{"_id":"5e317fbb8ebc3e4ae9529a59","slug":"caa-protesters-clash-with-police-farrukhabad-news-knp541131692","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएए के विरोध में पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प, भीड़ को खदेड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएए के विरोध में पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प, भीड़ को खदेड़ा
विज्ञापन
कमालगंज बाजार में बंद दुकानें।
- फोटो : FARRUKHABAD
सीएए व एनआरसी के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा के भारत बंद एलान के तहत प्रदर्शन को जुट रहे लोगों को पुलिस ने रोक दिया। प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया। वार्ता के दौरान वीडियो बना रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में कोतवाली से कुछ घंटे बाद छोड़ दिया।
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसे कई अन्य संगठनों का भी समर्थन प्राप्त था। बुधवार को दुकानें बंद रहीं। शाम को कुछ दुकानें खुल गईं।
इसके तहत दोपहर करीब 12 बजे नगर की जामा मस्जिद के पास बहुजन क्रांति मोर्चा के जिलाध्यक्ष धनीराम पाल एडवोकेट के नेतृत्व में लोग एकत्र हुए। यहां से बैनर, पट्टिकाएं लेकर पुल गालिब तिराहे के पास मकबरे पर जा रहे। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ रहे थे। तभी सबसे पहले चौकी प्रभारी दिनेश भारती वहां पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने उन्हें रोका, लेकिन लोग नहीं रुके। प्रदर्शनकारी पोस्टआफिस तक पहुंच गए। मकबरे पर उन्हें कुछ देर सभा करना थी। तभी इंस्पेक्टर डॉ. विनय राय व कंपिल थानाध्यक्ष देवेंद्र गंगवार फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। पुलिस ने पोस्ट आफिस के पास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और परमीशन दिखाने कहा।
अधिवक्ता धनीराम पाल ने कहा आपसे मौखिक बात हुई थी। पुलिस ने लिखित परमीशन मांगी तो प्रदर्शनकारियों व पुलिस मे तीखी नोकझोंक होने लगी। एक प्रदर्शनकारी युवक वार्ता के दौरान वीडियो बना रहा था। इंस्पेक्टर ने विरोध किया और मोबाइल छीनकर उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद भीड़ तितर बितर होने लगी तो पुलिस हावी हो गई।
बाकी बचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठियां पटककर दौड़ा दिया। अधिवक्ता तहसील गेट पर पहुंच गए। इंस्पेक्टर ने वहां पहुंचकर उनसे सख्त लहजे में बात की। इस दौरान सीएए के समर्थक लोग भी पहुंच गए। फिर पुलिस हावी हो गई। अधिवक्ता के तेवर ढीले पड़ गए। इसके बाद पुलिस ने छिपे लोगों की तलाश की। पुलिस ने कहा दुकानें बंद रखें।
इसमें कोई एतराज नहीं है, लेकिन सड़क पर प्रदर्शन करते दिखे सख्त रुख अपनाया जाएगा। मस्जिद के बाहर पहुंचकर इमाम को तलाश किया, लेकिन वह वहां नहीं मिले। हिरासत में लिए गए युवक को बाद में छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसे कई अन्य संगठनों का भी समर्थन प्राप्त था। बुधवार को दुकानें बंद रहीं। शाम को कुछ दुकानें खुल गईं।
विज्ञापन
इसके तहत दोपहर करीब 12 बजे नगर की जामा मस्जिद के पास बहुजन क्रांति मोर्चा के जिलाध्यक्ष धनीराम पाल एडवोकेट के नेतृत्व में लोग एकत्र हुए। यहां से बैनर, पट्टिकाएं लेकर पुल गालिब तिराहे के पास मकबरे पर जा रहे। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ रहे थे। तभी सबसे पहले चौकी प्रभारी दिनेश भारती वहां पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने उन्हें रोका, लेकिन लोग नहीं रुके। प्रदर्शनकारी पोस्टआफिस तक पहुंच गए। मकबरे पर उन्हें कुछ देर सभा करना थी। तभी इंस्पेक्टर डॉ. विनय राय व कंपिल थानाध्यक्ष देवेंद्र गंगवार फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। पुलिस ने पोस्ट आफिस के पास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और परमीशन दिखाने कहा।
अधिवक्ता धनीराम पाल ने कहा आपसे मौखिक बात हुई थी। पुलिस ने लिखित परमीशन मांगी तो प्रदर्शनकारियों व पुलिस मे तीखी नोकझोंक होने लगी। एक प्रदर्शनकारी युवक वार्ता के दौरान वीडियो बना रहा था। इंस्पेक्टर ने विरोध किया और मोबाइल छीनकर उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद भीड़ तितर बितर होने लगी तो पुलिस हावी हो गई।
बाकी बचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठियां पटककर दौड़ा दिया। अधिवक्ता तहसील गेट पर पहुंच गए। इंस्पेक्टर ने वहां पहुंचकर उनसे सख्त लहजे में बात की। इस दौरान सीएए के समर्थक लोग भी पहुंच गए। फिर पुलिस हावी हो गई। अधिवक्ता के तेवर ढीले पड़ गए। इसके बाद पुलिस ने छिपे लोगों की तलाश की। पुलिस ने कहा दुकानें बंद रखें।
इसमें कोई एतराज नहीं है, लेकिन सड़क पर प्रदर्शन करते दिखे सख्त रुख अपनाया जाएगा। मस्जिद के बाहर पहुंचकर इमाम को तलाश किया, लेकिन वह वहां नहीं मिले। हिरासत में लिए गए युवक को बाद में छोड़ दिया गया।