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9000 मानदेय की नौकरी को 25 हजार की वसूली
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फर्रुखाबाद। विद्युत वितरण निगम के उपकेंद्रों पर सहायक एसएसओ (सहायक सब स्टेशन आपरेटर) की नियुक्तियों में वसूली का खेल चल रहा है। टेंडर में शुल्क या सिक्योरिटी रकम की कोई शर्त न होने के बावजूद फर्म ठेकेेदार 25-25 हजार रुपये के डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) लेकर नियुक्ति पत्र दे रहे हैं।
यह धन वापस होगा या नहीं, इस संबंध में किसी भी नौकरी पाने वाले को जानकारी नहीं दी गई। यह खेल निगम के अफसरों से छिपा नहीं है, लेकिन वह चुप्पी साधे हैं।
विद्युत उपकेंद्रों पर एसएसओ (सब स्टेशन आपरेटर) व लाइनमैनों की तैनाती ठेकेदार के माध्यम से संविदा पर होती है। इसके लिए निगम की ओर से हर साल टेंडर होता है। अब विभाग ने एसएसओ (कुशल) के अलावा एक सहायक एसएसओ (अकुशल) का नया पद सृजित किया है।
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इसके लिए दंक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा से टेंडर निकाला गया था। एसएसओ और सहायक एसएसओ को रखने का ठेका लखनऊ की फर्म रामा इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड को मिला है।
जिले में ग्रामीण खंड में 19, शहरी क्षेत्र में 12 और कायमगंज खंड में 13 विद्युत उपकेंद्र हैं। इनमें आवश्यकता के अनुसार एसएसओ पहले से तैनात हैं। इनको नई फर्म में समायोजित कर दिया गया।
ठेकेदार सभी उपकेंद्रों पर प्रत्येक एसएसओ के साथ एक-एक सहायक एसएसओ की तैनाती कर रहे हैं। इस तरह जिले में 136 सहायक एसएसओ की तैनाती होनी है।
इसमें 70 प्रतिशत की तैनाती कर दी गई है। इनको प्रति माह 9000 रुपये मानदेय मिलेगा। उपकेंद्रों पर तैनात हुए कुछ सहायक एसएसओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार ने अपनी फर्म के नाम से 25-25 हजार रुपये के डीडी लेने के बाद नियुक्ति पत्र दिए।
ये रुपये वापस होंगे या नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई। ये स्थिति तब है जब टेंडर में किसी भी रूप में रुपये लेने की कोई शर्त नहीं है। (संवाद)
क्या कहते जिम्मेदार
मुझे उपकेंद्रों पर सहायक एसएसओ की नियुक्ति पर डीडी लेने की जानकारी नहीं है। डीडी लेना गलत है। इसको मैं स्वयं दिखवाऊंगा। टेंडर की शर्तों के अनुसार फर्म को काम करना होता है। अगर कोई शिकायत करे तो फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राकेश कुमार, डायरेक्टर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम परसनल, आगरा
यह हमारी कंपनी का नियम है, इसलिए डीडी लिए गए हैं। टेंडर के अनुसार हर काम नहीं होता है। यह धनराशि वापस भी की जाएगी। इस संबंध में कर्मचारियों को बता दिया जाएगा।
प्रदीप आर्या, डीजीएम रामा इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड
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यह धन वापस होगा या नहीं, इस संबंध में किसी भी नौकरी पाने वाले को जानकारी नहीं दी गई। यह खेल निगम के अफसरों से छिपा नहीं है, लेकिन वह चुप्पी साधे हैं।
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विद्युत उपकेंद्रों पर एसएसओ (सब स्टेशन आपरेटर) व लाइनमैनों की तैनाती ठेकेदार के माध्यम से संविदा पर होती है। इसके लिए निगम की ओर से हर साल टेंडर होता है। अब विभाग ने एसएसओ (कुशल) के अलावा एक सहायक एसएसओ (अकुशल) का नया पद सृजित किया है।
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इसके लिए दंक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा से टेंडर निकाला गया था। एसएसओ और सहायक एसएसओ को रखने का ठेका लखनऊ की फर्म रामा इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड को मिला है।
जिले में ग्रामीण खंड में 19, शहरी क्षेत्र में 12 और कायमगंज खंड में 13 विद्युत उपकेंद्र हैं। इनमें आवश्यकता के अनुसार एसएसओ पहले से तैनात हैं। इनको नई फर्म में समायोजित कर दिया गया।
ठेकेदार सभी उपकेंद्रों पर प्रत्येक एसएसओ के साथ एक-एक सहायक एसएसओ की तैनाती कर रहे हैं। इस तरह जिले में 136 सहायक एसएसओ की तैनाती होनी है।
इसमें 70 प्रतिशत की तैनाती कर दी गई है। इनको प्रति माह 9000 रुपये मानदेय मिलेगा। उपकेंद्रों पर तैनात हुए कुछ सहायक एसएसओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार ने अपनी फर्म के नाम से 25-25 हजार रुपये के डीडी लेने के बाद नियुक्ति पत्र दिए।
ये रुपये वापस होंगे या नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई। ये स्थिति तब है जब टेंडर में किसी भी रूप में रुपये लेने की कोई शर्त नहीं है। (संवाद)
क्या कहते जिम्मेदार
मुझे उपकेंद्रों पर सहायक एसएसओ की नियुक्ति पर डीडी लेने की जानकारी नहीं है। डीडी लेना गलत है। इसको मैं स्वयं दिखवाऊंगा। टेंडर की शर्तों के अनुसार फर्म को काम करना होता है। अगर कोई शिकायत करे तो फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राकेश कुमार, डायरेक्टर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम परसनल, आगरा
यह हमारी कंपनी का नियम है, इसलिए डीडी लिए गए हैं। टेंडर के अनुसार हर काम नहीं होता है। यह धनराशि वापस भी की जाएगी। इस संबंध में कर्मचारियों को बता दिया जाएगा।
प्रदीप आर्या, डीजीएम रामा इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड