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आईएएस बनना चाहता है अंशुल
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Tue, 17 May 2016 12:48 AM IST
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मां विनीता पाठक और भाई बहन के साथ मौजूद अंशुल पाठक।
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2014 में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति योजना में चयनित और सरस्वती विद्या मंदिर फतेहगढ़ में अध्ययन कर रहे अंशुल पाठक को इंटरमीडिएट परीक्षा में 79 प्रतिशत अंक मिले हैं। वह सिविल सर्विस में चयन होकर देश सेवा करना चाहते हैं। इसकी तैयारी के लिए वह इलाहाबाद जा रहे हैं।
रविवार दोपहर आए परीक्षा परिणाम को देख अंशुल बहुत प्रसन्न नहीं दिखे। वह कहते हैं कि मेहनत करने के बाद अपेक्षा के अनुरूप परिणाम न आने से वह दुखी हैं। हाईस्कूल की ही भांति इंटर में भी उन्हें 90 प्रतिशत अंक आने की उम्मीद थी। परीक्षा की तैयारी के लिए मां विनीता व पिता प्रबल पाठक ने काफी उत्साहवर्धन किया। अंशुल कहते हैं कि वह भविष्य में सिविल सर्विसेज परीक्षा उत्तीर्ण कर राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वह कोचिंग लेने को इलाहाबाद जाएंगे।
अंशुल की छोटी बहन दीक्षा व भाई मिहिर भी भाई के नक्शे कदम पर चलकर माता-पिता का नाम रोशन करना चाहते हैं। अंशुल के पिता प्रबल पाठक स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट कोच हैं जबकि मां विनीता पाठक गृहणी हैं।
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रविवार दोपहर आए परीक्षा परिणाम को देख अंशुल बहुत प्रसन्न नहीं दिखे। वह कहते हैं कि मेहनत करने के बाद अपेक्षा के अनुरूप परिणाम न आने से वह दुखी हैं। हाईस्कूल की ही भांति इंटर में भी उन्हें 90 प्रतिशत अंक आने की उम्मीद थी। परीक्षा की तैयारी के लिए मां विनीता व पिता प्रबल पाठक ने काफी उत्साहवर्धन किया। अंशुल कहते हैं कि वह भविष्य में सिविल सर्विसेज परीक्षा उत्तीर्ण कर राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वह कोचिंग लेने को इलाहाबाद जाएंगे।
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अंशुल की छोटी बहन दीक्षा व भाई मिहिर भी भाई के नक्शे कदम पर चलकर माता-पिता का नाम रोशन करना चाहते हैं। अंशुल के पिता प्रबल पाठक स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट कोच हैं जबकि मां विनीता पाठक गृहणी हैं।
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