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मेरठ के पीएसी जवान की हृदय गति रुकने से मौत
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फर्रुखाबाद। सेना में चल रही भर्ती में शांति-सुरक्षा की खातिर यहां आई 44वीं बटालियन पीएसी हापुड़ रोड मेरठ के जवान की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। अस्पताल में कोतवाली पुलिस भी पहुंची। शव मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दे दी गई है। वह मुजफ्फरनगर का मूल निवासी था।
सातनपुर मंडी में पीएसी बटालियन रुकी हुई है। सुबह करीब नौ बजे अंतरपाल(48) पुत्र भागमल सिंह निवासी मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर के गांव पुरवा ने सीने में दर्द होने की शिकायत की। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गए। इससे साथी जवानों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही विभागीय गाड़ी से दरोगा और स्टाफ अंतरपाल को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डा. अभिषेक चतुर्वेदी ने जवान की जांच की। मगर तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी करके शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया। डाक्टर ने बताया कि जवान की हृदय गति रुकने से मौत हुई है। पुलिस लाइन के आरआई किश्वर अली ने बताया कि अंतरपाल पीएसी में सात सितंबर 1988 को भर्ती हुए थे। उनके बच्चे मेरठ में रह रहे हैं। सूचना दे दी गई है। देर शाम तक परिजन नहीं पहुंचे थे।
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सातनपुर मंडी में पीएसी बटालियन रुकी हुई है। सुबह करीब नौ बजे अंतरपाल(48) पुत्र भागमल सिंह निवासी मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर के गांव पुरवा ने सीने में दर्द होने की शिकायत की। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गए। इससे साथी जवानों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही विभागीय गाड़ी से दरोगा और स्टाफ अंतरपाल को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डा. अभिषेक चतुर्वेदी ने जवान की जांच की। मगर तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
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इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी करके शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया। डाक्टर ने बताया कि जवान की हृदय गति रुकने से मौत हुई है। पुलिस लाइन के आरआई किश्वर अली ने बताया कि अंतरपाल पीएसी में सात सितंबर 1988 को भर्ती हुए थे। उनके बच्चे मेरठ में रह रहे हैं। सूचना दे दी गई है। देर शाम तक परिजन नहीं पहुंचे थे।
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