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Farrukhabad News: लाइसेंस नवीनीकरण न करने पर मंडी सचिव से नोकझोंक
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फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में आढ़तियों के लाइसेंस नवीनीकरण न होने पर सचिव से नोकझोंक हो गई। मामला जब तूल पकड़ा तो सचिव ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी बुला ली। बैंक स्टेटमेंट का मिलान न होने से नवीनीकरण में रोड़ा लगा है।
सातनपुर मंडी में आलू व अनाज सहित करीब 800 से अधिक व्यापारी हैं। 30 जून तक फर्मों के लाइसेंस का नवीनीकरण होना है। इसके चलते आढ़ती मंडी सचिव से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। आढ़तियों ने कहा कि वह लोग मंडी के बैंक खाते में मंडी शुल्क जमा कर चुके हैं। इसका उन लोगों के पास चेक व वाउचर उपलब्ध है। व्यापारियों के खाते से मंडी शुल्क खारिज न किए जाने से वह लोग बकायेदार दिख रहे हैं, जबकि पूरा मंडी शुल्क अदा है।
मामला तूल पकड़ने पर सचिव ने फोन कर पुलिस बुलवा ली। यह बात व्यापारियों को नगंवार लगी। इस पर सचिव बोले सुरक्षा भी तो जरूरी है। आढ़ती अरुण मिश्रा ने बताया कि उनकी फर्म सुनील कुमार आलोक कुमार के अलावा एसके ट्रेडर्स, गुप्ता ब्रदर्स, हरिबाबू अनिल कुमार, प्रदीप ट्रेडर्स, राधा ट्रेडर्स आदि व्यापारियों ने मंडी शुल्क जमा होने का रिकार्ड दिखाया।
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चेक नंबर देते हुए कहा कि 9आर, 7आर खारिज करो। इस पर सचिव ने बैंक से स्टेटमेंट मंगाने की बात कहकर लाइसेंस नवीनीकरण करने से मना कर दिया। कहा कि पुराना मामला है, इसका उनके पास रिकार्ड नहीं है। जो कर्मचारी पहले तैनात था वही जाने।
सचिव रामसेवक वर्मा ने बताया कि बैंक स्टेटमेंट से मंडी शुल्क का मिलान करने के बाद ही लाइसेंस नवीनीकरण किया जाएगा। तत्काल नवीनीकरण न होने पर व्यापारी नाराज हो गए थे। हालांकि कोई खास विवाद नहीं हुआ।
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सातनपुर मंडी में आलू व अनाज सहित करीब 800 से अधिक व्यापारी हैं। 30 जून तक फर्मों के लाइसेंस का नवीनीकरण होना है। इसके चलते आढ़ती मंडी सचिव से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। आढ़तियों ने कहा कि वह लोग मंडी के बैंक खाते में मंडी शुल्क जमा कर चुके हैं। इसका उन लोगों के पास चेक व वाउचर उपलब्ध है। व्यापारियों के खाते से मंडी शुल्क खारिज न किए जाने से वह लोग बकायेदार दिख रहे हैं, जबकि पूरा मंडी शुल्क अदा है।
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मामला तूल पकड़ने पर सचिव ने फोन कर पुलिस बुलवा ली। यह बात व्यापारियों को नगंवार लगी। इस पर सचिव बोले सुरक्षा भी तो जरूरी है। आढ़ती अरुण मिश्रा ने बताया कि उनकी फर्म सुनील कुमार आलोक कुमार के अलावा एसके ट्रेडर्स, गुप्ता ब्रदर्स, हरिबाबू अनिल कुमार, प्रदीप ट्रेडर्स, राधा ट्रेडर्स आदि व्यापारियों ने मंडी शुल्क जमा होने का रिकार्ड दिखाया।
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चेक नंबर देते हुए कहा कि 9आर, 7आर खारिज करो। इस पर सचिव ने बैंक से स्टेटमेंट मंगाने की बात कहकर लाइसेंस नवीनीकरण करने से मना कर दिया। कहा कि पुराना मामला है, इसका उनके पास रिकार्ड नहीं है। जो कर्मचारी पहले तैनात था वही जाने।
सचिव रामसेवक वर्मा ने बताया कि बैंक स्टेटमेंट से मंडी शुल्क का मिलान करने के बाद ही लाइसेंस नवीनीकरण किया जाएगा। तत्काल नवीनीकरण न होने पर व्यापारी नाराज हो गए थे। हालांकि कोई खास विवाद नहीं हुआ।