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पकड़े गए सम्मी व अजीत को पुलिस ने भेजा जेल
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सेना भर्ती में दूसरे युवकों को 50 हजार रुपये देकर दौड़ाने वाले दो युवकों को पकड़े जाने के मामले में आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। दोनों युवकों समेत पांच के खिलाफ भर्ती निदेशक बरेली के कर्नल ने मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक के पूछताछ करते ही पकड़े गए सम्मी ओर अजीत रोने लगे और कहा कि सर एक बार माफ कर दो।
फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजीमेंट सेंटर में मंगलवार को सेना के मैदान में दौड़ लगाने के बाद बायोमीट्रिक हाजिरी को अंगूठा लगाने की बारी आई, तो दो युवक लघुशंका के बहाने मैदान से दीवार कूद कर भाग गए। उनकी जगह पर दूसरे दो युवक दीवार फांदकर अंदर आ गए। जवानों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया।
इन्होंने अपने नाम सम्मी भाटी पुत्र श्योपाल सिंह निवासी तेलियां घाट थाना खुर्जा जिला बुलंदशहर, दूसरे युवक ने अपना नाम अजीत भाटी पुत्र ओम प्रकाश भाटी निवासी गांव कलुदिया थाना खुर्जा जिला बुलंदशहर बताए। भर्ती निदेशक कर्नल समीर सरधाना की तहरीर पर दोनों युवकों, उनके स्थान पर दौड़ने वाले देवेंद्र व मोहित और दलाल कपिल के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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विवेचक दरोगा रामसेवक वर्मा ने पूछताछ की तो आरोपियों ने उनके पैर पकड़ लिए। कहा कि एक बार माफ कर दो फिर कभी भर्ती नहीं देखने आएंगे। दोनों ने कहा कि कपिल निवासी गांव फुलेदा जिला बुलंदशहर के कहने पर 50-50 हजार रुपये देकर फंस गए।
रुपये चले गए और अब जेल भी जाना पड़ रहा है। पुलिस ने दोनों का लोहिया में मेडिकल करवाकर बुधवार दोपहर उनका चालान कर दिया। अदालत ने दोनों को धोखाधड़ी के आरोप में जले भेजने का आदेश दिया। विवेचक ने पुलिस फोर्स के साथ दोनों आरोपियों को जिला जेल में दाखिल कर दिया।
सिख लाइट रेजीमेंट के दोनों जवानों को मिली क्लीन चिट
विवेचक रामसेवक वर्मा ने बुधवार को सिख लाइट रेजीमेंट के जवान गुरजीत सिंह व छिंदुपाल सिंह के बयान दर्ज किए। दोनों ने बताया कि मैदान में दौड़ लगाकर दो नवयुवक उनके पास आए और कहा कि लघुुशंका करने जाना है।
इस पर उनको जाने दिया। वह दोनों दीवार फांदकर भाग गए और बाद में बाहर से दीवार फांदकर आए सम्मी व अजीत को अंदर घुसते ही पकड़ लिया। भर्ती निदेशक की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में दोनों जवानों के नाम भी शामिल थे। विवेचक ने पूछताछ के बाद दोनों जवानों को क्लीन चिट दे दी गई।
मार्कशीट स्कैन करके बनवाई, सामान्य निवास प्रमाण पत्र लखीमपुर से जारी नहीं हुए
सेना भर्ती में पकड़े गए सम्मी के पास से हाईस्कूल की मार्कशीट मिली थी। उस पर बंधु इंटर कालेज बलरामपुर लिखा था। जब विवेचक ने जांच कराई तो बंधु इंटर कालेज खुर्जा जिला बुलंदशहर से वह मार्कशीट दी गई थी। वहीं से सम्मी ने हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी।
