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वक्फ भूमि के अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर, कारखाना भी ध्वस्त

Mon, 04 Apr 2022 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 12:09 AM IST
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Bulldozer went on encroachment of Waqf land, factory also demolished
शहर के भोपतपट्टी में स्थित कारखाने में बने पानी के टैंक को तोड़ती जेसीबी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। वक्फ की भूमि पर बने कब्रिस्तान पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने रविवार को बुलडोजर से ढहा दिया। यहां चल रहा कपड़ा छपाई कारखाना भी ध्वस्त कर दिया गया। बाद में बिना नोटिस कारखाना ढहाने के विरोध में परिजनों ने लेखपाल को घेरकर बाइक की चाबी निकाल ली। नायब तहसीलदार के आने पर उनकी जीप घेर ली। पुलिस ने किसी तरह समझाकर परिजनों को शांत किया।
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शहर के मोहल्ला भोपतपट्टी स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मोहल्ला बूरा वाली गली निवासी मुतबल्ली मो. हुसैन रिजवी ने मुख्यमंत्री से की थी। शासन के आदेश पर नायब तहसीलदार रविंद्र पाल रविवार की दोपहर आईटीआई चौकी प्रभारी विश्वनाथ आर्य, लेखपाल रोशनलाल, गौरव अग्निहोत्री, अजीत दुबे के अलावा नगर पालिका कर्मी और जेसीबी के साथ पहुंचे।
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टीम ने सबसे पहले विजय कुमार का पक्का अतिक्रमण जेसीबी से ढहाया। इसके बाद भानू और रामलखन का अतिक्रमण हटाकर वक्फ भूमि कब्जामुक्त कराई गई। इस बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई विरोध नहीं हुआ। प्रदीप कुशवाहा का मकान व कपड़ा छपाई कारखाना भी वक्फ भूमि पर ही बना था।
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अधिकारियों ने पहले नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने पर विचार-विमर्श किया, लेकिन बाद में कारखाने पर भी बुलडोजर चलने लगा। एक दीवार ढहने के बाद प्रदीप के परिजनों ने खुद अतिक्रमण हटाने की मोहलत मांगी। अधिकारियों के न मानने पर कारखाने पर लगा टिन शेड खुद ही उखाड़कर सुरक्षित कर लिया। पानी के टैंक के साथ ही पाइप लाइन और दूसरी दीवार भी जेसीबी से ढहा दी गई।
अतिक्रमण हटाने के बाद नगर पालिका कर्मचारी और नायब तहसीलदार चले गए। लेखपाल रोशनलाल, अजीत दुबे व गौरव अग्निहोत्री अतिक्रमण स्थल से सड़क पर पहुंचे। इसी बीच प्रदीप कुशवाहा के परिजन व महिलाओं ने लेखपाल रोशनलाल को घेर लिया और उनकी बाइक की चाबी निकाल ली। कहा कि ध्वस्तीकरण का आदेश दिखाओ। लेखपाल ने कहा कि वह तो कर्मचारी हैं।
आदेश तो अधिकारियों से मांगों। इसको लेकर लेखपाल को जमकर खरीखोटी सुनाई। लेखपाल के फोन करने पर आईटीआई चौकी प्रभारी ने आकर परिजनों को समझाया और बाइक की चाबी दिलवाई। इसी बीच नायब तहसीलदार रविंद्र पाल भी पहुंचे तो परिजनों ने उनकी जीप घेर ली और आदेश व नोटिस मांगने लगे। वहां चौकी प्रभारी ने किसी तरह परिजनों को हटाकर नायब तहसीलदार को वहां से निकाला। प्रदीप कुशवाहा के परिजनों से कहा कि वह अपने मकान के कागजात लेकर सोमवार को सुबह 10 बजे कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को दिखा दें। वहां जो भी अपना पक्ष रखना हो वह रख सकते हैं। शासन के आदेश पर ध्वस्तीकरण किया गया है।

परिजनों ने लगाया बिना नोटिस ध्वस्तीकरण का आरोप
छपाई कारखाना ढहाने के दौरान प्रदीप कुशवाहा की पत्नी सरोजनी ने आरोप लगाया उनके कारखाने के पीछे मस्जिद तोड़कर प्लॉट बेच लिया गया। उसे अधिकारी खाली नहीं करा रहे हैं। बताया कि उन्होंने 40 वर्ष पहले आशिक अली से भूमि का बैनामा कराया था। प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का कोई नोटिस भी नहीं दिया और अचानक बुलडोजर से कारखाना ढहा दिया। अब तो उनकी रोजी-रोटी भी छिन गई है। वह परिवार को लेकर कहां जाएं।

शहर के भोपतपट्टी में कारखाने को गिराती जेसीबी व टिन शेड को उतारते परिजन। संवाद

शहर के भोपतपट्टी में कारखाने को गिराती जेसीबी व टिन शेड को उतारते परिजन। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

शहर के भोपतपट्टी में नायब तहसीलदार की गाड़ी का घेराव किए खड़े कारखाना मालिक के परिजन। संवाद

शहर के भोपतपट्टी में नायब तहसीलदार की गाड़ी का घेराव किए खड़े कारखाना मालिक के परिजन। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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