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खोखों के कारतूस में बदलने के खेल की आशंका
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Mon, 14 Dec 2015 12:29 AM IST
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फर्रुखाबाद। खंता नाला में मिले खोखों की गिनती पूरी हो गई है। इसके लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया जा चुका है। एक तरफ एसटीएफ व अन्य एजेंसियों के लिए यह मामला अनसुलझी पहेली है तो पुलिस इसे कूड़े के अतिरिक्त कुछ भी नहीं मान रही है। खोखों के कारतूस में बदलने के खेल की आशंका जताई जा रही है। खंता नाला में 11 दिसंबर को भी प्रतिबंधित कारतूसों के 28 खोखे बरामद हुए थे। वहीं पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की न ही किसी नतीजे पर पहुंची है।
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संयोगिता मार्ग स्थित खंता नाला से 30 नवंबर से लगातार चार दिन तक प्रतिबंधित कारतूसों के खोखे बरामद हुए थे। इन्हें पुलिस ने लावारिस में मालखाने में जमा करा दिया। पुलिस कप्तान ने इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया। इस दौरान बर्खास्त आरमरर असगर अली पर शक की सुई घूमती रही। पुलिस ने उसके घर दबिश के दौरान बाइक जब्त कर ली थी।
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10 दिसंबर को खोखों की छंटनी और गिनती शुरू कराई गई। इनकी संख्या 10,560 बताई जा रही है। इसमें 9 एमएम, 303 बोर, 303 बोर ब्लैक, 9 एमएम, 315 बोर, 410 मसकट, 7.62 एसएलआर के खोखे शामिल हैं। खोखे मिलने के दौरान इस मामले की जांच एसटीएफ लखनऊ को दी गई। यह वाक्या तब हुआ, जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश व बरेली समेत प्रदेश के कई शहरों में आईएसआई गतिविधियों की जानकारी खुफिया एजेंसियों को मिली।
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इस संबंध में पाकिस्तानी जासूस इजाज की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो खोखों को जिंदा कारतूस में बदलने के खेल की आशंका है। इस प्रकरण के तहत अलीगढ़ आरमरर रजनीश पांडेय को भी शहर के फतेहगढ़ से जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सब घटनाओं के बावजूद पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
इस खेल को इतने शातिराना अंदाज में किया गया कि इसकी भनक किसी को नहीं लगी। लगातार चार दिन तक खोखे नाले से मिलते रहे और पुलिस कुछ करने के बजाय इन्हें इकट्ठा करने में मशगूल रही।
सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसियों के लिए यह क्षेत्र के लिए खतरे का संकेत तो हो सकती लेकिन पुलिस के लिए खोखे मात्र कूड़े के ढेर के अतिरिक्त कुछ नहीं। क्षेत्र की जनता इस राज से पर्दा उठने का अभी भी इंतजार कर रही है।
क्या कहते जांच टीम के प्रभारी व सदस्य
बरामद खोखों की गिनती पूरी कर ली गई है। फिलहाल खोखों की बरामदगी में कोई अपराध नहीं बनता है। खोखे सेंट्रल स्टोर सीतापुर में रिफंडेशन के लिए जमा कराए जा सकते हैं। अंतत: निर्णय कमेटी पर निर्भर करेगा।- राजाराम, आरआई लाइन फतेहगढ़
खोखों की बरामदगी में मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। इस पर अंतिम निर्णय समिति की बैठक के बाद लिया जाएगा। - योगेश कुमार, जांच टीम प्रभारी व सीओ सिटी