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आरोप : पांच लाख लेने के बाद भी दरोगा के खिलाफ लगाई चार्जशीट

Thu, 23 Jul 2026 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:09 AM IST
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Allegation: Charge sheet filed against Sub-Inspector despite accepting 5 lakh.
फर्रुखाबाद। पत्नी की तरफ से दरोगा के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में विवेचक ने पांच लाख रुपये लेने के बाद भी चार्जशीट लगा दी। दरोगा की मां ने एसपी से शिकायत कर विवेचक व कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी ने सीओ सिटी को जांच सौंपी है।
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जनपद बरेली में इज्जतनगर के आशुतोष सिटी गेट नंबर तीन निवासी राजबाला ने एसपी को बताया कि उनके पति सोमपाल सिंह दरोगा थे। ड्यूटी के दौरान उनकी मौत के बाद बड़े पुत्र विवेक सिंह राणा को नौकरी मिली। दिमागी रूप से परेशान पुत्रवधू साधना का बरेली में इलाज चल रहा है। वह पुत्र से विवाद करती है। गत वर्ष कादरीगेट थाने में तैनाती के दौरान बंदरों के हमले से छत से गिरकर विवेक घायल हो गया। इसी बीच पुत्रवधू साधना आई और विवेक से विवाद करने लगी। इसके बाद सहकारी संघ में बने कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी लगा ली। छज्जा टूटने से बहू गिरकर घायल हो गई। बहू ने शहर कोतवाली में पुत्र विवेक के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इसकी विवेचना दरोगा कल्पेश चौधरी कर रहे हैं।
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24 फरवरी को वह रेलवे रोड चौकी पर गई तो विवेचक ने उसे हड़काया और कहा कि तुम्हारे पुत्र दरोगा विवेक सिंह व नौकर नीरज को जेल भेज देंगे, वरना सात लाख रुपये का इंतजाम करो। 26 फरवरी को विवेचक, एक सिपाही व महिला आरक्षी के साथ उनके घर आए। धमकाने पर उन्होंने दो लाख रुपये दे दिए। विवेचक ने पूरे रुपये देने पर मुकदमा समाप्त करने का भरोसा दिया। उन्होंने रिश्तेदार चंद्र पाल से तीन लाख रुपये लेकर दे दिए। विवेचक ने कहा कि इतने रुपये तो वरिष्ठ अधिकारियों को ही चले जाएंगे।
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बाद में पता चला कि विवेचक ने पुत्र विवेक के खिलाफ कार्रवाई कर दी। जब उन्होंने विवेचक से रुपये वापस मांगे तो उसने कहा कि तेरे बेटे के साथ तुझे भी जेल भेज देंगे। उन्होंने शहर कोतवाल से शिकायत की। कई बार चक्कर काटने के बावजूद विवेचक ने रुपये वापस नहीं किए। उन्होंने एसपी से पांच लाख रुपये वापस कराने के साथ विवेचक व कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दरोगा कल्पेश चौधरी ने बताया कि एफआईआर में विवेक की मां का नाम भी शामिल था। वह घटना वाले दिन मौके पर नहीं थीं। उसका नाम विवेचना से निकाल दिया था। फाइनल रिपोर्ट न लगाने पर उन पर रुपये लेने के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि उन्होंने सीओ सिटी को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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