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कायमगंज से अजीत का टिकट कटा, डा. सुरभि को मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Mon, 23 Jan 2017 11:02 PM IST
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surbhi
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से टिकट की दावेदारी रहीं डा. सुरभि सिंह को जब टिकट नहीं मिला तो उन्होंने कमल छोड़कर साइकिल की सवारी कर ली। निवर्तमान विधायक अजीत कठेरिया का टिकट काटकर डा. सुरभि सिंह को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कमालगंज से टिकट देने की घोषणा की है।
सपा की पहले जारी की गई सूची में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अजीत कठेरिया का टिकट काटकर रामशरन कठेरिया को प्रत्याशी बनाया था। सैफई घराने में टिकट को लेकर हुई रार के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सूची में अजीत कठेरिया को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
इसके बाद सपा की अंतिम सूची में भी अजीत कठेरिया को कायमगंज से प्रत्याशी बनाया गया। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी से टिकट पाने के लिए डा. सुरभि सिंह ने कायमगंज से आवेदन किया था। टिकट वितरण में जब डा. सुरभि का नाम भाजपा की सूची में नहीं आया तो उन्होंने रातों रात पासा पलटकर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ही नहीं हासिल की, बल्कि लखनऊ में एक सपा नेता के सहयोग से अखिलेश यादव से भेंट कर कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से टिकट हासिल कर लिया।
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इस संबंध में जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी से जब जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि डा. सुरभि सिंह को कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रत्याशी बनाया है। अजीत कठेरिया का टिकट काट दिया गया है। उधर, दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह का कहना है कि अभी तक डा. सुरभि सिंह पार्टी में शामिल रहीं। उन्होंने पार्टी से कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से टिकट भी मांगा था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कल उन्हें लखनऊ बुलाया था और चुनाव लड़ने की सारी रणनीति बताई थी। अचानक उनका टिकट काट दिया गया है। इसमें वह कर भी क्या सकते हैं। वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और सिपाही बने रहेंगे।
वर्ष 2012 से लेकर अब तक हुए चुनाव में तीन-तीन दिन के लिए प्रत्याशी घोषित रहे रामशरन कठेरिया ने अजीत का टिकट कटना तो सही बताया लेकिन भाजपा समर्थित डा. सुरभि सिंह को टिकट देने पर ऐतराज जताया है। रामशरन का कहना है कि वह इस तरह से टिकट वितरण का विरोध करेंगे और अंतिम सांस तक खुद टिकट पाने का प्रयास करेंगे।
सिटी हास्पिटल के मालिक अजीत सिंह गंगवार की पत्नी डा. सुरभि सिंह 2015 में हुए जिला पंचायत चुनाव में नवाबगंज प्रथम से जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। वह पहली बार वह पहली बार घर की दहलीज लांघकर पंचायत चुनाव में उतरी थीं। डा. सुरभि सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अजीत कठेरिया की पत्नी सगुना कठेरिया के पक्ष में मतदान किया था। सपा से टिकट मिलने पर उनका कहना है कि वह पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेंगी और जीतकर दिखाएंगी।
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सपा की पहले जारी की गई सूची में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अजीत कठेरिया का टिकट काटकर रामशरन कठेरिया को प्रत्याशी बनाया था। सैफई घराने में टिकट को लेकर हुई रार के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सूची में अजीत कठेरिया को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
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इसके बाद सपा की अंतिम सूची में भी अजीत कठेरिया को कायमगंज से प्रत्याशी बनाया गया। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी से टिकट पाने के लिए डा. सुरभि सिंह ने कायमगंज से आवेदन किया था। टिकट वितरण में जब डा. सुरभि का नाम भाजपा की सूची में नहीं आया तो उन्होंने रातों रात पासा पलटकर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ही नहीं हासिल की, बल्कि लखनऊ में एक सपा नेता के सहयोग से अखिलेश यादव से भेंट कर कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से टिकट हासिल कर लिया।
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इस संबंध में जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी से जब जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि डा. सुरभि सिंह को कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रत्याशी बनाया है। अजीत कठेरिया का टिकट काट दिया गया है। उधर, दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह का कहना है कि अभी तक डा. सुरभि सिंह पार्टी में शामिल रहीं। उन्होंने पार्टी से कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से टिकट भी मांगा था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कल उन्हें लखनऊ बुलाया था और चुनाव लड़ने की सारी रणनीति बताई थी। अचानक उनका टिकट काट दिया गया है। इसमें वह कर भी क्या सकते हैं। वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और सिपाही बने रहेंगे।
वर्ष 2012 से लेकर अब तक हुए चुनाव में तीन-तीन दिन के लिए प्रत्याशी घोषित रहे रामशरन कठेरिया ने अजीत का टिकट कटना तो सही बताया लेकिन भाजपा समर्थित डा. सुरभि सिंह को टिकट देने पर ऐतराज जताया है। रामशरन का कहना है कि वह इस तरह से टिकट वितरण का विरोध करेंगे और अंतिम सांस तक खुद टिकट पाने का प्रयास करेंगे।
सिटी हास्पिटल के मालिक अजीत सिंह गंगवार की पत्नी डा. सुरभि सिंह 2015 में हुए जिला पंचायत चुनाव में नवाबगंज प्रथम से जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। वह पहली बार वह पहली बार घर की दहलीज लांघकर पंचायत चुनाव में उतरी थीं। डा. सुरभि सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अजीत कठेरिया की पत्नी सगुना कठेरिया के पक्ष में मतदान किया था। सपा से टिकट मिलने पर उनका कहना है कि वह पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेंगी और जीतकर दिखाएंगी।