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जांच के लिए लखनऊ भेजा गया विसरा किया गया वापस
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फर्रुखाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आकाश हत्याकांड के मुकदमे के विवेचक को सीडी (केस डायरी) समेत कोर्ट में 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया है। आकाश की मां विमला देवी ने फतेहगढ़ कोतवाली अज्ञात के खिलाफ हत्या मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने विवेचक पर ठीक से विवेचना न करने का आरोप लगाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भूसामंडी निवासी आकाश राजपूत रक्षा लेखा विभाग फतेहगढ़ में लिपिक था। वह 5 जनवरी को लापता होने के बाद 6 जनवरी की दोपहर रेलवे स्टेशन पर घायल पड़ा मिला था। इससे पहले मां विमलादेवी ने कोतवाली में पुत्र के लापता होने का प्रार्थना पत्र दिया।
नर्सिंग होम में इलाज के दौरान रात में आकाश की मौत हो गई थी। इससे पहले उसने चार-पांच लोगों के उसे की बात कही थी। इस हत्याकांड के कुछ दिन बाद कानपुर से आई एक युवती ने आकाश से शादी करने का दावा किया था। रक्षा लेखा विभाग में कुछ खून पड़ा था। इसका नमूना पुलिस ने पहले नहीं लिया।
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मां ने अधिवक्ता दीपक द्विवेदी के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें विवेचक पर मामले की विवेचना ठीक से न करने का आरोप लगाया है। सीजेएम ने विवेचक को सीडी समेत कोर्ट में 12 मार्च को तलब किया है।
लखनऊ भेजा गया विसरा किया गया वापस
फर्रुखाबाद। आकाश की मौत का राज जानने के लिए विवेचक ने एक जार में विसरा भरकर जांच के लिए लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। वहां से विसरा वापस भेज दिया गया। साथ आए पत्र में लिखा था कि सभी नमूनों को अलग-अलग डिब्बों में भरकर स्पष्ट आख्या के साथ भेजा जाए।
विवेचक कोतवाल जसवंत सिंह ने प्रकरण में लोको रोड की शिक्षिका समेत कानपुर की युवती से कई च्रकों में पूछताछ की थी। लेकिन नतीजा सिफर रहा था। इसके बाद विसरा जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा गया था। वहां से विसरा वापस कर दिया गया।
मंगलवार को एसएसआई आरएस वर्मा ने विसरा के पार्ट तिल्ली, लीवर, स्टमक के अलग-अलग नमूने जार में रखकर पत्रवाहक से प्रयोगशाला में भिजवा दिए गए हैं। विसरा के साथ में विवेचक की ओर से स्पष्ट आख्या भी भेजी गई है। एसएसआई आरएस वर्मा ने बताया कि विसरा की रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भूसामंडी निवासी आकाश राजपूत रक्षा लेखा विभाग फतेहगढ़ में लिपिक था। वह 5 जनवरी को लापता होने के बाद 6 जनवरी की दोपहर रेलवे स्टेशन पर घायल पड़ा मिला था। इससे पहले मां विमलादेवी ने कोतवाली में पुत्र के लापता होने का प्रार्थना पत्र दिया।
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नर्सिंग होम में इलाज के दौरान रात में आकाश की मौत हो गई थी। इससे पहले उसने चार-पांच लोगों के उसे की बात कही थी। इस हत्याकांड के कुछ दिन बाद कानपुर से आई एक युवती ने आकाश से शादी करने का दावा किया था। रक्षा लेखा विभाग में कुछ खून पड़ा था। इसका नमूना पुलिस ने पहले नहीं लिया।
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मां ने अधिवक्ता दीपक द्विवेदी के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें विवेचक पर मामले की विवेचना ठीक से न करने का आरोप लगाया है। सीजेएम ने विवेचक को सीडी समेत कोर्ट में 12 मार्च को तलब किया है।
लखनऊ भेजा गया विसरा किया गया वापस
फर्रुखाबाद। आकाश की मौत का राज जानने के लिए विवेचक ने एक जार में विसरा भरकर जांच के लिए लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। वहां से विसरा वापस भेज दिया गया। साथ आए पत्र में लिखा था कि सभी नमूनों को अलग-अलग डिब्बों में भरकर स्पष्ट आख्या के साथ भेजा जाए।
विवेचक कोतवाल जसवंत सिंह ने प्रकरण में लोको रोड की शिक्षिका समेत कानपुर की युवती से कई च्रकों में पूछताछ की थी। लेकिन नतीजा सिफर रहा था। इसके बाद विसरा जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा गया था। वहां से विसरा वापस कर दिया गया।
मंगलवार को एसएसआई आरएस वर्मा ने विसरा के पार्ट तिल्ली, लीवर, स्टमक के अलग-अलग नमूने जार में रखकर पत्रवाहक से प्रयोगशाला में भिजवा दिए गए हैं। विसरा के साथ में विवेचक की ओर से स्पष्ट आख्या भी भेजी गई है। एसएसआई आरएस वर्मा ने बताया कि विसरा की रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।