फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Ambulance fit on the chassis number of another vehicle

दूसरे चेचिस नंबर पर एंबुलेंस को घोषित कर दिया फिट

Wed, 16 Jun 2021 09:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 09:18 PM IST
विज्ञापन
Ambulance fit on the chassis number of another vehicle
दूसरे वाहन के चेसिस नंबर पर एंबुलेंस फिट
विज्ञापन

फर्रुखाबाद। एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत एंबुलेंस को दूसरे वाहन के चेसिस नंबर पर फिटनेस का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। जब मामला खुला तो विभाग में हड़कंप मच गया। रिकार्ड रूम से फाइल निकलवाकर जांच शुरू कर दी गई। आरआई ने एंबुलेंस का निरीक्षण और लिपिक ने सत्यापन किया था।
जनपद उन्नाव से एक वर्ष पहले एनओसी लेकर आई एंबुलेंस यहां के एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हुई थी। एंबुलेंस का पंजीकरण नंबर यूपी 35 एटी 4005 है। इसका रजिस्ट्रेशन शहर कोतवाली के मोहल्ला खतराना निवासी सर्वेश कुमार के नाम है। दो दिन पहले फिटनेस के लिए एंबुलेंस को कार्यालय मंगवाया गया था। पंजीयन प्रमाण पत्र में इसका चेसिस नंबर 385056 सीयू 2708923 है।
विज्ञापन

फिटनेस के लिए फार्म पर चेसिस नंबर उतारा गया तो ये 850568 यू 7917810 निकला। आरआई जीवन कुमार ने एंबुलेंस का निरीक्षण कर इसी नंबर को देखकर हस्ताक्षर कर दिए। फाइल वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र कुमार के पास पहुंची और उन्होंने भी सत्यापन कर दिया। मंगलवार को एंबुलेंस का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। बुधवार को कार्यालय के रिकार्ड रूम से दस्तावेज बाहर दलालों के पास पहुंच गए। इसके बाद दूसरे चेसिस नंबर से फिटनेस की बात खुली। फिर क्या था। विभाग में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विभाग के रिकार्ड रूम से फाइल निकलवाकर देखी गई। फाइल की फोटोकॉपी बाहर कैसे पहुंच गई इस पर आरआई ने कर्मचारियों को फटकार लगाई। कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे खंगाल कर देखा गया कि फाइल की फोटोकॉपी बाहर कैसे पहुंची लेकिन कुछ पता नहीं चला।
सूत्रों के मुताबिक एंबुलेंस की फिटनेस जारी करने के लिए 1000 रुपये अधिकारी व 500 रुपये लिपिक के नाम से लिए जाते हैं। ऐसे में रुपये के लालच में फाइल की अनदेखी कर फिटनेेस प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

आरआई जीवन कुमार ने बताया कि उन्होंने निरीक्षण के बाद अपने कंप्यूटर पर एंबुलेंस के छह फोटो अपलोड किए हैं। लिपिक राजेंद्र के पटल से सत्यापन में गलती हुई है। फिटनेस प्रमाण पत्र पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए है। लिपिक के पटल से ही फिटनेस का प्रमाण पत्र प्रिंट करके जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed