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बसपा नेता अनुपम दुबे ने रची थी व्यापारी पर हमले कीसाजिश

Tue, 28 Sep 2021 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Sep 2021 11:12 PM IST
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BSP leader Anupam Dubey had hatched a conspiracy to attack the businessman
बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे को अदालत में पेशी पर ले जाते पुलिसकर्मी, धमकी देने के दो मुकदमों में थी पे? - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। व्यापारी पर हमला करने की साजिश बसपा नेता ने रची थी। सीओ सिटी ने विवेचना में बसपा नेता को आरोपी बनाया है। व्यापारी को एसपी के आदेश पर पुलिस लाइन से गनर मुहैया करवा दिया गया है।
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शहर के मोहल्ला मजीद स्ट्रीट निवासी व्यापारी मोहन अग्रवाल ने दस अक्तूबर 2010 को मोहल्ला वृंदावन वाली गली निवासी सोनी रस्तोगी, वंशी रस्तोगी, गौरव गुप्ता समेत तीस लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले, रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में बसपा नेता अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन का नाम भी सामने आया। इस पर पुलिस सोनी, वंशी और डब्बन को जेल भेज चुका है।
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विवेचनाधिकारी सीओ सिटी नितेश सिंह ने बताया कि व्यापारी पर हमले की साजिश में अनुपम दुबे भी शामिल रहे हैं। वादी और गवाहों के बयानों के आधार पर मुकदमे में उनका नाम भी जोड़ दिया गया है।
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एसपी के आदेश पर वादी व्यापारी मोहन अग्रवाल को गनर भी मुहैया करा दिया गया है। सीओ सिटी ने बताया कि मैनपुरी जेल में बंद अनुपम को जल्द ही इस मुकदमे का नोटिस तामील करा दिया जाएगा।
डब्बन का आपराधिक इतिहास किया तलब
फर्रुखाबाद। व्यापारी मोहन अग्रवाल पर हमले, रंगदारी मांगने, हमला, फायरिंग और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन दुबे 24 सितंबर को जेल भेजे गए थे। अधिवक्ता जितेंद्र सिंह चौहान ने आरोपी डब्बन की जमानत के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी लगाई। सुनवाई के बाद प्रभारी सीजेएम ने शहर कोतवाल से डब्बन का आपराधिक इतिहास तलब किया है। सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख लगाई गई है। डब्बन के खिलाफ मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव सहसापुर निवासी बृजेश कुमार सिंह ने भी फतेहगढ़ कोतवाली में धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में भी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी पेश की। इस मुकदमे में आरोपी डब्बन अभी न्यायिक अभिरक्षा मेें नहीं हैं, इसलिए प्रभारी सीजेएम ने पत्र को निरस्त कर दिया।
धमकी देने के दोनों मुकदमों में अनुपम को मिली जमानत
फर्रुखाबाद। अदालत में पेशी के दौरान दो लोगों को धमकी देने के मुकदमों में बसपा नेता अनुपम दुबे को प्रभारी सीजेएम ने मंगलवार को जमानत दे दी है।
कन्नौज जिले के छिबरामऊ के मोहल्ला बस्तीराम निवासी राजेश सिंह चौहान ने बसपा नेता डॉ. अनुपम दुुबे खिलाफ धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप है कि 14 सितंबर को निजी काम से फर्रुखाबाद कचहरी आए थे। वहां बसपा नेता अनुपम दुबे ने जान से मारने की धमकी दी। धमकी देने का दूसरा मुकदमा मोहम्मदाबाद के गांव नकटपुर निवासी रक्षपाल सिंह यादव ने दर्ज कराया था। इसमें भी 14 सितंबर को अनुपम दुबे पर कचहरी परिसर में पानी टंकी के पास जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
दोनों मुकदमों में रिमांड कराने के लिए विवेचक ने कोर्ट में बी वारंट से अनुपम दुुबे को तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सीजेएम के आदेश पर बी वारंट पर अनुपम को मैनपुरी जेल से कड़ी सुरक्षा में मंगलवार को फर्रुखाबाद की कोर्ट लाया गया। सीजेएम के अवकाश पर होने से प्रभारी सीजेएम की कोर्ट में दोनों मुकदमों में आरोपी का का रिमांड हुआ। अधिवक्ता बृजेंद्र मोहन अग्निहोत्री ने अनुपम की जमानत अर्जी पेश की। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क के आधार पर प्रभारी सीजेएम ने दोनों मुकदमो में आरोपी अनुपम की जमानत अर्जी मंजूर कर दी।
हर गतिविधि का मोबाइल से बना वीडियो
धमकी देने के मुकदमे में बी वारंट पर मैनपुरी जेल से लाए गए बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे की हर गतिविधि का पुलिस कर्मियों ने मोबाइल से वीडियो बनाया। आरोपी से मिलने आने वाले लोगों का भी वीडियो बनाया गया। कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। सीजेएम कोर्ट के बाहर फतेहगढ़ कोतवाल जेपी पाल पुलिस बल के साथ तैनात रहे।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के मोहल्ला मछली टोला निवासी रामपाल के दो पुत्रों की वर्ष 2010 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विवेचना में पुलिस ने अनुुपम दुबे का नाम भी शामिल किया था। आरोपी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी हुए थे। कोर्ट से जारी वारंट और अन्य आदेश कोतवाली की पुस्तिका में दर्ज नहीं किए गए। बाद में शासन के आदेश पर विवेचना औरैया ट्रांसफर हो गई थी। दोहरे हत्याकांड में अनुपम की संलिप्तता न मिलने पर विवेचक ने उसका नाम मुकदमे से निकाल दिया था। उसके भाई अमित उर्फ बब्बन सहित चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था।
अनुपम इंस्पेक्टर रामनिवास हत्याकांड में भी आरोपी हैं। इस मामले में
जुलाई में जीआरपी अनुपम के घर कुर्की के लिए पहुंची थी। कोतवाली में अनुपम का रिकार्ड खंगालने पर वारंट आदि दर्ज न करने की लापरवाही उजागर हुई थी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने जांच एएसपी अजय प्रताप को सौंपी है। एएसपी ने वर्ष 2010 से फतेहगढ़ कोतवाली में तैनात रहे मुंशियों व दीवान को नोटिस भेजा है। लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। एएसपी ने अभी जांच चल रही है।

अनुुपम के समर्थकों के घर पहुंची पुलिस
फर्रुखाबाद। पुलिस अनुपम दुबे के समर्थकों पर नजर रखे है। एसओजी व पुलिस समर्थकों के घर जाकर अनुपम व उनके परिजनों से दूर रहने की चेतावनी दे रही है। दूरी न बनाने पर कार्रवाई करने का भय भी दिखाया जा रहा है। मंगलवार को एसओजी ने कई लोगों पर जाकर चेतावनी दी। एक समर्थक ने बताया कि एसओजी की पूरी टीम रात को घर पर आ धमकी। इससे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। एसओजी ने किसी से अभद्रता नहीं की। केवल चेतावनी देकर चली गई। (संवाद)
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