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Farrukhabad News: इंतजाम पूरे, फिर भी बच्चा वार्ड में इलाज नहीं

Sat, 23 Mar 2024 02:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2024 02:48 PM IST
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Arrangements completed, still no treatment in child ward
फर्रुखाबाद। बच्चों के अच्छे इलाज के लिए लोहिया अस्पताल में बना बच्चा वार्ड निरर्थक साबित हो रहा है। छह माह से जिम्मेदार हीलाहवाली बरत रहे हैं। इन वार्डों को चालू करने के लिए रिमोट चलित 42 बेड, 12 आईसीयू व अन्य आधुनिक मशीनें स्टोर में बंद हैं। इससे बच्चों को अच्छा इलाज नहीं मिल रहा है।
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डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में रोजाना 100 से अधिक बच्चे इलाज के लिए आते हैं। सरकार की मंशा बच्चों को गुणवत्तायुक्त इलाज देना है। इसी मंशा से करीब छह महीने पहले 30 सामान्य और 12 आईसीयू बेड वाले दो वार्ड बनकर तैयार हो चुके हैं। शासन से इनके लिए रिमोट चलित स्लाइडर लॉकर युक्त 42 बेड, बच्चों के इलाज में जरूरत की कई आधुनिक मशीनें, आईसीयू कई महीने पहले ही उपलब्ध हो चुके हैं। इस पूरे सामान को एक स्टोर में बंद करवा दिया गया है। तभी से सामान धूल फांक रहा है। जिम्मेदारों की लेटलतीफी के चलते बच्चों को गुणवत्तायुक्त इलाज नहीं मिल पा रहा।
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तीन बालरोग विशेषज्ञों की तैनाती
लोहिया पुरुष अस्पताल में इन दिनों तीन बालरोग विशेषज्ञ तैनात हैं। इनमें डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. हरेंद्र चौहान व डॉ. विवेक सक्सेना हैं। इस वक्त यह डॉक्टर ओपीडी में ही बैठकर बच्चों को देखते हैं। जबकि अस्पताल में बने पीकू वार्ड में ऑक्सीजन के अलावा अन्य कोई भी सुविधा नहीं है।
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बच्चों में फैल सकता है संक्रमण
इस समय लोहिया अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में करीब 100 बच्चे उपचार के लिए आते हैं। इन्हें अन्य मरीजों के साथ ही देखा जाता है। इससे बच्चों में इन्फेक्शन फैलने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

-निर्माण विभाग के अधिकारी आए थे। कुछ सिविल का काम बचा था। जिम्मेदार लोगों ने अभी तक उसे नहीं कराया। काम पूरा होते ही मशीनें और बेड आदि सामान लगाकर इस वक्त तैनात स्टाफ से ही बच्चों की ओपीडी शुरू करवा देंगे। हालांकि इस वार्ड के लिए डॉक्टर को छोड़ अन्य स्टाफ अलग से आना है।
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।
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