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स्कूल जाने को निकली छात्रा लापता
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Sat, 27 Aug 2016 10:38 PM IST
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रोते बिलखते मृतका के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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घर से अपनी चचेरी बहन के साथ स्कूल के लिए निकली छात्रा रहस्यमयी ढंग से लापता हो गई है। काली नदी के पुल पर छात्रा का बैग मिला है, जिसमें घर का पता, मोबाइल नंबर और पत्र निकला है। पत्र में लिखा है कि प्यार में विफल होेने के कारण आत्महत्या कर रही है। लेकिन घर से एक जोड़ी कपड़े साथ में लेकर जाने के कारण मामला संदिग्ध लग रहा है।
कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव कमालपुर के रहने वाले सुभाषचंद्र की पुत्री डॉली गजराज सिंह इंटर कालेज टिलियां में कक्षा 10 और उसकी चचेरी बहन रोशनी कक्षा सात की छात्रा है। उसकी मां सुनीता के अनुसार डॉली रोज की तरह रोशनी के साथ कॉलेज गई थी। रोशनी ने बताया कि डॉली ने कुम्हौली से उसे अकेला भेज दिया और कहा कि वह अपनी सहेली के साथ कालेज आ रही है। उसने जब साथ चलने की जिद की तो उसने तमाचा मार दिया, जिससे रोशनी कालेज चली गई, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची।
वहीं, काली नदी के पुल पर डॉली का बैग पड़ा मिला। बैग में पत्र और मोबाइल नंबर लिखे थे। बैग के ऊपर डॉली ने लिखा कि यह बैग जिस किसी व्यक्ति को मिले वह उनके ताऊ रामनिवास के पास पहुंचा दे। रामनिवास कमालपुर गांव के रहने वाले हैं। डॉली ने उस पर दर्जन भर से अधिक नंबर लिखे।
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इधर, कमालपुर के रहने वाले दीपू वहां से गुजर रहे थे। वह निजी प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने जब बैग के पास भीड़ लगी देखी और उसमें रामनिवास का नाम व पता देखा तो अपने बड़े भाई डॉक्टर योगेंद्र सिंह को फोन पर जानकारी दी। डॉ. योगेंद्र सिंह ने डॉली के परिजनों को सूचना दी।
घटना की सूचना पाकर डॉली के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। डॉली के पिता सुभाषचंद्र 10 साल से अहमदाबाद में रहकर रंगाई-पुताई का काम करते हैं। पिता घर पर नहीं हैं। उसे घटना की खबर भेज दी गई है।
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कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव कमालपुर के रहने वाले सुभाषचंद्र की पुत्री डॉली गजराज सिंह इंटर कालेज टिलियां में कक्षा 10 और उसकी चचेरी बहन रोशनी कक्षा सात की छात्रा है। उसकी मां सुनीता के अनुसार डॉली रोज की तरह रोशनी के साथ कॉलेज गई थी। रोशनी ने बताया कि डॉली ने कुम्हौली से उसे अकेला भेज दिया और कहा कि वह अपनी सहेली के साथ कालेज आ रही है। उसने जब साथ चलने की जिद की तो उसने तमाचा मार दिया, जिससे रोशनी कालेज चली गई, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची।
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वहीं, काली नदी के पुल पर डॉली का बैग पड़ा मिला। बैग में पत्र और मोबाइल नंबर लिखे थे। बैग के ऊपर डॉली ने लिखा कि यह बैग जिस किसी व्यक्ति को मिले वह उनके ताऊ रामनिवास के पास पहुंचा दे। रामनिवास कमालपुर गांव के रहने वाले हैं। डॉली ने उस पर दर्जन भर से अधिक नंबर लिखे।
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इधर, कमालपुर के रहने वाले दीपू वहां से गुजर रहे थे। वह निजी प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने जब बैग के पास भीड़ लगी देखी और उसमें रामनिवास का नाम व पता देखा तो अपने बड़े भाई डॉक्टर योगेंद्र सिंह को फोन पर जानकारी दी। डॉ. योगेंद्र सिंह ने डॉली के परिजनों को सूचना दी।
घटना की सूचना पाकर डॉली के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। डॉली के पिता सुभाषचंद्र 10 साल से अहमदाबाद में रहकर रंगाई-पुताई का काम करते हैं। पिता घर पर नहीं हैं। उसे घटना की खबर भेज दी गई है।