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सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, धूप भी बेअसर
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फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर गांव दौलतपुर के पास से घने कोहरे में गुजरते वाहन।
- फोटो : FARRUKHABAD
बर्फीली हवाओं से बढ़ी ठंड, धूप भी बेअसर
फर्रुखाबाद/कायमगंज। बर्फीली हवाओं के चलने से जिले में ठिठुरन और गलन बढ़ गई। ठंड बढ़ने की वजह से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार को पूरे दिन बर्फीली हवाएं चलती रहीं। हालांकि दोपहर बाद कोहरा छंट गया लेकिन धूप के बावजूद भी ठंड से राहत नहीं मिली। धूप निकलने के बावजूद लोग अलाव तापते रहे। बाजारों में सन्नाटा रहा। ठिठुरन भरी ठंड का असर पशु-पक्षियों पर दिखा।
इस सप्ताह शुक्रवार व शनिवार सबसे ठंडा दिन रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम नौ डिग्री दर्ज किया गया। तापमान भले ही अधिक रहा, मगर बर्फीली हवाओं के चलने से लोग ठिठुरते रहे। शहर के चौराहों, तिराहों, गलियों और दुकानों के बाहर कहीं कोयला, तो कहीं अलाव जलते रहे। हालात ऐसे रहे कि आबादी क्षेत्र में भी घना कोहरा छाया रहा। ठंडी हवाओं के साथ ओस की फुहार सी पड़ रही थी।
सुबह जल्दी उठे लोग गलन और ठंडक देख घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सके। कोहरे की वजह से सूरज भी दोपहर में निकला। बाजार में दुकानें भी देरी से खुलीं। दोपहर करीब दो बजे धूप तो खिली, लेकिन सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। सुबह ओस की बूंदों से पेड़ ढके हुए थे। पेड़ों से टपकती ओस से जमीन भी गीली हो गई। घने कोहरे के दौरान मार्गों पर वाहनों की गति भी काफी धीमी रही। बच्चे और बूढ़े घरों से काफी कम संख्या में निकले। शाम होते ही फिर घना कोहरा छा गया। रोजमर्रा के काम निपटाकर शाम को लोग जल्दी ही घरों में पहुंच गए।
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खेती का काम भी प्रभावित
गांव में कड़ाके की ठंड से खेती किसानी का काम भी प्रभावित हुआ। सुबह आलू खुदाई के लिए मजदूर देर से पहुंचे। मजदूर बहुत धीमी गति से खुदाई करते रहे। ठंड के चलते झुलसा से आलू को बचाने के लिए खेतों में किसान दवा का छिड़काव भी नहीं कर सके।
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फर्रुखाबाद/कायमगंज। बर्फीली हवाओं के चलने से जिले में ठिठुरन और गलन बढ़ गई। ठंड बढ़ने की वजह से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार को पूरे दिन बर्फीली हवाएं चलती रहीं। हालांकि दोपहर बाद कोहरा छंट गया लेकिन धूप के बावजूद भी ठंड से राहत नहीं मिली। धूप निकलने के बावजूद लोग अलाव तापते रहे। बाजारों में सन्नाटा रहा। ठिठुरन भरी ठंड का असर पशु-पक्षियों पर दिखा।
इस सप्ताह शुक्रवार व शनिवार सबसे ठंडा दिन रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम नौ डिग्री दर्ज किया गया। तापमान भले ही अधिक रहा, मगर बर्फीली हवाओं के चलने से लोग ठिठुरते रहे। शहर के चौराहों, तिराहों, गलियों और दुकानों के बाहर कहीं कोयला, तो कहीं अलाव जलते रहे। हालात ऐसे रहे कि आबादी क्षेत्र में भी घना कोहरा छाया रहा। ठंडी हवाओं के साथ ओस की फुहार सी पड़ रही थी।
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सुबह जल्दी उठे लोग गलन और ठंडक देख घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सके। कोहरे की वजह से सूरज भी दोपहर में निकला। बाजार में दुकानें भी देरी से खुलीं। दोपहर करीब दो बजे धूप तो खिली, लेकिन सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। सुबह ओस की बूंदों से पेड़ ढके हुए थे। पेड़ों से टपकती ओस से जमीन भी गीली हो गई। घने कोहरे के दौरान मार्गों पर वाहनों की गति भी काफी धीमी रही। बच्चे और बूढ़े घरों से काफी कम संख्या में निकले। शाम होते ही फिर घना कोहरा छा गया। रोजमर्रा के काम निपटाकर शाम को लोग जल्दी ही घरों में पहुंच गए।
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खेती का काम भी प्रभावित
गांव में कड़ाके की ठंड से खेती किसानी का काम भी प्रभावित हुआ। सुबह आलू खुदाई के लिए मजदूर देर से पहुंचे। मजदूर बहुत धीमी गति से खुदाई करते रहे। ठंड के चलते झुलसा से आलू को बचाने के लिए खेतों में किसान दवा का छिड़काव भी नहीं कर सके।