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Farrukhabad News: बजट आने के पांच माह बाद भी आयुर्वेद दवाओं की खरीद नहीं
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फर्रुखाबाद। शासन से बजट आने के पांच माह बाद भी आयुर्वेदिक दवाओं की स्वास्थ्य विभाग खरीद नहीं कर सका। खरीद न होने से अस्पताल में आयुर्वेदिक दवाएं नहीं हैं। आयुष डॉक्टरों से एलोपैथिक इलाज कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में 20 आयुष डॉक्टरों की सीएचसी व पीएचसी पर तैनाती है। इससे मरीजों को एलोपैथिक के साथ जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक इलाज भी मिल सके। काेरोना काल से लोगों का आयुर्वेद पर विश्वास बढ़ा है। इससे लोग पेट संबंधी छोटी-मोटी बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाएं लेने अस्पताल पहुंचते हैं।
हालात यह हैं कि सिविल अस्पताल लिंजीगंज सहित सभी सीएचसी पर आयुर्वेदिक दवाओं का स्टॉक समाप्त हो चुका है। पिछले दो वर्ष से दवाओं की आपूर्ति न होने से पुराना स्टॉक भी अब नहीं रह गया है। शासन से जून में जनपद को 10 लाख रुपये बजट दिया गया। इससे सभी स्थानों पर 50-50 हजार रुपये से दवाओं की खरीद होनी थी।
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सीएमएसडी स्टोर की लापरवाही के चलते अभी तक आयुर्वेदिक दवाओं की खरीद नहीं की जा सकी है। इससे अस्पतालों में तैनात आयुष डॉक्टर मरीजों का एलोपैथिक दवाओं से ही इलाज कर रहे हैं। आयुर्वेदिक दवाओं पर विश्वास रखने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। खास बात तो यह है कि खरीद के लिए करीब दो माह पहले ही अधिकारियों की कमेटी गठित हो चुकी है। बताया जा रहा है कि किसी ठेकेदार से सेटिंग न बैठ पाने से दवा खरीद में देरी हो रही है।
आयुर्वेदिक दवाओं की खरीद के लिए कमेटी गठित हो चुकी है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी करने के साथ दवाएं खरीदकर स्वास्थ्य केंद्रों पर आपूर्ति कराई जाएगी।
- डॉ.आरसी माथुर, डिप्टी सीएमओ व प्रभारी सीएमएसडी स्टोर, फर्रुखाबाद
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स्वास्थ्य विभाग में 20 आयुष डॉक्टरों की सीएचसी व पीएचसी पर तैनाती है। इससे मरीजों को एलोपैथिक के साथ जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक इलाज भी मिल सके। काेरोना काल से लोगों का आयुर्वेद पर विश्वास बढ़ा है। इससे लोग पेट संबंधी छोटी-मोटी बीमारी के लिए आयुर्वेदिक दवाएं लेने अस्पताल पहुंचते हैं।
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हालात यह हैं कि सिविल अस्पताल लिंजीगंज सहित सभी सीएचसी पर आयुर्वेदिक दवाओं का स्टॉक समाप्त हो चुका है। पिछले दो वर्ष से दवाओं की आपूर्ति न होने से पुराना स्टॉक भी अब नहीं रह गया है। शासन से जून में जनपद को 10 लाख रुपये बजट दिया गया। इससे सभी स्थानों पर 50-50 हजार रुपये से दवाओं की खरीद होनी थी।
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सीएमएसडी स्टोर की लापरवाही के चलते अभी तक आयुर्वेदिक दवाओं की खरीद नहीं की जा सकी है। इससे अस्पतालों में तैनात आयुष डॉक्टर मरीजों का एलोपैथिक दवाओं से ही इलाज कर रहे हैं। आयुर्वेदिक दवाओं पर विश्वास रखने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। खास बात तो यह है कि खरीद के लिए करीब दो माह पहले ही अधिकारियों की कमेटी गठित हो चुकी है। बताया जा रहा है कि किसी ठेकेदार से सेटिंग न बैठ पाने से दवा खरीद में देरी हो रही है।
आयुर्वेदिक दवाओं की खरीद के लिए कमेटी गठित हो चुकी है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी करने के साथ दवाएं खरीदकर स्वास्थ्य केंद्रों पर आपूर्ति कराई जाएगी।
- डॉ.आरसी माथुर, डिप्टी सीएमओ व प्रभारी सीएमएसडी स्टोर, फर्रुखाबाद