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ग्रामीणों की शाखा प्रबंधक से नोकझोंक
Updated Sat, 30 Jan 2016 12:03 AM IST
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अमृतपुर। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक अमृतपुर में किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे किसानों की शुक्रवार को शाखा प्रबंधक से नोकझोंक हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि दलालों के जरिये किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा रहे हैं। बैंकमित्रों ने भी इसका समर्थन किया।
वहीं शाखा प्रबंधक ने लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
शुक्रवार को किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए काश्तकार कसबा स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक पहुंचे। यहां सिकंदरपुर के लज्जाराम, महोलिया के रामशरन, हरसिंगपुर के उदयप्रताप सिंह, करनपुरदत्त की लक्ष्मी देवी, परतापुर कला के विशुनपाल, रामजीत तथा ऊधरनपुर के रमेशचंद्र और हरिबख्श सिंह की केसीसी बनवाने को लेकर शाखा प्रबंधक से नोकझोंक हो गई। काश्तकारों का आरोप था कि छह महीने से केसीसी बनवाने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। उनके केसीसी नहीं बन रहे हैं। इन्हाेंने आरोप लगाया कि दलालों के जरिये केसीसी बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनके केसीसी नहीं बने तो वह धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
वहीं बैंकमित्र राघवेंद्र सिंह, करुणेश सिंह और अनुराग सिंह का कहना है कि उन्हें केसीसी बनवाने की जानकारी भी नहीं होती है। दलालों को रिश्वत देने वाले काश्तकारों के केसीसी बन जाते हैं। इस संबंध में शाखा प्रबंधक रामअचल ने बताया कि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। किसी किसान को अगर केसीसी बनवाने में दिक्कत आ रही है तो वह सीधे उनसे आकर मिले।
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वहीं शाखा प्रबंधक ने लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
शुक्रवार को किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए काश्तकार कसबा स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक पहुंचे। यहां सिकंदरपुर के लज्जाराम, महोलिया के रामशरन, हरसिंगपुर के उदयप्रताप सिंह, करनपुरदत्त की लक्ष्मी देवी, परतापुर कला के विशुनपाल, रामजीत तथा ऊधरनपुर के रमेशचंद्र और हरिबख्श सिंह की केसीसी बनवाने को लेकर शाखा प्रबंधक से नोकझोंक हो गई। काश्तकारों का आरोप था कि छह महीने से केसीसी बनवाने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। उनके केसीसी नहीं बन रहे हैं। इन्हाेंने आरोप लगाया कि दलालों के जरिये केसीसी बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनके केसीसी नहीं बने तो वह धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
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वहीं बैंकमित्र राघवेंद्र सिंह, करुणेश सिंह और अनुराग सिंह का कहना है कि उन्हें केसीसी बनवाने की जानकारी भी नहीं होती है। दलालों को रिश्वत देने वाले काश्तकारों के केसीसी बन जाते हैं। इस संबंध में शाखा प्रबंधक रामअचल ने बताया कि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। किसी किसान को अगर केसीसी बनवाने में दिक्कत आ रही है तो वह सीधे उनसे आकर मिले।
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