{"_id":"5f8b29808ebc3e5be50e89ad","slug":"coffins-in-memory-of-72-sahwa-of-imam-hussain-farrukhabad-news-knp589099241","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमाम हुसैन के 72 साहवा की याद में उठे ताबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इमाम हुसैन के 72 साहवा की याद में उठे ताबूत
विज्ञापन
इमाम हुसैन की याद में ताबूत ले जाते अकीदतमंद।
- फोटो : FARRUKHABAD
इमाम हुसैन के 72 साहवा की याद में उठे ताबूत
फर्रुखाबाद। जमीन-ए-कर्बला में इमाम हुसैन के साथ कुर्बान हुए 72 साहवा की याद में ताबूत उठाए गए। ताबूत उठते वक्त शिया समाज के लोग बेहद गमजदा नजर आए।
शहर के मोहल्ला घेर शामू खां में कर्बला में शहीद हुए इमाम हुसैन के 72 साहवा की याद में शनिवार को कार्यक्रम हुआ। इंतखाब हुसैन के आवास से 72 ताबूत इमाम हुसैन के शैदाई लेकर चले। गमगीन माहौल में या हुसैन या हुसैन की सदाएं लगाते हुए आफताब हुसैन के आवास पर पहुंचे। वहां जियारत की और इमाम हुसैन की याद में आंसू बहाए।
हर साल ताबूतों की जियारत के लिए हजारों लोग जमा होते थे, मगर कोरोना के चलते इस बार भीड़ काफी कम नजर आई। कानपुर से आए मौलाना कंबर हुसैन ने कलाम पढ़ा। गुल हो गया जहां से चरागे यजीदीयत सारे जहां में धूम मची है। इसमें सलीम हैदर, ताज हुसैन, नफीस हुसैन, शमीम हुसैन, गुलजार हुसैन, मौलाना फरहत अली जैदी, महमूद हुसैन आदि लोग मौजूद रहे
इस दौरान मौलाना कंबर हुसैन कानपुरी ने जंग का बयान किया जिसे सुनकर वहां मौजूद माहौल गमगीन हो गया। आफताब हुसैन, मोहसिन काजमी, फायक हुसैन, परवेज हुसैन, नवीन काजमी, अकरम ईरानी, अम्मार अली, जावेद हुसैन आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। जमीन-ए-कर्बला में इमाम हुसैन के साथ कुर्बान हुए 72 साहवा की याद में ताबूत उठाए गए। ताबूत उठते वक्त शिया समाज के लोग बेहद गमजदा नजर आए।
शहर के मोहल्ला घेर शामू खां में कर्बला में शहीद हुए इमाम हुसैन के 72 साहवा की याद में शनिवार को कार्यक्रम हुआ। इंतखाब हुसैन के आवास से 72 ताबूत इमाम हुसैन के शैदाई लेकर चले। गमगीन माहौल में या हुसैन या हुसैन की सदाएं लगाते हुए आफताब हुसैन के आवास पर पहुंचे। वहां जियारत की और इमाम हुसैन की याद में आंसू बहाए।
हर साल ताबूतों की जियारत के लिए हजारों लोग जमा होते थे, मगर कोरोना के चलते इस बार भीड़ काफी कम नजर आई। कानपुर से आए मौलाना कंबर हुसैन ने कलाम पढ़ा। गुल हो गया जहां से चरागे यजीदीयत सारे जहां में धूम मची है। इसमें सलीम हैदर, ताज हुसैन, नफीस हुसैन, शमीम हुसैन, गुलजार हुसैन, मौलाना फरहत अली जैदी, महमूद हुसैन आदि लोग मौजूद रहे
विज्ञापन
इस दौरान मौलाना कंबर हुसैन कानपुरी ने जंग का बयान किया जिसे सुनकर वहां मौजूद माहौल गमगीन हो गया। आफताब हुसैन, मोहसिन काजमी, फायक हुसैन, परवेज हुसैन, नवीन काजमी, अकरम ईरानी, अम्मार अली, जावेद हुसैन आदि थे।
विज्ञापन