{"_id":"79752e3520c50c89a1daa4e5e7c24987","slug":"bjp-members-on-stage-pretending-to-ramangria-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामनगरिया के रंगमंच पर भाजपाइयों का नाटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामनगरिया के रंगमंच पर भाजपाइयों का नाटक
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 07 Jan 2015 11:14 PM IST
विज्ञापन
मेला रामनगरिया के रंगमंच पर भाजपाइयों का नाटक शुरू हो गया है। गंगा में
विज्ञापन
गिरने वाले नाले का संतों ने विरोध किया तो भाजपाई भी गंगा-गंगा करते हुए
कलेक्ट्रट पहुंचे। मेला शुरू होने से पहले न तो प्रशासन को गंदे नाले की
याद आई और न ही भाजपाइयों को। मेले के वक्त ही गंदे नाले की याद आती है।
हद तो यह है कि गंदे नाले के विरोध के नाम पर फोटो खिंचवाने और दिखावा करने की पुनरावृत्ति हर साल होती है। जिला प्रशासन भी गंदे नाले को बंद करने का ढिंढोरा पीटता है, लेकिन स्थित जस की तस है। इसका कोई स्थायी समाधान नहीं ढूंढा जा सका है।
मालूम हो कि पिछले साल मेला रामनगरिया के दौरान गंगा में गिर रहे गदे नाले को बंद करने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने अनशन भी किया था। उस समय भाजपाइयों ने गंगा की सौगंध ली थी कि उसकी शुचिता और स्वच्छता के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। लेकिन मेला खत्म होते ही गंगा को सभी भूल गए। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से गंगा सफाई अभियान चलाया गया तो चंद घाटों पर भाजपाई झाड़ू लगाए और फोटो खिंचवाने के बाद अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
इसके बाद किसी ने भी पलट कर गंगा की बदहाली नहीं देखी। मेला रामनगरिया की तैयारी माहभर पहले से शुरू हो गई। प्रशासन यह राग अलापता रहा कि गंगा में गिरने वाले गंदे नाले बंद कराए जाएंगे, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। एक- दो नालों के मुहाने पर मिट्टी रखवाई गई। यह मिट्टी नाकाफी थी। गंदे पानी के हिलोरे भरते ही मिट्टी बह गई और सारा गंदा पानी फिर से गंगा में समाहित हो गई। मंगलवार को संतों ने गंगा में गिरने वाले नाले का विरोध किया।
बताया कि गंगा का पानी आचमन करने लायक नहीं है। संतों के विरोध की बात भाजपाइयों तक पहुंची। पार्टी सूत्रों की मानें तो किसी संत ने मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को पूर्व में किया गया वादा याद दिलाया। फिर क्या था। सांसद मुकेश राजपूत को बुलाया गया। इसके बाद सांसद व मेजर और जिलाध्यक्ष अपने चंद लोगों को साथ लेकर गंगा में गिरने गंदे नाले का विरोध करने निकल पड़े।
सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे। भाजपा के एक नेता ने सभी पत्रकारों को फोन करके कलेक्ट्रेट बुलाया। फोटो खिंचवाई। जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने भी भरोसा दे दिया कि वह तो पहले से इस मुद्दे पर सक्रिय हैं। गंगा की सफाई हर हाल में होनी चाहिए। डीएम ने लगे हाथ यह भी कह दिया कि गंगा में गिरने वाले गंदे नाले को रोकने के लिए टीम लगा दिया है।
भाजपा के जिला प्रवक्ता ने गंगा में गिरने वाले नाले के संबंध में विज्ञप्ति जारी कर दी। बस हो गई गंगा शुद्ध और साफ। ज्ञापन देते वक्त भाजपा के जिला प्रवक्ता दिलीप भारद्वाज, धीरेंद्र वर्मा, संजीव गुप्ता, प्रभात अवस्थी, दीनानाथ राजपूत आदि मौजूद रहे।
हद तो यह है कि गंदे नाले के विरोध के नाम पर फोटो खिंचवाने और दिखावा करने की पुनरावृत्ति हर साल होती है। जिला प्रशासन भी गंदे नाले को बंद करने का ढिंढोरा पीटता है, लेकिन स्थित जस की तस है। इसका कोई स्थायी समाधान नहीं ढूंढा जा सका है।
मालूम हो कि पिछले साल मेला रामनगरिया के दौरान गंगा में गिर रहे गदे नाले को बंद करने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने अनशन भी किया था। उस समय भाजपाइयों ने गंगा की सौगंध ली थी कि उसकी शुचिता और स्वच्छता के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। लेकिन मेला खत्म होते ही गंगा को सभी भूल गए। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से गंगा सफाई अभियान चलाया गया तो चंद घाटों पर भाजपाई झाड़ू लगाए और फोटो खिंचवाने के बाद अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
इसके बाद किसी ने भी पलट कर गंगा की बदहाली नहीं देखी। मेला रामनगरिया की तैयारी माहभर पहले से शुरू हो गई। प्रशासन यह राग अलापता रहा कि गंगा में गिरने वाले गंदे नाले बंद कराए जाएंगे, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। एक- दो नालों के मुहाने पर मिट्टी रखवाई गई। यह मिट्टी नाकाफी थी। गंदे पानी के हिलोरे भरते ही मिट्टी बह गई और सारा गंदा पानी फिर से गंगा में समाहित हो गई। मंगलवार को संतों ने गंगा में गिरने वाले नाले का विरोध किया।
बताया कि गंगा का पानी आचमन करने लायक नहीं है। संतों के विरोध की बात भाजपाइयों तक पहुंची। पार्टी सूत्रों की मानें तो किसी संत ने मेजर सुनील दत्त द्विवेदी को पूर्व में किया गया वादा याद दिलाया। फिर क्या था। सांसद मुकेश राजपूत को बुलाया गया। इसके बाद सांसद व मेजर और जिलाध्यक्ष अपने चंद लोगों को साथ लेकर गंगा में गिरने गंदे नाले का विरोध करने निकल पड़े।
सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे। भाजपा के एक नेता ने सभी पत्रकारों को फोन करके कलेक्ट्रेट बुलाया। फोटो खिंचवाई। जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने भी भरोसा दे दिया कि वह तो पहले से इस मुद्दे पर सक्रिय हैं। गंगा की सफाई हर हाल में होनी चाहिए। डीएम ने लगे हाथ यह भी कह दिया कि गंगा में गिरने वाले गंदे नाले को रोकने के लिए टीम लगा दिया है।
भाजपा के जिला प्रवक्ता ने गंगा में गिरने वाले नाले के संबंध में विज्ञप्ति जारी कर दी। बस हो गई गंगा शुद्ध और साफ। ज्ञापन देते वक्त भाजपा के जिला प्रवक्ता दिलीप भारद्वाज, धीरेंद्र वर्मा, संजीव गुप्ता, प्रभात अवस्थी, दीनानाथ राजपूत आदि मौजूद रहे।