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राम भक्तों के लिए व्यवस्थाएं भी रामभरोसे

Fri, 16 Jan 2015 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद Updated Fri, 16 Jan 2015 12:37 AM IST
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Arrangements for the devotees of Ram demolished

भगवान राम के भाव को समेटे रामनगरिया में ऐसा भाव परिलक्षित होता है कि साधुसंत, कल्पवासी सभी एकसूत्र में बंधे दिखते हैं।

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वैदिक संस्कृति की अनूठी छाप दिखाई देती है। यहां धार्मिक आयोजन वैदिक ऋचाओं के आधार पर संपन्न हो रहे हैं। विविध रंगों में रंगे साधु-संत परहित के भाव के साथ स्वकल्याण में भी जुटे दिखाई देते हैं।

कथाएं लोगों को सांसारिक कष्टों से छुटकारा दिलाने का संदेश दे रही हैं तो वहीं भंडारे लोगों की क्षुधा शांत करने में सहयोग कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड भी इन दानवीरों के हौसले के आगे पस्त दिखाई देती है।
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दूसरी ओर प्रशासनिक व्यवस्था रामभरोसे है। यहां बने अस्पताल में दवाओं का टोटा है, जबकि पेट दर्द, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हैंडपंपों से हत्थे गायब हैं। गलनभरी सर्दी के चलते मेला क्षेत्र में सन्नाटा पसरा है।
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मेला कोतवाली के सामने बने रोड के ऊपर से गुजरे बिजली के तारों से ट्रैक्टर में लदा सामान टकरा गया। इससे बल्लियों में लगे तार टूट गए। हालांकि कोई हादसा नहीं हुआ। यहां बिछे तार इतने ढीले हैं कि तेज हवाएं चलने पर यह आपस में टकराते हैं।

इसकी शिकायत कल्पवासियों ने मेला प्रभारी से की। शिकायत पर मेला प्रभारी ने बिजलीकर्मियों को भेजकर झूलते तारों में क्लंप बंधवाए।

मेला क्षेत्र में हजारों कल्पवासी व साधुसंत साधना में तल्लीन हैं तो उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा की जिम्मेदारी के लिए प्रशासन ने होम्योपैथिक, एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए डाक्टरों की तैनाती की है। लेकिन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या से दवाओं का टोटा हो गया है।

यहां खांसी, जुकाम व चोट की कोई दवा उपलब्ध नहीं है। डाक्टरों का कहना है कि यहां प्रतिदिन 500 मरीज पेट दर्द के आ रहे हैं।

कल्पवासियों को शुद्घ जल मुहैया कराए जाने के लिए मेला प्रशासन की ओर से जगह-जगह हैंडपंप लगवाए गए। लेकिन इन हैंडपंपों की हकीकत परखने पर प्रतीत होता है कि कई हैंडपंप क्षेत्र में ऐसे लगे हैं, जिनमें हत्था ही नहीं है।

लोग सीधे राड खींचकर पानी निकालते हैं। लोगों ने कई बार इस बावत मेला प्रशासन से शिकायत की लेकिन ठेकेदार पर जिम्मा डाल अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।

मेला क्षेत्र में यूं तो संविदा व सरकारी सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन आदेशों को धता बताकर आधे से ज्यादा सफाईकर्मियों ने अभी तक ड्यूटी का जिम्मा नहीं संभाला है।


इसके चलते मेला क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी फैली है। मेला प्रभारी का कहना है कि जिन सफाईकर्मियों ने अभी तक ड्यूटी रिसीव नहीं की है। उनके खिलाफ डीपीआरओ को लिखा गया है।


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