उसने मार्कशीट स्कैन करके बलरामपुर लिखवा दिया और कालेज का नाम वही रखा। सम्मी व अजीत से मिले सामान्य निवास प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो पता चला कि दोनों प्रमाण पत्र जिला लखीमपुर खीरी से जारी ही नहीं किए गए। दोनों सामान्य निवास प्रमाण पत्र बुलंदशहर के दलाल कपिल ने दस-दस हजार रुपये लेकर फर्जी मुहर लगाकर बनवा दिए थे।
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फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजीमेंट सेंटर में मंगलवार को सेना के मैदान में दौड़ लगाने के बाद बायोमीट्रिक हाजिरी को अंगूठा लगाने की बारी आई, तो दो युवक लघुशंका के बहाने मैदान से दीवार कूद कर भाग गए। उनकी जगह पर दूसरे दो युवक दीवार फांदकर अंदर आ गए। जवानों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया।
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इन्होंने अपने नाम सम्मी भाटी पुत्र श्योपाल सिंह निवासी तेलियां घाट थाना खुर्जा जिला बुलंदशहर, दूसरे युवक ने अपना नाम अजीत भाटी पुत्र ओम प्रकाश भाटी निवासी गांव कलुदिया थाना खुर्जा जिला बुलंदशहर बताए। भर्ती निदेशक कर्नल समीर सरधाना की तहरीर पर दोनों युवकों, उनके स्थान पर दौड़ने वाले देवेंद्र व मोहित और दलाल कपिल के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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विवेचक दरोगा रामसेवक वर्मा ने पूछताछ की तो आरोपियों ने उनके पैर पकड़ लिए। कहा कि एक बार माफ कर दो फिर कभी भर्ती नहीं देखने आएंगे। दोनों ने कहा कि कपिल निवासी गांव फुलेदा जिला बुलंदशहर के कहने पर 50-50 हजार रुपये देकर फंस गए।
रुपये चले गए और अब जेल भी जाना पड़ रहा है। पुलिस ने दोनों का लोहिया में मेडिकल करवाकर बुधवार दोपहर उनका चालान कर दिया। अदालत ने दोनों को धोखाधड़ी के आरोप में जले भेजने का आदेश दिया। विवेचक ने पुलिस फोर्स के साथ दोनों आरोपियों को जिला जेल में दाखिल कर दिया।
सिख लाइट रेजीमेंट के दोनों जवानों को मिली क्लीन चिट
विवेचक रामसेवक वर्मा ने बुधवार को सिख लाइट रेजीमेंट के जवान गुरजीत सिंह व छिंदुपाल सिंह के बयान दर्ज किए। दोनों ने बताया कि मैदान में दौड़ लगाकर दो नवयुवक उनके पास आए और कहा कि लघुुशंका करने जाना है।
इस पर उनको जाने दिया। वह दोनों दीवार फांदकर भाग गए और बाद में बाहर से दीवार फांदकर आए सम्मी व अजीत को अंदर घुसते ही पकड़ लिया। भर्ती निदेशक की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में दोनों जवानों के नाम भी शामिल थे। विवेचक ने पूछताछ के बाद दोनों जवानों को क्लीन चिट दे दी गई।
मार्कशीट स्कैन करके बनवाई, सामान्य निवास प्रमाण पत्र लखीमपुर से जारी नहीं हुए
सेना भर्ती में पकड़े गए सम्मी के पास से हाईस्कूल की मार्कशीट मिली थी। उस पर बंधु इंटर कालेज बलरामपुर लिखा था। जब विवेचक ने जांच कराई तो बंधु इंटर कालेज खुर्जा जिला बुलंदशहर से वह मार्कशीट दी गई थी। वहीं से सम्मी ने हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी।
उसने मार्कशीट स्कैन करके बलरामपुर लिखवा दिया और कालेज का नाम वही रखा। सम्मी व अजीत से मिले सामान्य निवास प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो पता चला कि दोनों प्रमाण पत्र जिला लखीमपुर खीरी से जारी ही नहीं किए गए। दोनों सामान्य निवास प्रमाण पत्र बुलंदशहर के दलाल कपिल ने दस-दस हजार रुपये लेकर फर्जी मुहर लगाकर बनवा दिए थे।