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तेलंगाना से छह दिन चलने के बाद ट्रक मिला तो छोड़ दी साइकिलें
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तेलंगाना से साइकिल से चले, छह दिन बाद ट्रक की सवारी
कमालगंज। तेलंगाना से छह दिन साइकिल से चलने के बाद मध्यप्रदेश में जब ट्रक का सहारा मिला तो अपनी साइकिलें सड़क पर छोड़ दीं। ऐसे ही सात लोग शनिवार को झांसी डिपो की बस से रामलीला मैदान स्थित गार्डन में बने क्वारंटीन सेंटर पहुंचे। शनिवार को कुल 25 लोग और पहुंचे। इन्हें मिलाकर यूपी, तेलंगाना, गुजरात व हैदराबाद के सभी 40 लोग क्वारंटीन हैं।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गंगापार स्थित जगदीशपुर निवासी सात लोग झांसी से शनिवार को क्वारंटीन स्थल लाए गए। उन्होंने बताया कि वे लोग तेलांगना में आइसक्रीम बेंचते थे। 24 अप्रैल को साइकिलों से फर्रुखाबाद के लिए चल दिए। छह दिन बाद मध्यप्रदेश पहुंचने पर ट्रक वाले ने झांसी तक छोड़ देने का भरोसा दिया। इस पर साइकिलों को मध्यप्रदेश में सड़क पर ही छोड़ दिया और ट्रक पर सवार हो गए।
अमृतपुर के छह लोग भी शनिवार को क्वारंटीन सेंटर पहुंचे। वे अहमदाबाद में एक कंपनी में लोडिंग का काम करते थे। कंपनी की गाड़ी से 29 मार्च को फर्रुखाबाद के लिए रवाना हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ तक आ पाए थे। वहां पुलिस ने ट्रक वापस कर दिया। पैदल ही वापस उदयपुर जिले के नाथद्वारा तक जंगली रास्ते से करीब 100 किलोमीटर पैदल जाना पड़ा।
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नाथद्वारा में सरपंच की मदद से प्रशासन ने एक होटल में क्वारंटीन कर दिया गया। एक अप्रैल को राजस्थान सरकार ने सरकारी बस से भरतपुर के पास अगरा बार्डर तक भिजवाया। वहां से ईदगाह डिपो की बस से कमालगंज पहुंचे। ईओ मुन्ना कुमार व्यवस्था में रहे।
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कमालगंज। तेलंगाना से छह दिन साइकिल से चलने के बाद मध्यप्रदेश में जब ट्रक का सहारा मिला तो अपनी साइकिलें सड़क पर छोड़ दीं। ऐसे ही सात लोग शनिवार को झांसी डिपो की बस से रामलीला मैदान स्थित गार्डन में बने क्वारंटीन सेंटर पहुंचे। शनिवार को कुल 25 लोग और पहुंचे। इन्हें मिलाकर यूपी, तेलंगाना, गुजरात व हैदराबाद के सभी 40 लोग क्वारंटीन हैं।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गंगापार स्थित जगदीशपुर निवासी सात लोग झांसी से शनिवार को क्वारंटीन स्थल लाए गए। उन्होंने बताया कि वे लोग तेलांगना में आइसक्रीम बेंचते थे। 24 अप्रैल को साइकिलों से फर्रुखाबाद के लिए चल दिए। छह दिन बाद मध्यप्रदेश पहुंचने पर ट्रक वाले ने झांसी तक छोड़ देने का भरोसा दिया। इस पर साइकिलों को मध्यप्रदेश में सड़क पर ही छोड़ दिया और ट्रक पर सवार हो गए।
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अमृतपुर के छह लोग भी शनिवार को क्वारंटीन सेंटर पहुंचे। वे अहमदाबाद में एक कंपनी में लोडिंग का काम करते थे। कंपनी की गाड़ी से 29 मार्च को फर्रुखाबाद के लिए रवाना हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ तक आ पाए थे। वहां पुलिस ने ट्रक वापस कर दिया। पैदल ही वापस उदयपुर जिले के नाथद्वारा तक जंगली रास्ते से करीब 100 किलोमीटर पैदल जाना पड़ा।
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नाथद्वारा में सरपंच की मदद से प्रशासन ने एक होटल में क्वारंटीन कर दिया गया। एक अप्रैल को राजस्थान सरकार ने सरकारी बस से भरतपुर के पास अगरा बार्डर तक भिजवाया। वहां से ईदगाह डिपो की बस से कमालगंज पहुंचे। ईओ मुन्ना कुमार व्यवस्था में रहे।