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जल रहा बंच केबल, टूट रहे तार, फुंक रहे ट्रांसफार्मर
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भोलेपुर बेवर रोड स्थित वर्कशॉप में रखे ट्रांसफार्मर। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। तापमान 46 डिग्री तक पहुंचने से शहर में जर्जर बंच केबल लोड नहीं ले पा रहे हैं। गांवों में 11 केवी के तार टूटकर गिर रहे हैं। लाइन में बार-बार फाल्ट होने से हर रोज सात-आठ ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। अप्रैल में 174 ट्रांसफार्मर फुुंके तो मई में यह संख्या 230 पहुंच गई। इससे शहर से गांव तक बिजली संकट गहरा गया है। बिजली विभाग के भंडार गृह में बंच केबल और अन्य सामग्री न होने से व्यवस्था दुरुस्त करने में कर्मचारी हांफ रहे हैं।
शहर में बिजली चोरी रोकने और बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए करीब 10 साल पहले बंच केबल डाले गए थे। लोड बढ़ने और उम्र पूरी होने से बंच केबल जर्जर हो गए हैं। इससे आए दिन फाल्ट होने से जगह-जगह जोड़ लग गए हैं। गांवों में 11 केवी के तार भी जर्जर होकर झूल रहे हैं। इन्हें दुरुस्त नहीं कराया गया। भीषण गर्मी में जर्जर बंच केबल रोजाना कहीं न कहीं जल रहे हैं। इसका असर पड़ने से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।
गांवों में मक्का की फसल की सिंचाई के लिए बिजली की मांग अधिक होने से ओवरलोड ट्रांसफार्मर दगा रहे हैं। अप्रैल में कायमगंज डिवीजन क्षेत्र में 57, ग्रामीण खंड क्षेत्र में 105 और शहरी क्षेत्र में 12 ट्रांसफार्मर फुंके।
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मई में इनकी संख्या में इजाफा हुआ। कायमगंज में 70, ग्रामीण खंड क्षेत्र में 136 और शहरी क्षेत्र में अप्रैल से दोगुने यानी 24 ट्रांसफार्मर फुंके हैं। इससे शहर से लेकर गांव तक के उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।
बंच केबल न पड़ने से विभाग को लाखों का नुकसान
पुराने बंच केबल के स्थान पर नया केबल न डलवाने से ट्रांसफार्मरों के फुंकने में इजाफा होने से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। फुंके ट्रांसफार्मरों को विभागीय वर्कशॉप में दोबारा से तैयार कराया जाता है।
10 केवीए के एक ट्रांसफार्मर को रिपेयर कराने में 8,200, 16 केवीए पर 13,000, 25 केवीए पर 15,400, 63 केवीए पर 23,800 रुपये, 100 केवीए पर 30,800, 250 केवीए पर 50,600 और 400 केवीए पर 72,000 रुपये के हिसाब से विभाग को खर्च करना पड़ रहा है।
10 किलोमीटर बंच केबल और ओवरलोड ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था। कुछ ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हुई है। केबल अभी तक नहीं मिला है, दोबारा मांगपत्र भेजा गया है। -एसके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता।
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शहर में बिजली चोरी रोकने और बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए करीब 10 साल पहले बंच केबल डाले गए थे। लोड बढ़ने और उम्र पूरी होने से बंच केबल जर्जर हो गए हैं। इससे आए दिन फाल्ट होने से जगह-जगह जोड़ लग गए हैं। गांवों में 11 केवी के तार भी जर्जर होकर झूल रहे हैं। इन्हें दुरुस्त नहीं कराया गया। भीषण गर्मी में जर्जर बंच केबल रोजाना कहीं न कहीं जल रहे हैं। इसका असर पड़ने से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।
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गांवों में मक्का की फसल की सिंचाई के लिए बिजली की मांग अधिक होने से ओवरलोड ट्रांसफार्मर दगा रहे हैं। अप्रैल में कायमगंज डिवीजन क्षेत्र में 57, ग्रामीण खंड क्षेत्र में 105 और शहरी क्षेत्र में 12 ट्रांसफार्मर फुंके।
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मई में इनकी संख्या में इजाफा हुआ। कायमगंज में 70, ग्रामीण खंड क्षेत्र में 136 और शहरी क्षेत्र में अप्रैल से दोगुने यानी 24 ट्रांसफार्मर फुंके हैं। इससे शहर से लेकर गांव तक के उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।
बंच केबल न पड़ने से विभाग को लाखों का नुकसान
पुराने बंच केबल के स्थान पर नया केबल न डलवाने से ट्रांसफार्मरों के फुंकने में इजाफा होने से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। फुंके ट्रांसफार्मरों को विभागीय वर्कशॉप में दोबारा से तैयार कराया जाता है।
10 केवीए के एक ट्रांसफार्मर को रिपेयर कराने में 8,200, 16 केवीए पर 13,000, 25 केवीए पर 15,400, 63 केवीए पर 23,800 रुपये, 100 केवीए पर 30,800, 250 केवीए पर 50,600 और 400 केवीए पर 72,000 रुपये के हिसाब से विभाग को खर्च करना पड़ रहा है।
10 किलोमीटर बंच केबल और ओवरलोड ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था। कुछ ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हुई है। केबल अभी तक नहीं मिला है, दोबारा मांगपत्र भेजा गया है। -एसके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता।