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करथिया गांव में माहौल शांत, पुलिस कर रही निगरानी
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फसुभाष व उसकी पत्नी के खात्मे के बाद गांव में माहौल शांत है। हालांकि गांव के हर नुक्कड़ व तिराहे पर सुभाष के कारनामों की चर्चा होती रहती है। पुलिस की टीमें दिनरात भ्रमण कर रही हैं। रूबी की हत्या में 300 ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से लोग कुछ भी बताने से कतरा रहे है। गांव का चौकीदार भी सुभाष की करतूत से हैरान है।
गांव करथिया के चौकीदार प्रभूदयाल कठेरिया ने बताया कि वह अक्सर गांव में घूमता था और कभी सुभाष से उसकी बात भी हो जाती थी। सुभाष इतना बड़ा बदमाश है जो पूरे गांव को बम से उड़ाने की दम रखता है इसका जरा भी अंदाजा नहीं था। सुभाष की बिरादरी के मुनेश्वर दयाल ने बताया कि सुभाष बारूद एकत्र करता रहा पर किसी को भनक तक नहीं लगी।
राजीव कुमार प्रजापति ने बताया कि गांव के 25 बच्चों को सुभाष के बंधक बनाने की बात पर पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ था। मौके पर गया तो उसने धमाका किया। इसमें कोतवाल व दीवान घायल हो गए। ये देखकर उसके होश उड़ गए। पदम सिंह चंदेल का कहना है कि सुभाष इतना बड़ा अपराधी नहीं था। पुलिस की प्रताड़ना ने उसे यह सब करने पर मजबूर कर दिया।
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पड़ोसी पर बंदूक तान कर दी थी हत्या की धमकी
सुभाष ने रूबी कठेरिया से प्रेम विवाह कर लिया था। उसके बाद से बिरादरी के लोगों ने उसे किसी भी कार्यक्रम में घर बुलाना बंद कर दिया था। लगभग एक वर्ष पहले पड़ोसी जगपाल बाथम ने पिता रामनरेश की तेरहवीं में सुभाष को नहीं बुलाया। इस पर सुभाष बंदूक निकालकर जगपाल के घर पर हत्या करने के इरादे से गया। इसके बाद जगपाल के घरवाले अपना मकान खाली करके कई दिनों तक दूसरे लोगों के घरों में सोने को मजबूर रहे थे।
भाई के हिस्से की छह डिसमिल जमीन भी बेच ली थी
मां सगुना देवी ने बताया कि छोटे बेटे सोविंद की मौत के बाद मुकदमे में पैरवी के लिए सुभाष ने अपने भाई के हिस्से की छह डिसमिल जमीन भी अपने नाम पर बैनामा करवाने के बाद बेच ली थी। छोटे भाई की पत्नी गिड़गिड़ाती रही पर सुभाष ने उसे एक रुपये नहीं दिया था।
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गांव करथिया के चौकीदार प्रभूदयाल कठेरिया ने बताया कि वह अक्सर गांव में घूमता था और कभी सुभाष से उसकी बात भी हो जाती थी। सुभाष इतना बड़ा बदमाश है जो पूरे गांव को बम से उड़ाने की दम रखता है इसका जरा भी अंदाजा नहीं था। सुभाष की बिरादरी के मुनेश्वर दयाल ने बताया कि सुभाष बारूद एकत्र करता रहा पर किसी को भनक तक नहीं लगी।
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राजीव कुमार प्रजापति ने बताया कि गांव के 25 बच्चों को सुभाष के बंधक बनाने की बात पर पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ था। मौके पर गया तो उसने धमाका किया। इसमें कोतवाल व दीवान घायल हो गए। ये देखकर उसके होश उड़ गए। पदम सिंह चंदेल का कहना है कि सुभाष इतना बड़ा अपराधी नहीं था। पुलिस की प्रताड़ना ने उसे यह सब करने पर मजबूर कर दिया।
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पड़ोसी पर बंदूक तान कर दी थी हत्या की धमकी
सुभाष ने रूबी कठेरिया से प्रेम विवाह कर लिया था। उसके बाद से बिरादरी के लोगों ने उसे किसी भी कार्यक्रम में घर बुलाना बंद कर दिया था। लगभग एक वर्ष पहले पड़ोसी जगपाल बाथम ने पिता रामनरेश की तेरहवीं में सुभाष को नहीं बुलाया। इस पर सुभाष बंदूक निकालकर जगपाल के घर पर हत्या करने के इरादे से गया। इसके बाद जगपाल के घरवाले अपना मकान खाली करके कई दिनों तक दूसरे लोगों के घरों में सोने को मजबूर रहे थे।
भाई के हिस्से की छह डिसमिल जमीन भी बेच ली थी
मां सगुना देवी ने बताया कि छोटे बेटे सोविंद की मौत के बाद मुकदमे में पैरवी के लिए सुभाष ने अपने भाई के हिस्से की छह डिसमिल जमीन भी अपने नाम पर बैनामा करवाने के बाद बेच ली थी। छोटे भाई की पत्नी गिड़गिड़ाती रही पर सुभाष ने उसे एक रुपये नहीं दिया था।