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वेट लिफ्टिंग, बैडमिंटन हाल और बालीवॉल कोर्ट से निखरेंगी प्रतिभाएं
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बैडमिंटन हाल के मरम्मत कार्य को देखते जिला क्रीड़ाधिकारी व अन्य।
- फोटो : FARRUKHABAD
ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम में पांच करोड़ 14 लाख रुपये से कई काम कराए जा रहे हैं। इसमें वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन हॉल, वॉलीबाल कोर्ट शामिल हैं। इनके बनने से स्टेडियम की सूरत बदल जाएगी पर काम की रफ्तार धीमी है। महिला व पुरुष खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग शौचालयों का भी निर्माण होगा। खिलाड़ियों को स्टेडियम में कई अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।
फतेहगढ़ स्थित स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ी अभी एक छोटे से कमरे में प्रशिक्षण लेते हैं। हाल न होने से स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं नहीं हो पाती हैं। बैडमिंटन का बहुउद्देशीय हाल तो बना है, लेकिन उसकी हालत दयनीय होने से बैडमिंटन खिलाड़ी स्टेडियम नहीं आते हैं।
वॉलीबाल कोर्ट के नाम पर एक स्थान चिह्नित है, जिसमें नेट के लिए दो लोहे के पाइप लगे हैं और चारों ओर चूने से कोर्ट की जगह चिह्नित कर दी जाती है। इससे खिलाड़ियों को दिक्कत होती है। वर्ष 2020 के अंत तक खिलाड़ियों की यह सभी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
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शासन से मिले 5 करोड़ 14 लाख रुपये से स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग हाल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बनने से यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं कराई जा सकेंगी। बहुउद्देशीय हाल (बैडमिंटन) की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने पर बैडमिंटन खिलाड़ी भी आने लगेंगे।
वालीबॉल कोर्ट, महिला व पुरुष खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण होगा। क्रीड़ाधिकारी कर्मवीर ने बताया कि यह सभी काम नवंबर 2020 तक पूरे हो जाएंगे। इसके अलावा स्टेडियम की चहारदीवारी, कार्यालय के भवन का जीर्णोद्घार का काम भी कराया जाएगा।
यह सभी काम उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ करा रहा है। यह सभी काम पूरे होने खिलाड़ियों को काफी सुविधाएं मिलेंगी।
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फतेहगढ़ स्थित स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ी अभी एक छोटे से कमरे में प्रशिक्षण लेते हैं। हाल न होने से स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं नहीं हो पाती हैं। बैडमिंटन का बहुउद्देशीय हाल तो बना है, लेकिन उसकी हालत दयनीय होने से बैडमिंटन खिलाड़ी स्टेडियम नहीं आते हैं।
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वॉलीबाल कोर्ट के नाम पर एक स्थान चिह्नित है, जिसमें नेट के लिए दो लोहे के पाइप लगे हैं और चारों ओर चूने से कोर्ट की जगह चिह्नित कर दी जाती है। इससे खिलाड़ियों को दिक्कत होती है। वर्ष 2020 के अंत तक खिलाड़ियों की यह सभी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
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शासन से मिले 5 करोड़ 14 लाख रुपये से स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग हाल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बनने से यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं कराई जा सकेंगी। बहुउद्देशीय हाल (बैडमिंटन) की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने पर बैडमिंटन खिलाड़ी भी आने लगेंगे।
वालीबॉल कोर्ट, महिला व पुरुष खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण होगा। क्रीड़ाधिकारी कर्मवीर ने बताया कि यह सभी काम नवंबर 2020 तक पूरे हो जाएंगे। इसके अलावा स्टेडियम की चहारदीवारी, कार्यालय के भवन का जीर्णोद्घार का काम भी कराया जाएगा।
यह सभी काम उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ करा रहा है। यह सभी काम पूरे होने खिलाड़ियों को काफी सुविधाएं मिलेंगी।