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सब्जी, खाद्यान लाना कंटेनमेंट जोन के लोगों की मजबूरी
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फर्रुखाबाद। कोरोना के पॉजिटिव मरीज आते ही प्रशासन कंटेनमेंट जोन तो बना देता है, मगर उसमें जरूरत की वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करता। यही वजह है कि रोजमर्रा की चीजें लेने के लिए लोगों का घरों से निकलना मजबूरी हो जाता है।
कंटेनमेंट जोन में न तो सब्जी, ठेली वाले जाते हैं और न ही खाद्यान आपूर्ति की कोई व्यवस्था है। लिहाजा लोग बल्लियों को लांघकर कानून हाथ में लेते रोजाना ही देखे जा सकते हैं। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
कंटेनमेंट जोन के वाशिंदों की भी सुनिये
बूरा वाली गली के शिवम कहते हैं कि शनिवार को मोहल्ला सील किया गया। मगर अभी तक अंदर कोई भी सब्जी, फल अथवा अन्य खाद्य सामग्री लेकर नहीं आया। ऐसे में हम लोगों की मजबूरी है रोजमर्रा की चीजें को बाजार से लाना।
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बूरा वाली गली के आनंद कुमार कहते हैं कि कोई आएगा, तो शटर बंद कर देंगे। क्या करूं, लोगों की भी जरूरत को पूरा करना है। बच्चों के आइटम ज्यादा बेचता हूं।
गुदड़ी मोहल्ले के मोहसिन कहते हैं कि हम लोग रोज खाने और कमाने वाले हैं। घर से नहीं निकलेंगे, तो खाएंगे क्या। मोहल्ले में कोई भी ठेली वाला नहीं आता।
गुदड़ी के इरफान ने बताया कि संक्रमण से हर कोई डरता है। मजबूरी में घर से निकल रहा हूं। सामान की आपूर्ति कोई करवा दे, तो घर से क्यों निकलूं। प्रशासन बल्लियां लगाकर शांत हो जाता है।
कंटेनमेंट जोन में लगातार पुलिस की लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं। होम डिलीवरी को दुकानदारों की सूची भेज जा चुकी है। पुलिस की लापरवाही के संदर्भ में एसपी को पत्र भेजा जा रहा है।
अशोक कुमार मौर्य, सिटी मजिस्ट्रेट
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कंटेनमेंट जोन में न तो सब्जी, ठेली वाले जाते हैं और न ही खाद्यान आपूर्ति की कोई व्यवस्था है। लिहाजा लोग बल्लियों को लांघकर कानून हाथ में लेते रोजाना ही देखे जा सकते हैं। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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कंटेनमेंट जोन के वाशिंदों की भी सुनिये
बूरा वाली गली के शिवम कहते हैं कि शनिवार को मोहल्ला सील किया गया। मगर अभी तक अंदर कोई भी सब्जी, फल अथवा अन्य खाद्य सामग्री लेकर नहीं आया। ऐसे में हम लोगों की मजबूरी है रोजमर्रा की चीजें को बाजार से लाना।
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बूरा वाली गली के आनंद कुमार कहते हैं कि कोई आएगा, तो शटर बंद कर देंगे। क्या करूं, लोगों की भी जरूरत को पूरा करना है। बच्चों के आइटम ज्यादा बेचता हूं।
गुदड़ी मोहल्ले के मोहसिन कहते हैं कि हम लोग रोज खाने और कमाने वाले हैं। घर से नहीं निकलेंगे, तो खाएंगे क्या। मोहल्ले में कोई भी ठेली वाला नहीं आता।
गुदड़ी के इरफान ने बताया कि संक्रमण से हर कोई डरता है। मजबूरी में घर से निकल रहा हूं। सामान की आपूर्ति कोई करवा दे, तो घर से क्यों निकलूं। प्रशासन बल्लियां लगाकर शांत हो जाता है।
कंटेनमेंट जोन में लगातार पुलिस की लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं। होम डिलीवरी को दुकानदारों की सूची भेज जा चुकी है। पुलिस की लापरवाही के संदर्भ में एसपी को पत्र भेजा जा रहा है।
अशोक कुमार मौर्य, सिटी मजिस्ट्रेट