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जातीय समीकरणों के आधार पर बसपा ने उतारे प्रत्याशी
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Sat, 07 Jan 2017 10:37 PM IST
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- फोटो : ANI
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19 फरवरी को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में बसपा ने इस बार पहले से ही चारों विधानसभाओं में अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। वर्ष 2012 में हुए चुनाव में बसपा किसी विधानसभा में तीसरे तो किसी में चौथे स्थान पर रही।
इस बार हाथी पर सवार हुए प्रत्याशी पहले से ही चुनावी महासमर में कूद पड़े हैं। बसपा ने इस बार चुनाव में जातीय समीकरणों का भी ध्यान रखा है।
वर्ष 2012 में सदर विधानसभा क्षेत्र में हुए चुनाव में बसपा प्रत्याशी मोहम्मद उमर खां तीसरे स्थान पर रहे। 29356 मत उमर खां ने हासिल किए, जबकि निर्दल प्रत्याशी विजय सिंह इस विधानसभा क्षेत्र से विजयी घोषित किए गए। इस बार बसपा ने फिर मोहम्मद उमर खां को चुनाव मैदान में उतारा है।
मुस्लिम वोट को अपनी तरफ मुखातिब करने के लिए बसपा ने यहां यह ट्रंप कार्ड खेला है। वहीं, जिले की सबसे बड़ी विधानसभा भोजपुर में वर्ष 2012 में हुए चुनाव में बसपा प्रत्याशी महेश सिंह राठौर की जमानत जब्त हो गई थी।
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इस बार बसपा ने पिछले चुनाव में अपनी करारी हार को देखकर इस विधानसभा क्षेत्र से नितिन सिंह जैमिनी राजपूत को प्रत्याशी घोषित किया है। यह सीट सपा के जमालुद्दीन सिद्दीकी के खाते में रही थी।
कायमगंज विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक अनुसूचित जाति के मतदाता होने के बाद भी यहां बसपा प्रत्याशी अनुराग जाटव तीसरे स्थान पर रहे, जबकि यह विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के प्रत्याशी के लिए आरक्षित थी।
इस विधानसभा क्षेत्र पर भी सपा प्रत्याशी अजीत कठेरिया ने कब्जा कर लिया। इस बार बसपा ने इस विधानसभा रामस्वरूप गौतम को चुनाव मैदान में उतारा है। अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में बसपा प्रत्याशी महावीर सिंह चौथे स्थान पर रहे थे।
इस विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक ब्राह्मण मतदाता होने के कारण बसपा ने शिशुप्रताप सिंह का टिकट काटकर अरुण मिश्र उर्फ बंटी को प्रत्याशी बनाया है। बसपा ने इस बार जातीय समीकरणों के आधार पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। हाथी पर सवार बसपा के सभी योद्धा चुनाव प्रचार में लग गए हैं।
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इस बार हाथी पर सवार हुए प्रत्याशी पहले से ही चुनावी महासमर में कूद पड़े हैं। बसपा ने इस बार चुनाव में जातीय समीकरणों का भी ध्यान रखा है।
वर्ष 2012 में सदर विधानसभा क्षेत्र में हुए चुनाव में बसपा प्रत्याशी मोहम्मद उमर खां तीसरे स्थान पर रहे। 29356 मत उमर खां ने हासिल किए, जबकि निर्दल प्रत्याशी विजय सिंह इस विधानसभा क्षेत्र से विजयी घोषित किए गए। इस बार बसपा ने फिर मोहम्मद उमर खां को चुनाव मैदान में उतारा है।
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मुस्लिम वोट को अपनी तरफ मुखातिब करने के लिए बसपा ने यहां यह ट्रंप कार्ड खेला है। वहीं, जिले की सबसे बड़ी विधानसभा भोजपुर में वर्ष 2012 में हुए चुनाव में बसपा प्रत्याशी महेश सिंह राठौर की जमानत जब्त हो गई थी।
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इस बार बसपा ने पिछले चुनाव में अपनी करारी हार को देखकर इस विधानसभा क्षेत्र से नितिन सिंह जैमिनी राजपूत को प्रत्याशी घोषित किया है। यह सीट सपा के जमालुद्दीन सिद्दीकी के खाते में रही थी।
कायमगंज विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक अनुसूचित जाति के मतदाता होने के बाद भी यहां बसपा प्रत्याशी अनुराग जाटव तीसरे स्थान पर रहे, जबकि यह विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के प्रत्याशी के लिए आरक्षित थी।
इस विधानसभा क्षेत्र पर भी सपा प्रत्याशी अजीत कठेरिया ने कब्जा कर लिया। इस बार बसपा ने इस विधानसभा रामस्वरूप गौतम को चुनाव मैदान में उतारा है। अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में बसपा प्रत्याशी महावीर सिंह चौथे स्थान पर रहे थे।
इस विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक ब्राह्मण मतदाता होने के कारण बसपा ने शिशुप्रताप सिंह का टिकट काटकर अरुण मिश्र उर्फ बंटी को प्रत्याशी बनाया है। बसपा ने इस बार जातीय समीकरणों के आधार पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। हाथी पर सवार बसपा के सभी योद्धा चुनाव प्रचार में लग गए हैं।