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बाढ़ का खतरा टला, बीमारियों ने जकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Sat, 06 Aug 2016 10:44 PM IST
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भीगे गेहूं को सुखाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा और रामगंगा का पानी कम होने से बाढ़ का खतरा तो कम हो गया लेकिन बीमारियों का डर बढ़ गया है। साधौसराय नगरा में बच्चों समेत कई ग्रामीण खासी, बुखार, खुजली की बीमारी से ग्रसित हो गए है। स्वास्थ्य टीम जानकारी दिए जाने के बाद गांव में नहीं पहुंची।
गंगा और रामगंगा का जलस्तर कम होने से शमसाबाद क्षेत्र के गांव साधौसराय नगरा में भरा पानी धीरे धीरे निकलना शुरू हो गया। पानी कम होने से गांव में खुजली, बुखार, खासी, फोड़ा फुंसी की बीमारी फैलनी शुरू हो गई है। गांव के अमित (8), सोनाली (10), रागिनी (5), शिवानी (7), आर्यन (3), प्रयांशी (7), सचिन (3), किरन (5), पूनम (8) समेत एक दर्जन से अधिक बच्चे और गांव के कई लोग बुखार और खुजली की बीमारी से पीड़ित है।
इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी गई। टीम के सदस्य बाढ़ चौकी तक गए और खानापूरी कर वापस लौट गए।
101 दूध भरे कलशों से रामगंगा का अभिषेक करने के बाद जलस्तर कम होने से ग्रामीणों मेें खुशी की लहर है। ग्रामीणों को मनाना है कि अब बाढ़ का खतरा टल गया है।
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रामगंगा का तेजी से जलस्तर बढ़ने से कोलासोता गांव पानी से घिर गया था। कटान भी तेज हो गया था। इससे ग्रामीण भयभीत थे। इस कारण शुक्रवार को ग्रामीणों ने रामगंगा किनारे हवन पूजन किया और 101 दूध भरे कलश से रामगंगा का अभिषेक किया। शनिवार को रामगंगा का जलस्तर कम हो गया। इसको लेकर ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में गिरावट होनी शुरू हो गई है। दो दिन से लगातार जलस्तर कम होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र वाले गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचने के बाद लगातार घटने लगा है। शुक्रवार को जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी होने के कारण जलस्तर 136.65 मीटर से घटकर 136.55 मीटर पर आ गया था। शनिवार को 10 सेंटीमीटर की और कमी हो गई। इससे जलस्तर 136.45 मीटर पर आ गया है।
शनिवार को गंगा में नरौरा से 59468, हरिद्वार से 54175 और विजनौर से 59234 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 20 सेंटीमीटर जलस्तर कम होने के कारण रामगंगा का जलस्तर 136.00 मीटर पर लौट आया है। इसमें 10674 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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गंगा और रामगंगा का जलस्तर कम होने से शमसाबाद क्षेत्र के गांव साधौसराय नगरा में भरा पानी धीरे धीरे निकलना शुरू हो गया। पानी कम होने से गांव में खुजली, बुखार, खासी, फोड़ा फुंसी की बीमारी फैलनी शुरू हो गई है। गांव के अमित (8), सोनाली (10), रागिनी (5), शिवानी (7), आर्यन (3), प्रयांशी (7), सचिन (3), किरन (5), पूनम (8) समेत एक दर्जन से अधिक बच्चे और गांव के कई लोग बुखार और खुजली की बीमारी से पीड़ित है।
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इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी गई। टीम के सदस्य बाढ़ चौकी तक गए और खानापूरी कर वापस लौट गए।
101 दूध भरे कलशों से रामगंगा का अभिषेक करने के बाद जलस्तर कम होने से ग्रामीणों मेें खुशी की लहर है। ग्रामीणों को मनाना है कि अब बाढ़ का खतरा टल गया है।
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रामगंगा का तेजी से जलस्तर बढ़ने से कोलासोता गांव पानी से घिर गया था। कटान भी तेज हो गया था। इससे ग्रामीण भयभीत थे। इस कारण शुक्रवार को ग्रामीणों ने रामगंगा किनारे हवन पूजन किया और 101 दूध भरे कलश से रामगंगा का अभिषेक किया। शनिवार को रामगंगा का जलस्तर कम हो गया। इसको लेकर ग्रामीणों में खुशी की लहर है।
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में गिरावट होनी शुरू हो गई है। दो दिन से लगातार जलस्तर कम होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र वाले गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचने के बाद लगातार घटने लगा है। शुक्रवार को जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी होने के कारण जलस्तर 136.65 मीटर से घटकर 136.55 मीटर पर आ गया था। शनिवार को 10 सेंटीमीटर की और कमी हो गई। इससे जलस्तर 136.45 मीटर पर आ गया है।
शनिवार को गंगा में नरौरा से 59468, हरिद्वार से 54175 और विजनौर से 59234 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 20 सेंटीमीटर जलस्तर कम होने के कारण रामगंगा का जलस्तर 136.00 मीटर पर लौट आया है। इसमें 10674 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।