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मौत के साये में पढ़ रहे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:52 PM IST
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टूटा तार दिखाते ग्रामीण व शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय विद्यालय के ऊपर से गुजरी एचटी लाइन बार-बार टूटने से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली विभाग की अनदेखी से शिक्षकों और ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। 24 घंटे से एचटी लाइन न जोड़े जाने से नाराज शिक्षकों ने बच्चों को विद्यालय न तो बैठाया और न ही एमडीएम बनवाया। शिक्षकों ने दो टूक कहा कि लाइन बदलने के बाद ही बच्चों को पढ़ाएंगे। सूचना पर पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी ने रसोइयों से एमडीएम बनवाकर बच्चों को खिलवाया।
गांव टाडा बहरामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से एचटी लाइन गुजरी है। गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे एचटी लाइन का तार टूटकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि उस समय छुट्टी हो चुकी थी। इसकी सूचना ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को दी। ग्रामीणें का कहना है कि सप्लाई तो बंद कर दी गई लेकिन 24 घंटे बाद भी कोई कर्मचारी लाइन जोड़ने नही आया।
शुक्रवार सुबह जब गांव के बच्चे विद्यालय पहुंचे तो गुस्साए ग्रामीणों और शिक्षकों ने बच्चों को विद्यालय में नही बैठाया। प्रधान के घर पर बैठाकर पढ़ाई करवाई। इंचार्ज प्रधानाध्यापक नरेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक राजीव यादव, संतोष कुमार और सत्यवती की तैनाती है।
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उन्होंने बताया कि स्कूल के ऊपर से लाइन हटाए जाने को लेकर कई बार लिख चुके हैं। लगता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। वहीं, सूचना मिलने पर खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार सिंह विद्यालय पहुंचे। एमडीएम न बनने की जानकारी पर उन्होंने रसोइयों से एमडीएम बनवाकर बच्चों को बंटवाया।
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गांव टाडा बहरामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से एचटी लाइन गुजरी है। गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे एचटी लाइन का तार टूटकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि उस समय छुट्टी हो चुकी थी। इसकी सूचना ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को दी। ग्रामीणें का कहना है कि सप्लाई तो बंद कर दी गई लेकिन 24 घंटे बाद भी कोई कर्मचारी लाइन जोड़ने नही आया।
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शुक्रवार सुबह जब गांव के बच्चे विद्यालय पहुंचे तो गुस्साए ग्रामीणों और शिक्षकों ने बच्चों को विद्यालय में नही बैठाया। प्रधान के घर पर बैठाकर पढ़ाई करवाई। इंचार्ज प्रधानाध्यापक नरेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक राजीव यादव, संतोष कुमार और सत्यवती की तैनाती है।
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उन्होंने बताया कि स्कूल के ऊपर से लाइन हटाए जाने को लेकर कई बार लिख चुके हैं। लगता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। वहीं, सूचना मिलने पर खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार सिंह विद्यालय पहुंचे। एमडीएम न बनने की जानकारी पर उन्होंने रसोइयों से एमडीएम बनवाकर बच्चों को बंटवाया।