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बिना अनुमति आईं कौशांबी डिपो की दो बसें पकड़ीं
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फर्रुखाबाद। बिना अनुमति आईं कौशांबी डिपो की दो बसों को केंद्र प्रभारी ने पकड़ लिया। उनके वे बिल, इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) भी कब्जे में ले लिए। संबंधित डिपो के अफसरों से वार्ता के पांच घंटे बाद बसों को रवाना किया गया।
कौशांबी डिपो की एक बस गुरुवार सुबह यहां पहुंची। उस समय स्थानीय डिपो की कई बसें दिल्ली जाने के लिए अपनी बारी के लिहाज से नंबर लगाए खड़ी थीं। कौशांबी डिपो की बस के चालक-परिचालक ने बस को कुछ देर खड़ा किया। रोड के किनारे से आठ-दस सवारियां भरीं और जाने लगे। स्टाफ ने इसकी सूचना केंद्र प्रभारी उर्मिला दुबे को दी। केंद्र प्रभारी ने बसों के चालक-परिचालकों को बस पकड़ने के निर्देश दिए। इस पर बस को लालगेट मोड़ पर पकड़कर स्टैंड पर खड़ा करवा लिया गया। केंद्र प्रभारी ने जब उसकी ड्यूटी स्लिप देेखी, तो वह कौशांबी से कायमगंज तक की थी। इससे साफ हो गया कि वह बस अवैध रूप से फर्रुखाबाद बस स्टैंड तक लाई गई थी।
कुछ देर बाद उसी डिपो की दूसरी बस आई, तो स्टाफ से ड्यूटी स्लिप की जांच की गई। इस बस के पास कंप्यूटराइज्ड की बजाय हाथ से लिखी स्लिप थी। उस पर फर्रुखाबाद/मैनपुरी लिखा गया था। इस स्लिप को भी केंद्र प्रभारी ने अवैध मानते हुए बस को खड़ा करवा दिया। करीब पांच घंटे बसें खड़ी रखने के बाद हिदायत देकर छोड़ा गया।
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यदि कोई रोडवेज बस बिना ड्यूटी स्लिप के रोड पर जाती है, तो वह डग्गामार की श्रेणी में आती है। केंद्र प्रभारी उर्मिला दुबे ने बताया कि यदि इस बीच कोई हादसा होता है, तो चालक-परिचालक ही जिम्मेदार होगा। लिहाजा उन्हें सख्त हिदायत दी गई है।
‘कौशांबी डिपो की सीएनजी वाली बसें अवैध रूप से यहां तक लाई जा रही थीं। दोनों बसों के स्टाफ को हिदायत देकर छोड़ा गया है। अब अगर बसें आईं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखेंगे।’ -आरसी यादव, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो।
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कौशांबी डिपो की एक बस गुरुवार सुबह यहां पहुंची। उस समय स्थानीय डिपो की कई बसें दिल्ली जाने के लिए अपनी बारी के लिहाज से नंबर लगाए खड़ी थीं। कौशांबी डिपो की बस के चालक-परिचालक ने बस को कुछ देर खड़ा किया। रोड के किनारे से आठ-दस सवारियां भरीं और जाने लगे। स्टाफ ने इसकी सूचना केंद्र प्रभारी उर्मिला दुबे को दी। केंद्र प्रभारी ने बसों के चालक-परिचालकों को बस पकड़ने के निर्देश दिए। इस पर बस को लालगेट मोड़ पर पकड़कर स्टैंड पर खड़ा करवा लिया गया। केंद्र प्रभारी ने जब उसकी ड्यूटी स्लिप देेखी, तो वह कौशांबी से कायमगंज तक की थी। इससे साफ हो गया कि वह बस अवैध रूप से फर्रुखाबाद बस स्टैंड तक लाई गई थी।
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कुछ देर बाद उसी डिपो की दूसरी बस आई, तो स्टाफ से ड्यूटी स्लिप की जांच की गई। इस बस के पास कंप्यूटराइज्ड की बजाय हाथ से लिखी स्लिप थी। उस पर फर्रुखाबाद/मैनपुरी लिखा गया था। इस स्लिप को भी केंद्र प्रभारी ने अवैध मानते हुए बस को खड़ा करवा दिया। करीब पांच घंटे बसें खड़ी रखने के बाद हिदायत देकर छोड़ा गया।
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यदि कोई रोडवेज बस बिना ड्यूटी स्लिप के रोड पर जाती है, तो वह डग्गामार की श्रेणी में आती है। केंद्र प्रभारी उर्मिला दुबे ने बताया कि यदि इस बीच कोई हादसा होता है, तो चालक-परिचालक ही जिम्मेदार होगा। लिहाजा उन्हें सख्त हिदायत दी गई है।
‘कौशांबी डिपो की सीएनजी वाली बसें अवैध रूप से यहां तक लाई जा रही थीं। दोनों बसों के स्टाफ को हिदायत देकर छोड़ा गया है। अब अगर बसें आईं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखेंगे।’ -आरसी यादव, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो।