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अलम के जुलूस में भी लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 12 Oct 2016 10:45 PM IST
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मातम करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में यौम-ए-आशूरा पर ताजियों और अलम के जुलूस निकाले गए। जुलूस में अकीदतमंदों ने तिरंगे के साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों की भी गूंज रही। इस दौरान अजादारों ने जंजीर और कमा का मातम किया। यह मंजर देख लोग सिहर उठे। इसके साथ विभिन्न इलाकों के ताजिये अकीदत के माहौल में दफन किए गए।
बुधवार को सुबह से ही मुसलमान इमाम हुसैन की शहादत की याद में डूबे रहे। आज हमारा इमाम हुसैन हमसे जुदा हो गया, रसूल का दामन नहीं छोड़ेंगे आदि नारे लगाते हुए लोग कर्बला पहुंचने लगे। बच्चे व महिलाएं भी कर्बला में हाजिरी देने में पीछे नहीं रहीं।
ठंडी सड़क स्थित दरे जैनबिया से शिया समुदाय का मातमी जुलूस उठा। स्याह लिवास, नंगे पांव और हाथों में तिरंगा लेकर निकला हुसैनी काफिला जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ में इजाफा होता गया। शहर के मुख्य चौराहों पर मातमी दस्तों ने जंजीर का मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। कोई इमाम को तो कोई छह माह के असगर को रो-रोकर याद कर रहा था। इस दौरान बीचे में पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी गूंजते रहे।
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इस मंजर को देखने के लिए सड़कों और छतों पर भारी भीड़ जमा रही। भीड़ अधिक होने पर पुलिस प्रशासन को आवागमन के लिए रूट परिवर्तित करना पड़ा। इसी के साथ मोहल्ला नखास व गढ़ी अब्दुल मजीद से जरदोजी कला का ताजिया जुलूस निकला। मोहल्ला दिलावरजंग, नौलक्खा और भीकमपुरा से् लाल मोहम्मद, शहजाद और यामीन के हालों के ताजिये नारे तकबीर अल्लाह हु अकबर के साथ कर्बला पहुंचे।
इस अवसर पर आफताब हुसैन, मौलाना सदाकत हुसैन, नफीस हुसैन, नावेद अल्वी, हाजी दिलदार हुसैन, हाजी मुजफ्फर हुसैन रहमानी, मोहम्मद हसीन, गुलशेर ईरानी और ताहिर हुसैन आदि मौजूद रहे।
फतेहगढ़ में मोहर्रम कमेटी के तत्वावधान में अकीदत के माहौल में ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस फतेहगढ़ में दशहरा पर्व मनाए जाने के कारण दोपहर 3 बजे तक निकाला गया। इसके बाद राम-रावण युद्घ जुलूस वाले मार्गों से निकाला गया।
अलम जुलूस मुख्यमार्गों से होता हुआ कर्बला पहुंचा। इस दौरान अकीदतमंदों ने नौहों के बीच मातम कर माहौल को गमगीन बना दिया। इस बीच ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस अवसर पर शमसाद अहमद, प्यारेमियां, रईस हैदर, इमरान हुसैन और जीशान हुसैन आदि मौजूद रहे।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार अलम जुलूस थाने के पास से निकला। मुख्यमार्गों से होता हुआ अलम जुलूस अस्तबल स्थित कर्बला पहुंचा। यहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। मोहर्रम कमेटी के जियाउद्दीन ने कहा कि रामलीला कमेटी की तरफ से हम लोगों को साउंड मुहैया कराया गया है। इस अवसर पर राजेंद्र गुप्ता, सतीशचंद्र दुबे और सतीशचंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार मोहल्ला किदवई नगर स्थित इमाम चौक से अलम जुलूस निकलने शुरू हुए। 13 ताजिये और तीन अलम सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस अवसर पर मुखतार खां, इरशाद, इसरार, जाहिद और जमील सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार रोशनाबाद स्थित इमामबाड़े से ताजिया जुलूस निकाला गया। मुख्यमार्ग से होते हुए जुलूस माडल पब्लिक स्कूल के पास स्थित कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को दफन कर दिया गया। इस अवसर पर शफीक मंसूरी, हाजी सरफुद्दीन, हाफिज चांद मोहम्मद, सुदेश सिंह, अरुण यादव, ब्रजेश कुमार, ब्रजेश भारद्वाज, मोहम्मद साबिर, अनवार खां ौर इस्लाम खां आदि मौजूद रहे।
नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार पुराना गनीपुर स्थित इमामबाड़े से अलम जुलूस शुरू हुआ। जुलूस मुख्यमार्गों से होता हुआ कसबा तिराहा स्थित कर्बला पहुंचा। यहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अकीदमंदों को ज्योति शर्मा ने जलपान कराया। इस अवसर पर कल्लू खां, अफसर खां, हलीम सिद्दीकी, शौकत खां, असद रजा मंसूरी, अफरोज मंसूरी और न्यामत अली आदि मौजूद रहे।
बुधवार को सुबह से ही मुसलमान इमाम हुसैन की शहादत की याद में डूबे रहे। आज हमारा इमाम हुसैन हमसे जुदा हो गया, रसूल का दामन नहीं छोड़ेंगे आदि नारे लगाते हुए लोग कर्बला पहुंचने लगे। बच्चे व महिलाएं भी कर्बला में हाजिरी देने में पीछे नहीं रहीं।
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ठंडी सड़क स्थित दरे जैनबिया से शिया समुदाय का मातमी जुलूस उठा। स्याह लिवास, नंगे पांव और हाथों में तिरंगा लेकर निकला हुसैनी काफिला जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ में इजाफा होता गया। शहर के मुख्य चौराहों पर मातमी दस्तों ने जंजीर का मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। कोई इमाम को तो कोई छह माह के असगर को रो-रोकर याद कर रहा था। इस दौरान बीचे में पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी गूंजते रहे।
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इस मंजर को देखने के लिए सड़कों और छतों पर भारी भीड़ जमा रही। भीड़ अधिक होने पर पुलिस प्रशासन को आवागमन के लिए रूट परिवर्तित करना पड़ा। इसी के साथ मोहल्ला नखास व गढ़ी अब्दुल मजीद से जरदोजी कला का ताजिया जुलूस निकला। मोहल्ला दिलावरजंग, नौलक्खा और भीकमपुरा से् लाल मोहम्मद, शहजाद और यामीन के हालों के ताजिये नारे तकबीर अल्लाह हु अकबर के साथ कर्बला पहुंचे।
इस अवसर पर आफताब हुसैन, मौलाना सदाकत हुसैन, नफीस हुसैन, नावेद अल्वी, हाजी दिलदार हुसैन, हाजी मुजफ्फर हुसैन रहमानी, मोहम्मद हसीन, गुलशेर ईरानी और ताहिर हुसैन आदि मौजूद रहे।
फतेहगढ़ में मोहर्रम कमेटी के तत्वावधान में अकीदत के माहौल में ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस फतेहगढ़ में दशहरा पर्व मनाए जाने के कारण दोपहर 3 बजे तक निकाला गया। इसके बाद राम-रावण युद्घ जुलूस वाले मार्गों से निकाला गया।
अलम जुलूस मुख्यमार्गों से होता हुआ कर्बला पहुंचा। इस दौरान अकीदतमंदों ने नौहों के बीच मातम कर माहौल को गमगीन बना दिया। इस बीच ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस अवसर पर शमसाद अहमद, प्यारेमियां, रईस हैदर, इमरान हुसैन और जीशान हुसैन आदि मौजूद रहे।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार अलम जुलूस थाने के पास से निकला। मुख्यमार्गों से होता हुआ अलम जुलूस अस्तबल स्थित कर्बला पहुंचा। यहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। मोहर्रम कमेटी के जियाउद्दीन ने कहा कि रामलीला कमेटी की तरफ से हम लोगों को साउंड मुहैया कराया गया है। इस अवसर पर राजेंद्र गुप्ता, सतीशचंद्र दुबे और सतीशचंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार मोहल्ला किदवई नगर स्थित इमाम चौक से अलम जुलूस निकलने शुरू हुए। 13 ताजिये और तीन अलम सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस अवसर पर मुखतार खां, इरशाद, इसरार, जाहिद और जमील सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार रोशनाबाद स्थित इमामबाड़े से ताजिया जुलूस निकाला गया। मुख्यमार्ग से होते हुए जुलूस माडल पब्लिक स्कूल के पास स्थित कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को दफन कर दिया गया। इस अवसर पर शफीक मंसूरी, हाजी सरफुद्दीन, हाफिज चांद मोहम्मद, सुदेश सिंह, अरुण यादव, ब्रजेश कुमार, ब्रजेश भारद्वाज, मोहम्मद साबिर, अनवार खां ौर इस्लाम खां आदि मौजूद रहे।
नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार पुराना गनीपुर स्थित इमामबाड़े से अलम जुलूस शुरू हुआ। जुलूस मुख्यमार्गों से होता हुआ कसबा तिराहा स्थित कर्बला पहुंचा। यहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अकीदमंदों को ज्योति शर्मा ने जलपान कराया। इस अवसर पर कल्लू खां, अफसर खां, हलीम सिद्दीकी, शौकत खां, असद रजा मंसूरी, अफरोज मंसूरी और न्यामत अली आदि मौजूद रहे।