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विवेचक ने एआरटीओ को नोटिस भेजकर मांगी विभागीय जांच अख्या
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फर्रुखाबाद। दस माह बीत जाने के बाद भी एआरटीओ कार्यालय से कोई जानकारी न मिलने पर विवेचक ने एआरटीओ को नोटिस देकर विभागीय जांच आख्या की कॉपी मांगी है। विभाग ने विवेचक को अब तक यह भी नहीं बताया कि रिकार्ड रूम से गायब हुई 17 स्लीपर बसों की पत्रावली की जिम्मेदारी किस कर्मचारी को दी गई थी। गुरुवार को भी विवेचक कार्यालय में पहुंची, लेकिन उनको एआरटीओ नहीं मिले। बस मालिक के प्रतिष्ठान पर भी विवेचक गईं, लेकिन वह भी ऑफिस में नहीं मिले और उनका मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा था।
जनपद कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई के सामने दस जनवरी को सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई बस व ट्रक में हुई भिड़ंत में दस लोगों की जलकर मौत हो गई थी। बस फर्रुखाबाद एआरटीओ कार्यालय में शहर कोतवाली के मोहल्ला सुनहरी मस्जिद निवासी विमल चतुुर्वेदी की पत्नी प्रीती के नाम से पंजीकृत थी।
इस मामले में एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने अज्ञात के खिलाफ रिकार्ड रूम से 17 बसों की फाइलें गायब कर देने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच विवेचक सीमा पटेल को दी गई। विवेचक सीमा ने कई बार कार्यालय जाकर लिपिक राजेंद्र व आरआई जीवन कुमार से संपर्क कर विवेचना से संबंधी दस्तावेज मांगे। लेकिन कोई रिकार्ड नहीं दिया गया। जिस पर उन्होंने एआरटीओ शांतिभूषण को नोटिस देकर विभागीय जांच आख्या की कॉपी व तत्कालीन रिकार्ड रूम के प्रभारी कर्मचारी के बारे में जानकारी मांगी है। विवेचक सीमा पटेल ने बताया कि कुछ फाइलों के मिलने की बात बताई गई। लेकिन उनको अभी कुछ भी नहीं दिया गया है।
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जनपद कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई के सामने दस जनवरी को सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई बस व ट्रक में हुई भिड़ंत में दस लोगों की जलकर मौत हो गई थी। बस फर्रुखाबाद एआरटीओ कार्यालय में शहर कोतवाली के मोहल्ला सुनहरी मस्जिद निवासी विमल चतुुर्वेदी की पत्नी प्रीती के नाम से पंजीकृत थी।
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इस मामले में एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने अज्ञात के खिलाफ रिकार्ड रूम से 17 बसों की फाइलें गायब कर देने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच विवेचक सीमा पटेल को दी गई। विवेचक सीमा ने कई बार कार्यालय जाकर लिपिक राजेंद्र व आरआई जीवन कुमार से संपर्क कर विवेचना से संबंधी दस्तावेज मांगे। लेकिन कोई रिकार्ड नहीं दिया गया। जिस पर उन्होंने एआरटीओ शांतिभूषण को नोटिस देकर विभागीय जांच आख्या की कॉपी व तत्कालीन रिकार्ड रूम के प्रभारी कर्मचारी के बारे में जानकारी मांगी है। विवेचक सीमा पटेल ने बताया कि कुछ फाइलों के मिलने की बात बताई गई। लेकिन उनको अभी कुछ भी नहीं दिया गया है।
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