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अपनों से मिलकर चले गए शिवपाल
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Sun, 03 Jan 2016 10:55 PM IST
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फर्रुखाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की रार सुलझाने आए कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने दूसरे खेमे की उम्मीदवार और उनके समर्थकों से मुलाकात नहीं की। शिवपाल सिंह ने डीएम और एसपी से गुफ्तगू की। साथ ही सगुना समर्थक पार्टी विधायकों और सदस्यों से बात की। इसके बाद फैसला सुनाया कि जीत पार्टी उम्मीदवार की होगी। अब मामला सोमवार को पर्चा वापसी पर टिक गया है। शिवपाल का फैसला सुनने के लिए मौजूद भीड़ को बड़ी कार्रवाई की उम्मीद थी, किंतु निराशा ही उनके हाथ लगी।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। सपा के टिकट के लिए अलीगंज विधायक के बेटे डॉ. सुबोध यादव ने ज्ञान देवी का आवेदन क राया था। कायमगंज विधायक अजीत कठेरिया की पत्नी सगुना ने भी आवेदन किया था। पार्टी ने सगुना को टिकट दे दी। एक जनवरी को सगुना और ज्ञान देवी दोनों ने नामांकन कर दिया। दोनों पक्ष जीत का दावा कर रहे हैं।
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इस स्थिति से निपटने के लिए शिवपाल को रविवार को जिले में आना पड़ा। उन्हें सुबह 11.45 बजेे पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरना था, पर वे दोपहर बाद 2.11 बजे पहुंचे। पुलिस लाइन में शिवपाल ने डीएम एसके सिंह और एसपी राजेश कृष्ण से अकेले में बातचीत की।
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इसके बाद उनका काफि ला 2.50 बजे पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पहुंचा। यहां शिवपाल के बात शुरू करते ही सपा नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। इससे खफा शिवपाल सिंह अंदर कमरे में चले गए। यहां विधायक नरेंद्र सिंह यादव, विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी, विधायक अजीत कठेरिया, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप यादव, नीलेश यादव, कंपिल चेयरमैन उदयपाल यादव, डॉ. जितेंद्र यादव व महिला जिला पंचायत सदस्यों से बातचीत की।
जाते-जाते पार्टी उम्मीदवार सगुना की जीत का भरोसा दे गए। दूसरे खेमे की उम्मीदवार के बारे में उन्हाेंने कोई टिप्पणी नहीं की। समीर यादव, राजकुमार सिंह, सचिन यादव, अरशद जमाल सिद्दीकी, सुलक्षणा सिंह,रंजीत चक, रजत क्रांतिकारी आदि मौजूद रहे। शिवपाल के दौरे का असर सोमवार को दिखाई दे सकता है। सोमवार का दिन पर्चा वापसी के लिए तय है।