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Farrukhabad News: तिथियों के प्रश्नों में चकराए बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र
Fri, 23 May 2025 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 23 May 2025 11:35 PM IST
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आरपी महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर पेपर देकर खुशी के साथ निकलते बीएड द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा
- फोटो : आरपी महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर पेपर देकर खुशी के साथ निकलते बीएड द्वितीय सेमेस्टर की छात्राएं।
फर्रुखाबाद/कमालगंज। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की शिक्षण पाठ्यक्रमों की परीक्षा शुक्रवार को जिले के पांच केंद्रों पर शुरू हुई। प्रथम पाली में बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के पेपर में तिथियों व शिक्षा आयोगों से जुड़े प्रश्नों में छात्र चकरा गए।
शहर के बद्रीविशाल महाविद्यालय, एनकेपी महाविद्यालय, डीएन कॉलेज फतेहगढ़, आरपी महाविद्यालय कमालगंज व विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज कायमगंज में शिक्षण पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं शुरू हुई। सबसे अधिक बीएड के छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। सुबह आठ से 9.30 की पाली में बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के प्रथम प्रश्नपत्र भारत में शिक्षा प्रणाली का विकास शीर्षक का वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित पेपर हुआ। इसमें भारतीय शिक्षा के इतिहास से जुड़ी घटनाओं की तिथियों पर कई प्रश्न आए।
आरपी महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर पेपर समाप्त होने पर छात्रा शकुन ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड स्थापना, सार्जेंट योजना, राधाकृष्णन आयोग, शिक्षा को समवर्ती सूची में लाने, कोठारी आयोग के गठन, ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड योजना सहित करीब 25 प्रश्न तिथियों से जुड़े थे। कई प्रश्नों में गोला भरने में अनिश्चय की स्थिति बन रही थी। प्राचार्य डॉ. एसबी सागर ने बताया कि 10 बीएड कॉलेजों के 425 परीक्षार्थियों में 419 परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, सायंकालीन पाली में तीन से साढ़े चार बजे बीएड द्वितीय सेमेस्टर में शिक्षण शास्त्र वैकल्पिक पेपर पदार्थ विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर साइंस की परीक्षा हुई। छात्रों ने कहा जिन्होंने तैयारी की उनके लिए द्वितीय सेमेस्टर का पेपर सरल रहा।
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-बिहार के छात्र परीक्षा देने पहुंचे, लखीमपुर से आई बस
जिले के कुछ कॉलेजों में दलालों के माध्यम से बाहरी छात्रों के संस्थागत दाखिलों का खेल खेला गया। दूसरे राज्यों के छात्रों का भी दाखिला कराया गया। यह छात्र कभी भी कॉलेज में पढ़ने नहीं आते। यह सीधे परीक्षा देने पहुंचे। आरपी महाविद्यालय में बिहार के छात्र भी बड़ी संख्या में पेपर देने आए, जबकि लखीमपुर जिले से एक प्राइवेट बस से छात्र परीक्षा देने पहुंचे।
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शहर के बद्रीविशाल महाविद्यालय, एनकेपी महाविद्यालय, डीएन कॉलेज फतेहगढ़, आरपी महाविद्यालय कमालगंज व विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज कायमगंज में शिक्षण पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं शुरू हुई। सबसे अधिक बीएड के छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। सुबह आठ से 9.30 की पाली में बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के प्रथम प्रश्नपत्र भारत में शिक्षा प्रणाली का विकास शीर्षक का वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित पेपर हुआ। इसमें भारतीय शिक्षा के इतिहास से जुड़ी घटनाओं की तिथियों पर कई प्रश्न आए।
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आरपी महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर पेपर समाप्त होने पर छात्रा शकुन ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड स्थापना, सार्जेंट योजना, राधाकृष्णन आयोग, शिक्षा को समवर्ती सूची में लाने, कोठारी आयोग के गठन, ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड योजना सहित करीब 25 प्रश्न तिथियों से जुड़े थे। कई प्रश्नों में गोला भरने में अनिश्चय की स्थिति बन रही थी। प्राचार्य डॉ. एसबी सागर ने बताया कि 10 बीएड कॉलेजों के 425 परीक्षार्थियों में 419 परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, सायंकालीन पाली में तीन से साढ़े चार बजे बीएड द्वितीय सेमेस्टर में शिक्षण शास्त्र वैकल्पिक पेपर पदार्थ विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर साइंस की परीक्षा हुई। छात्रों ने कहा जिन्होंने तैयारी की उनके लिए द्वितीय सेमेस्टर का पेपर सरल रहा।
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-बिहार के छात्र परीक्षा देने पहुंचे, लखीमपुर से आई बस
जिले के कुछ कॉलेजों में दलालों के माध्यम से बाहरी छात्रों के संस्थागत दाखिलों का खेल खेला गया। दूसरे राज्यों के छात्रों का भी दाखिला कराया गया। यह छात्र कभी भी कॉलेज में पढ़ने नहीं आते। यह सीधे परीक्षा देने पहुंचे। आरपी महाविद्यालय में बिहार के छात्र भी बड़ी संख्या में पेपर देने आए, जबकि लखीमपुर जिले से एक प्राइवेट बस से छात्र परीक्षा देने पहुंचे।