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तत्कालीन एमडी समेत तीन पर रिपोर्ट के आदेश
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फर्रुखाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम लखनऊ के तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक संविदा कार्मिक एवं अनुशासनिक प्रबंध निदेशक, आगरा मथुरा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लि. आगरा के तत्कालीन प्रबंध निदेशक व फर्रुखाबाद जिले में तैनात रहे डीडीओ के खिलाफ रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है। इन पर वर्ष 2011 में 57 प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के फर्जी अभिलेख तैयार कर आगरा सिटी ट्रांसपोर्ट मेें परिचालक पद पर तैनाती किए जाने का आरोप लगाया गया है।
परिवहन कार्यालय अलीगढ़ में वरिष्ठ लेखाकार प्रवीण कुमार ने फर्रुखाबाद में तैनात रहे डीडीओ एके सिंह चंद्रौल, आगरा-मथुरा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लि. आगरा के तत्कालीन प्रबंध निदेशक नीरज सक्सेना, उप्र परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ के तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक संविदा कार्मिक एवं अनुशासनिक प्रबंध निदेशक जेएन सिन्हा के खिलाफ अदालत में अर्जी दायर की थी। इसमें कहा कि वह वर्ष 2011-12 में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त) पद पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम आगरा में तैनात थे।
तब डीडीओ एके सिंह चंद्रौल के पास जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज था। डीडीओ व तत्कालीन प्रबंध निदेशक सिटी ट्रांसपोर्ट आगरा के नीरज कुमार ने प्रांतीय रक्षक दल के 57 जवानों के फर्जी अभिलेख तैयार कराकर आगरा सिटी ट्रांसपोर्ट में परिचालक पद पर तैनाती कराई। 31 लोगों की नियुक्ति को सात जून 2011 को सूची भेजी थी। नियुक्ति पत्र 21 जुुलाई को जारी किए गए। 26 लोगों की 20 जुलाई को सूची भेेजी गई थी और नियुक्ति पत्र 17 अगस्त 2011 को जारी हुए। इसकी शिकायत एमडी जेएन सिन्हा से की थी। फर्जी नियुक्ति करने में शामिल होने से उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायतों पर रंजिश मानने के कारण आरोपी उनको लगातार धमकी दे रहे हैं। 2 मई 2019 को एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने फतेहगढ़ कोतवाल को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।
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परिवहन कार्यालय अलीगढ़ में वरिष्ठ लेखाकार प्रवीण कुमार ने फर्रुखाबाद में तैनात रहे डीडीओ एके सिंह चंद्रौल, आगरा-मथुरा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लि. आगरा के तत्कालीन प्रबंध निदेशक नीरज सक्सेना, उप्र परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ के तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक संविदा कार्मिक एवं अनुशासनिक प्रबंध निदेशक जेएन सिन्हा के खिलाफ अदालत में अर्जी दायर की थी। इसमें कहा कि वह वर्ष 2011-12 में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त) पद पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम आगरा में तैनात थे।
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तब डीडीओ एके सिंह चंद्रौल के पास जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज था। डीडीओ व तत्कालीन प्रबंध निदेशक सिटी ट्रांसपोर्ट आगरा के नीरज कुमार ने प्रांतीय रक्षक दल के 57 जवानों के फर्जी अभिलेख तैयार कराकर आगरा सिटी ट्रांसपोर्ट में परिचालक पद पर तैनाती कराई। 31 लोगों की नियुक्ति को सात जून 2011 को सूची भेजी थी। नियुक्ति पत्र 21 जुुलाई को जारी किए गए। 26 लोगों की 20 जुलाई को सूची भेेजी गई थी और नियुक्ति पत्र 17 अगस्त 2011 को जारी हुए। इसकी शिकायत एमडी जेएन सिन्हा से की थी। फर्जी नियुक्ति करने में शामिल होने से उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायतों पर रंजिश मानने के कारण आरोपी उनको लगातार धमकी दे रहे हैं। 2 मई 2019 को एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने फतेहगढ़ कोतवाल को रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।
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