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Farrukhabad News: सीएमओ व संगठन पदाधिकारियों में नोकझोंक
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फोटो - 12,
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन भुगतान न होने से नाराज संयुक्त कर्मचारी महासंंघ के पदाधिकारियों की सीएमओ से नोकझोंक हो गई। सीएमओ ने लेखाकार को बुलाकर वेतन की फाइल पर हस्ताक्षर किए। इस पर कर्मचारी नेताओं ने आभार जताया।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को फरवरी का वेतन भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। जबकि होली के मात्र दो दिन बचे हैं। हर माह की पांच तारीख तक कर्मचारियों को वेतन मिल जाता था। वेतन भुगतान को लेकर संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के संरक्षक राकेश सारस्वत, जिलाध्यक्ष दीपिका त्रिपाठी, महामंत्री प्रमोद दीक्षित, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सीएमओ से मिलने उनके कार्यालय गए। उन्होंने एनएचएम व स्थाई कर्मचारियों के वेतन, एसीपी व एरियर भुगतान की मांग की।
सीएमओ ने कहा कि रात एक बजे तक वह फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। 90 फीसदी संविदा कर्मियों का वेतन भुगतान हो चुका है। इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि जो 10 फीसदी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, उन्हें भी त्योहार मनाना है। अभी तक किसी भी स्थाई कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है। सीएमओ ने लेखाकार मोहित श्रीवास्तव को बुलाया और वेतन की फाइल पर हस्ताक्षर किए। बताया गया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की एसीपी की फाइल एक वर्ष से तैयार है, लेकिन हस्ताक्षर नहीं हुए।
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सीएमओ ने कहा कि पटल प्रभारी लिपिक ज्ञानदीप शर्मा 11 मार्च से गायब हैं। सीएमओ ने कहा एरियर किसका बकाया है, तो बताया गया कि कई कर्मचारी हैं। नाम न बताने को लेकर सीएमओ नाराज हो गए। कहा कि दबाव बनाने आए हो। इससे पहले फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह भी दबाव बना चुके हैं, उन पर कार्रवाई तय है। नेतागिरी करने वालों पर एफआईआर करा देंगे। इसी को लेकर नोकझोंक हो गई।
डिप्टी सीएमओ डाॅ. आरसी माथुर कर्मचारी नेताओं को समझाकर बाहर निकाल ले गए। सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि मार्च की वजह से वेतन में कुछ देरी हुई। वेतन भुगतान की फाइल कोषागार भेज दी गई है।
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन भुगतान न होने से नाराज संयुक्त कर्मचारी महासंंघ के पदाधिकारियों की सीएमओ से नोकझोंक हो गई। सीएमओ ने लेखाकार को बुलाकर वेतन की फाइल पर हस्ताक्षर किए। इस पर कर्मचारी नेताओं ने आभार जताया।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को फरवरी का वेतन भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। जबकि होली के मात्र दो दिन बचे हैं। हर माह की पांच तारीख तक कर्मचारियों को वेतन मिल जाता था। वेतन भुगतान को लेकर संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के संरक्षक राकेश सारस्वत, जिलाध्यक्ष दीपिका त्रिपाठी, महामंत्री प्रमोद दीक्षित, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सीएमओ से मिलने उनके कार्यालय गए। उन्होंने एनएचएम व स्थाई कर्मचारियों के वेतन, एसीपी व एरियर भुगतान की मांग की।
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सीएमओ ने कहा कि रात एक बजे तक वह फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। 90 फीसदी संविदा कर्मियों का वेतन भुगतान हो चुका है। इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि जो 10 फीसदी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, उन्हें भी त्योहार मनाना है। अभी तक किसी भी स्थाई कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है। सीएमओ ने लेखाकार मोहित श्रीवास्तव को बुलाया और वेतन की फाइल पर हस्ताक्षर किए। बताया गया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की एसीपी की फाइल एक वर्ष से तैयार है, लेकिन हस्ताक्षर नहीं हुए।
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सीएमओ ने कहा कि पटल प्रभारी लिपिक ज्ञानदीप शर्मा 11 मार्च से गायब हैं। सीएमओ ने कहा एरियर किसका बकाया है, तो बताया गया कि कई कर्मचारी हैं। नाम न बताने को लेकर सीएमओ नाराज हो गए। कहा कि दबाव बनाने आए हो। इससे पहले फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह भी दबाव बना चुके हैं, उन पर कार्रवाई तय है। नेतागिरी करने वालों पर एफआईआर करा देंगे। इसी को लेकर नोकझोंक हो गई।
डिप्टी सीएमओ डाॅ. आरसी माथुर कर्मचारी नेताओं को समझाकर बाहर निकाल ले गए। सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि मार्च की वजह से वेतन में कुछ देरी हुई। वेतन भुगतान की फाइल कोषागार भेज दी गई है।