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Farrukhabad News: राज्यपाल के निर्देश पर लोहिया अस्पताल के सीएमएस हटाए गए

Thu, 21 Aug 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Thu, 21 Aug 2025 11:54 PM IST
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CMS of Lohia Hospital was removed on the instructions of the Governor.
फोटो-10,डॉ अशोक प्रियदर्शी ,आर्काइव
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में लंबे समय से चल रही अव्यवस्थाओं पर आखिरकार कार्रवाई हो गई। राज्यपाल के निर्देश पर सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह डॉ. जगमोहन शर्मा को नया सीएमएस बनाया गया है। जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर अमर उजाला ने मुहिम चलाई थी। खबर का संज्ञान लेकर राज्यपाल के निर्देश पर सीएमएस को पद से हटा दिया गया।
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लोहिया अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों से धन उगाही, इलाज में लापरवाही, ओपीडी में डॉक्टरों के समय से न बैठने, अस्पताल में गंदगी और दवाएं बाहर से खरीदने जैसी शिकायतें लगातार उठ रही थीं। इन खामियों को लेकर अमर उजाला में लगातार खबरें प्रकाशित हुईं, जिस पर राज्यपाल ने संज्ञान लिया। प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आदेश जारी कर बताया कि सीएमएस डॉ. प्रियदर्शी अधीनस्थों पर नियंत्रण रखने और अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में नाकाम रहे। आदेश में कहा गया है कि उनकी कार्यप्रणाली से शासन की छवि धूमिल हुई। इसके साथ ही विभागीय जांच भी बैठाई गई है। स्वास्थ्य निदेशक को एक माह में रिपोर्ट देने के निर्देश मिले हैं।
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डॉ.जगमोहन बने नए सीएमएस
विशेष सचिव चिकित्सा अनुभाग अनिल कुमार सिंह ने आदेश जारी कर डॉ. अशोक प्रियदर्शी को कन्नौज जिला अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर तैनात कर दिया है। उनके स्थान पर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. जगमोहन शर्मा को लोहिया अस्पताल का नया सीएमएस नियुक्त किया गया है। दोनों चिकित्सकों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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राज्यपाल के आदेश के बाद भी सात दिन तक डटे रहे सीएमएस



राज्यपाल की आज्ञा के बाद शासन से सीएमएस का स्थानांतरण आदेश 14 अगस्त को जारी हो गया था। सात दिन तक यह आदेश दबाए रखा गया। गुरुवार को जैसे ही स्थानांतरण और उच्चस्तरीय जांच शुरू होने के आदेश सार्वजनिक हुए, तो सुबह से ही सीएमएस दफ्तर में व्यस्त हो गए। पिछले महीनों में हुई लाखों रुपये के सामान की खरीद, मरम्मत आदि पत्रावलियों पर हस्ताक्षर कराने के लिए ठेकेदार डटे रहे। यही नहीं अस्पताल के अलग-अलग पटलों पर तैनात प्रभारी भी हस्ताक्षर कराने में लगे रहे।


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शासन में पकड़ का रौब भी नहीं आया काम

डॉ. अशोक प्रियदर्शी का लोहिया अस्पताल के विवादों से गहरा नाता रहा है। दवाओं की बाहर से खरीद का मामला भी सुर्खियां में रहा था। वहीं, दलालों का जिला अस्पताल में बेखौफ घूमने का प्रकरण भी चर्चा में रहा। अस्पताल परिसर की प्रेरणा कैंटीन में बैठकर शराब पीने के मामले में जिलाधिकारी ने कैंटीन की डीवीआर को जब्त किया था। सीएमएस की कार्यशैली से जिला अस्पताल में अराजकता का माहौल व्याप्त था। बेखौफ सीएमएस अपने अधिकारियों को भी रौब गांठने में पीछे नहीं रहते थे। इसकी कई बार शिकायत शासन स्तर पर की गई थी। सूत्रों ने बताया कि सचिवालय में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे रिश्तेदारों को नाम बताकर सीएमएस अधिकारियों पर रौब झाड़ते थे।
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