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Farrukhabad News: आयरन की गोलियां फेंकने में बीएसए ने बीआरसी में की जांच
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फर्रुखाबाद। बीआरसी से कुछ दूरी पर चार दिन पूर्व पिंक आयरन की गोलियां फेंकने के मामले में गुरुवार को बीएसए, बीआरसी शमसाबाद पहुंचे। उन्होंने आयरन गोलियों के वितरण संबंधी अभिलेख देखने के साथ स्टॉक भी चेक किया। अब स्कूलों का दवा खपत रजिस्टर भी चेक किया जाएगा।
बच्चों को एनीमिया से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग से स्कूलों को आयरन की गोलियां दी जाती हैं। सीएचसी शमसाबाद से तीन जुलाई को पिंक आयरन की एक लाख 25 हजार गोलियां बीआरसी को दी गईं थीं। 30 सितंबर को बीआरसी से कुछ दूरी पर कूड़े के ढेर में बड़ी मात्रा में पिंक आयरन की गोलियां पड़ी मिलीं। सीएचसी के फार्मासिस्ट ने मौके पर मिलीं 2400 गोलियों के पत्ते उठाकर अस्पताल में रख लिए थे।
जिलाधिकारी के आदेश पर बीएसए गौतम प्रसाद ने गुरुवार को शमसाबाद बीआरसी पहुंचकर जांच की। बीएसए ने बताया कि बीआरसी से प्राथमिक व जूनियर स्कूलों को जो गोलियां बांटी गईं हैं, उसकी इंट्री रजिस्टर में की गई है। शेष गोली स्टॉक में भी रखी हैं।
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स्कूलों में बच्चों को खिलाई गई गोलियां व स्टाॅक में बची गोलियों की जांच के लिए खपत रजिस्टर भी मांगा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह गोलियां स्कूलों से फेंके जाने की संभावना कम है। फिलहाल गहनता से जांच की जा रही है।
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बच्चों को एनीमिया से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग से स्कूलों को आयरन की गोलियां दी जाती हैं। सीएचसी शमसाबाद से तीन जुलाई को पिंक आयरन की एक लाख 25 हजार गोलियां बीआरसी को दी गईं थीं। 30 सितंबर को बीआरसी से कुछ दूरी पर कूड़े के ढेर में बड़ी मात्रा में पिंक आयरन की गोलियां पड़ी मिलीं। सीएचसी के फार्मासिस्ट ने मौके पर मिलीं 2400 गोलियों के पत्ते उठाकर अस्पताल में रख लिए थे।
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जिलाधिकारी के आदेश पर बीएसए गौतम प्रसाद ने गुरुवार को शमसाबाद बीआरसी पहुंचकर जांच की। बीएसए ने बताया कि बीआरसी से प्राथमिक व जूनियर स्कूलों को जो गोलियां बांटी गईं हैं, उसकी इंट्री रजिस्टर में की गई है। शेष गोली स्टॉक में भी रखी हैं।
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स्कूलों में बच्चों को खिलाई गई गोलियां व स्टाॅक में बची गोलियों की जांच के लिए खपत रजिस्टर भी मांगा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह गोलियां स्कूलों से फेंके जाने की संभावना कम है। फिलहाल गहनता से जांच की जा रही है।