फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Blood bank employee of Lohia Hospital accused of negligence

Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक के कर्मचारी पर लापरवाही का आरोप

Sun, 10 Nov 2024 01:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2024 01:03 AM IST
विज्ञापन
Blood bank employee of Lohia Hospital accused of negligence
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक के जिम्मेदारों पर एक मरीज ने लापरवाही का आरोप लगाया है। मरीज का कहना है कि उसे दूसरे ग्रुप का खून दे दिया गया था। गनीमत रही कि पांच मिनट खून चढ़ने के बाद बंद हो गया। अन्यथा उसकी जान भी जा सकती थी। पत्नी के साथ ब्लड बैंक शिकायत करने गया तो बहस की गई। दूसरा ब्लड बैग दिया गया, लेकिन उसकी जांच नहीं गई तो ब्लड नहीं चढ़वाया।
विज्ञापन

शहर के मोहल्ला खड़ियाई निवासी नीरज शुक्ला (45) ने बताया कि वह कुछ दिन से बुखार से पीड़ित थे। इस वजह से ब्लड कम हो गया। निजी अस्पताल की जांच रिपोर्ट लेकर शुक्रवार दोपहर 1:15 बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में गए। ड्यूटी डॉ प्रवीन कुमार ने 4.4 प्वाइंट ब्लड चढ़ाने की सलाह दी। इस पर वह इमरजेंसी में भर्ती हो गए। डॉ. प्रवीन ने डिमांड तैयार कर दिया।
विज्ञापन

शुक्ला ने बताया कि मेरा ब्लड ग्रुप बी-पॉजटिव था। परिजन डिमांड लेटर लेकर ब्लड बैंक गए। बहन सविता ने एक यूनिट ब्लड डोनेट कर पीआरबीसी ली। शाम करीब पांच बजे उन्हें ब्लड चढ़ाया जाने लगा। दो मिनट बाद खून चढ़ना बंद हो गया। दोबारा प्रयास किया गया, तो फिर बंद हो गया। इस बीच नीरज की नजर ब्लड के बैग पर पड़ी, तो उसमें ब्लड ग्रुप ए-पॉजटिव लिखा था। उन्हें गलत ब्लड का संदेह हुआ तो स्टाफ से ब्लड निकलवाकर पत्नी रेखा के साथ इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉ. उदयराज से शिकायत की। उन्होंने ब्लड बैंक को सूचना दी। इसके बाद नीरज पत्नी के साथ ब्लड बैंक गए तो वहां कर्मचारी से कहासुनी हो गई। काफी बहस के बाद दूसरा बी-पॉजटिव लिखा ब्लड बैग दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

नीरज बैग को लेकर फिर इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने ईएमओ डॉ. उदयराज से ब्लड ग्रुप दोबारा चेक करने का आग्रह किया। इस पर उन्होंने ब्लड बैंक में ही बात करने के लिए कहा। काफी देर बहस के बाद नीरज बिना ब्लड चढ़वाए घर आ गए। उन्होंने दूसरा ब्लड बैग वापस कर दिया। वह कानपुर इलाज कराने चले गए।

------
नीरज के लिए ब्लड की डिमांड लेकर मैंने ही भरा था। इसके बाद इमरजेंसी में मेरी ड्यूटी खत्म हो गई। बाद में क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। यदि दूसरे ग्रुप का ब्लड मरीज को दिया गया है, तो गंभीर मामला है। इसकी जांच कराएंगे। यदि उसी समय मामला मेरे संज्ञान में आता, तो दोबारा ब्लड ग्रुप की जांच अवश्य करवा देते।
-डॉ. प्रवीन कुमार, प्रभारी ब्लड बैंक, लोहिया अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed