{"_id":"5f7c91bd8ebc3e9be74e3cb4","slug":"ban-on-paper-the-entire-house-was-built-on-the-spot-farrukhabad-news-knp5868615104","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों में रोक मौके पर बन गया पूरा मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों में रोक मौके पर बन गया पूरा मकान
विज्ञापन
सदर तहसील में फरियादियों की लगी लाइन।
- फोटो : FARRUKHABAD
कागजों में रोक, मौके पर बन गया पूरा मकान
फर्रुखाबाद। ग्राम समाज की बंजर भूमि पर कब्जे की सात बार शिकायत करने के बावजूद लेखपाल, कानूनगो गलत आख्या लगाकर बड़े अफसरों को गुमराह करते रहे। कब्जेदारों ने पूरा मकान बनवाकर तैयार कर लिया। मंगलवार को सदर तहसील में गांव के ही आदेश कुमार ने फिर संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम के सामने मामला रखा।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल संपूर्ण समाधान दिवस निरर्थक साबित हो रहे हैं। लेखपाल और कानूनगो कागजों में शिकायतों का निस्तारण दिखा देते हैं और हकीकत अलग होती है। मंगलवार को सदर तहसील में बीसलुर बांगर निवासी आदेश पुत्र राम आसरे पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को पत्र दिया। कहा कि इससे पहले नौ बार शिकायत कर चुके हैं। ग्रामसभा की जमीन पर निर्माण हो रहा था। शिकायतें कीं, मगर सुनवाई नहीं हुई।
तहसीलदार के न्यायालय में वाद दायर किया, तो कब्जेदार सिद्धनारायण पर बेदखली का आदेश करते हुए 3200 रुपये का जुर्माना लगाया गया। बावजूद इसके मकान बनता रहा। सात मार्च को डीएम के समाधान दिवस में गुहार लगाई, तो कानून गो और लेखपाल ने अवैध निर्माण रुकवाने की गलत आख्या दे दी, जबकि काम चलता रहा। अब पूरा मकान बन चुका है।
विज्ञापन
उन्होंने डीएम को दोबारा पत्र दिया, तो उनके आदेश पर सात सितंबर को एसडीएम सदर अनिल कुमार ने लेखपाल व कानूनगो को तत्काल जांच कर 10 दिन में आख्या देने के निर्देश दिए। इस जांच में भी शिकायत को निराधार मानते हुए कार्रवाई बंद कर दी गई। आदेश ने एसडीएम से ग्रामसभा की भूमि पर बने मकान को जांच कर गिरवाने की मांग की।
नगर पालिका से साठगांठ कर नाम दर्ज कराने की शिकायत
फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला इस्माइलगंज सानी निवासी होरीलाल जाटव, रामविलास, महेंद्र ने संपूूर्ण समाधान दिवस में पत्र दिया। इसमें कहा कि उनके पिता प्यारेलाल निवासी देवरामपुर ने मदारवाड़ी निवासी महिला का मकान खरीदा था। इसे भूलवश नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज नहीं करवा सका। इस पर फर्जी अभिलेखों के आधार पर कुछ लोगों ने अपना नाम अंकित करवा लिया है। इससे पहले तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की, मगर समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। पीड़ितों ने मंगलवार को फिर शिकायत की।
127 में पांच शिकायतों का ही हो सका निस्तारण
फर्रुखाबाद। सदर तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम सदर अनिल कुमार और एएसपी अजय प्रताप ने शिकायतें सुनीं। शिकायतकर्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कुल 127 शिकायतों में से पांच का ही निस्तारण हो सका। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के लिए भेज दिया गया। सबसे ज्यादा शिकायतें कब्जे और आवास दिलाने संबंधी थीं।
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। ग्राम समाज की बंजर भूमि पर कब्जे की सात बार शिकायत करने के बावजूद लेखपाल, कानूनगो गलत आख्या लगाकर बड़े अफसरों को गुमराह करते रहे। कब्जेदारों ने पूरा मकान बनवाकर तैयार कर लिया। मंगलवार को सदर तहसील में गांव के ही आदेश कुमार ने फिर संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम के सामने मामला रखा।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल संपूर्ण समाधान दिवस निरर्थक साबित हो रहे हैं। लेखपाल और कानूनगो कागजों में शिकायतों का निस्तारण दिखा देते हैं और हकीकत अलग होती है। मंगलवार को सदर तहसील में बीसलुर बांगर निवासी आदेश पुत्र राम आसरे पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को पत्र दिया। कहा कि इससे पहले नौ बार शिकायत कर चुके हैं। ग्रामसभा की जमीन पर निर्माण हो रहा था। शिकायतें कीं, मगर सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
तहसीलदार के न्यायालय में वाद दायर किया, तो कब्जेदार सिद्धनारायण पर बेदखली का आदेश करते हुए 3200 रुपये का जुर्माना लगाया गया। बावजूद इसके मकान बनता रहा। सात मार्च को डीएम के समाधान दिवस में गुहार लगाई, तो कानून गो और लेखपाल ने अवैध निर्माण रुकवाने की गलत आख्या दे दी, जबकि काम चलता रहा। अब पूरा मकान बन चुका है।
विज्ञापन
उन्होंने डीएम को दोबारा पत्र दिया, तो उनके आदेश पर सात सितंबर को एसडीएम सदर अनिल कुमार ने लेखपाल व कानूनगो को तत्काल जांच कर 10 दिन में आख्या देने के निर्देश दिए। इस जांच में भी शिकायत को निराधार मानते हुए कार्रवाई बंद कर दी गई। आदेश ने एसडीएम से ग्रामसभा की भूमि पर बने मकान को जांच कर गिरवाने की मांग की।
नगर पालिका से साठगांठ कर नाम दर्ज कराने की शिकायत
फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला इस्माइलगंज सानी निवासी होरीलाल जाटव, रामविलास, महेंद्र ने संपूूर्ण समाधान दिवस में पत्र दिया। इसमें कहा कि उनके पिता प्यारेलाल निवासी देवरामपुर ने मदारवाड़ी निवासी महिला का मकान खरीदा था। इसे भूलवश नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज नहीं करवा सका। इस पर फर्जी अभिलेखों के आधार पर कुछ लोगों ने अपना नाम अंकित करवा लिया है। इससे पहले तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की, मगर समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। पीड़ितों ने मंगलवार को फिर शिकायत की।
127 में पांच शिकायतों का ही हो सका निस्तारण
फर्रुखाबाद। सदर तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम सदर अनिल कुमार और एएसपी अजय प्रताप ने शिकायतें सुनीं। शिकायतकर्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कुल 127 शिकायतों में से पांच का ही निस्तारण हो सका। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के लिए भेज दिया गया। सबसे ज्यादा शिकायतें कब्जे और आवास दिलाने संबंधी थीं।