे लेकर सीएचसी गए। डाक्टरों ने खून की कमी होने से इलाज शुरू किया।
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हालत बिगड़ती देख डॉक्टर ने कोरोना संदिग्ध मानकर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन दोपहर में उसेलोहिया अस्पताल लेकर आए। यहां लिखापढ़ी होने के बाद डाक्टर की ड्यूटी बदल गई। इससे उसका न तो कोरोना जांच को नमूना लिया गया और न इलाज किया गया। परिजन उसे शहर के नर्सिंग होम में ले गए। उसी दिन देर शाम युवक की मौत हो गई।
परिजन शव घर ले गए और 19 मई को अंतिम संस्कार कर दिया। इसकी जानकारी आशा को हुई तो उसने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप पर इसकी सूचना दी। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया।
सीएचसी प्रभारी डा. प्रमित राजपूत टीम के साथ गांव गए और युवक के दो भाई, एक बहन, माता-पिता व एक चचेरे भाई को कोरोना जांच के लिए क्वारंटीन सेंटर मेजर एसडी सिंह कालेज भेजा। युवक के साथ आए अन्य चार दोस्तों के संबंध में भी जानकारी की गई। तब पता चला कि एक दोस्त की तबीयत बिगड़ने पर मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच रिपोर्ट आने पर स्थिति होगी स्पष्ट
एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना जांच के लिए युवक के परिजनों को भेजा गया है। नमूना लिए जाने के बाद उन सभी को घर में क्वारंटीन किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। अगर परिवार के किसी भी सदस्य की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो गांव को सील किया जाएगा।
एक कर्मचारी को किया क्वारंटीन
डा. प्रमित राजपूत ने बताया कि युवक को सीएचसी में अंदर तक लाने वाले कर्मचारी को क्वारंटीन कर दिया गया है। युवक की अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो जिस डाक्टर व अन्य कर्मचारी ने उसको देखा और उपचार किया था। उनके भी नमूना लेकर क्वारंटीन किया जाएगा।