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Farrukhabad News: 117 ग्राम पंचायतों की डिजिटल लाइब्रेरी में पहुंचीं किताबें
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फोटो-16 ग्राम पंचायत सिठऊपुर स्थित डिजिटल लाइब्रेरी में रखी किताबें। स्रोत : कर्मचारी
फर्रुखाबाद। जनपद की 117 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही है। इसमें स्थानीय लेखकों की किताबों को भी विशेष महत्व दिया गया है। प्रत्येक लाइब्रेरी में 198 किताबें पहुंच चुकी हैं। अभी 63 किताबों की और आपूर्ति होगी। वहीं एनबीटी की किताबें शासन से आने का इंतजार है।
गांव की प्रतिभा को पढ़ने के लिए सुविधा मिले। इससे 117 ग्राम पंचायतों डिजिटल लाइब्रेरी खोली जा रही है। इनमें ब्लॉक बढ़पुर की 12, कायमगंज की 18, कमालगंज की 23, मोहम्मदाबाद की 12, नवाबगंज की 12, राजेपुर की 21 व शमसाबाद की 19 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी के लिए चार लाख रुपये बजट निर्धारित है। इसमें एक लाख 30 हजार रुपये से कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर व 1.05 करोड़ रुपये से एनबीटी की किताबों की आपूर्ति सीधे शासन से होगी। अभी इनकी आपूर्ति नहीं हो सकी है।
स्थानीय स्तर पर 70 हजार रुपये से फर्नीचर व 99.98 हजार रुपये से स्थानीय लेखकों की किताबें खरीदी गई हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी में स्थानीय 261 किताबों की आपूर्ति होनी है। इसमें 198 प्रकार की किताबें पहुंच चुकी हैं। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने बताया कि जिला स्तर पर खरीदी जाने वाली किताबों में स्थानीय लेखकों को विशेष महत्व दिया गया है। लाइब्रेरी में स्थानीय लेखकों सहित 261 किताबें उपलब्ध होंगी। इतनी ही किताबें एनबीटी की शासन से आने वाली हैं। अप्रैल के पहले पखवाड़ा में सभी डिजिटल लाइब्रेरी संचालित करने का प्रयास है।
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गांव की प्रतिभा को पढ़ने के लिए सुविधा मिले। इससे 117 ग्राम पंचायतों डिजिटल लाइब्रेरी खोली जा रही है। इनमें ब्लॉक बढ़पुर की 12, कायमगंज की 18, कमालगंज की 23, मोहम्मदाबाद की 12, नवाबगंज की 12, राजेपुर की 21 व शमसाबाद की 19 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी के लिए चार लाख रुपये बजट निर्धारित है। इसमें एक लाख 30 हजार रुपये से कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर व 1.05 करोड़ रुपये से एनबीटी की किताबों की आपूर्ति सीधे शासन से होगी। अभी इनकी आपूर्ति नहीं हो सकी है।
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स्थानीय स्तर पर 70 हजार रुपये से फर्नीचर व 99.98 हजार रुपये से स्थानीय लेखकों की किताबें खरीदी गई हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी में स्थानीय 261 किताबों की आपूर्ति होनी है। इसमें 198 प्रकार की किताबें पहुंच चुकी हैं। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने बताया कि जिला स्तर पर खरीदी जाने वाली किताबों में स्थानीय लेखकों को विशेष महत्व दिया गया है। लाइब्रेरी में स्थानीय लेखकों सहित 261 किताबें उपलब्ध होंगी। इतनी ही किताबें एनबीटी की शासन से आने वाली हैं। अप्रैल के पहले पखवाड़ा में सभी डिजिटल लाइब्रेरी संचालित करने का प्रयास है।
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