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Farrukhabad News: शीतगृहों में 59 फीसदी भरा आलू, निकासी की राह में मंदी का रोड़ा

Tue, 07 Oct 2025 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Tue, 07 Oct 2025 12:19 AM IST
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Cold storages are 59% full of potatoes, with the recession hindering their evacuation.
फोटो -26,शीतग्रह में आलू की छंटाई करते श्रमिक।संवाद
फर्रुखाबाद। आलू की मंदी से किसान व व्यापारी इस वर्ष घाटे में है। खरीद से भी कम कीमत पर आलू बिकने से भंडारण खर्च बोझ बन गया है। बाहर से आलू की मांग न आने से निकासी की रफ्तार धीमी है।
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शीतगृहों में अभी 59 फीसद आलू भरा होने से शीतगृह संचालक भी चिंतित हैं। 43 हजार हेक्टेयर आलू के रकबे में इस बार सात लाख 79 हजार 685 मीट्रिक टन आलू भंडारित हुआ। इस बार निकासी की सुस्त चाल किसानों के त्योहारों को फीका कर रही है।
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प्रमुख रूप से आलू की खेती होने से जिले में भंडारण के लिए 109 शीतगृह संचालित हैं। इनमें 10 लाख 39 हजार 580 मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। इस वर्ष फरवरी, मार्च में मंडी में आलू का भाव 1000 रुपये 1200 रुपये प्रति क्विंटल था। भाव और बढ़ने की उम्मीद में बड़े किसानों ने आलू का खूब भंडारण किया।
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व्यापारियों ने मुनाफा की उम्मीद में आलू खरीदकर शीतगृहों में भरा। इससे शीतगृहों में सात लाख 79 हजार 685 मीट्रिक टन आलू भंडारित हुआ। इस बार भाव न बढ़ने से आलू की निकासी शुरू से ही धीमी रही, जो अब तक रफ्तार नहीं पकड़ सकी है।
दूसरे प्रांतों से आलू की मांग न आने से रैक भी लोड नहीं हो रही हैं। बाढ़ और बरसात भी इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। हालांकि इन दिनों किसान आलू की कच्ची फसल बोने के लिए निकासी कर रहा है। वहीं आलू का भाव 700 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जो खरीद से भी कम है। ऊपर से शीतगृह में भंडारण का खर्च अलग से पड़ रहा है।
शीतगृह संचालकों का कहना है भाव की मंदी से आलू की निकासी काफी धीमी है। आलू की खरीद, भंडारण, बारदाना व भाड़ा सहित व्यापारी को करीब 1400 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आया। अब बाजार में 700 से लेकर 1200 रुपये प्रति क्विंटल आलू बिकने से किसान व व्यापारी घाटे में जा रहा है।
उद्यान विभाग के रिकार्ड के अनुसार 41 प्रतिशत 319671.11 मीट्रिक टन आलू की निकासी हुई है। अभी 59 प्रतिशत 460014.53 मीट्रिक टन आलू भंडारित है।
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आलू की बाहर से नहीं आ रही मांग
आलू निर्यातक सुधीर शुक्ल ने बताया कि बाढ़ व बरसात से नेपाल से आलू की मांग न आने से निर्यात प्रभावित है। आसाम व कोलकाता व अन्य प्रांतों से भी मांग न आने से भाव में मंदी है। अब आलू की बोआई भी शुरू हो गई है, इससे किसान भी आलू बेचने में कम उत्साह दिखा रहा है। हालांकि बाहर से मांग आने पर आलू भाव बढ़ने की उम्मीद है।
आलू भाव में मंदी के बावजूद आम आदमी को राहत नहीं है। बाजार में फुटकर आलू भाव अभी भी 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। चाहे 3797 प्रजाति का आलू हो या फिर चिप्सोना, फुटकर भाव में राहत नहीं है।



जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अब आलू की बोआई शुरू होने से शीतगृहों में निकासी भी कुछ बढ़ी है। भाव भी बढ़ने की उम्मीद है। शासन से शीतगृृहों से आलू की निकासी अंतिम तिथि 31 अक्तूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर होने की संभावना है। इससे निर्धारित समय तक शीतगृहों से आलू की निकासी करा ली जाएगी।
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