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Farrukhabad News: शहर में वायु प्रदूषण चार गुना, मॉनिटरिंग सेंसर ने किया सावधान

Fri, 24 Nov 2023 11:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Nov 2023 11:58 PM IST
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Air pollution in the city quadrupled, monitoring sensor warned
फर्रुखाबाद/कमालगंज। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है।
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बढ़पुर ब्लाॅक से जुड़े फर्रुखाबाद शहर में सामान्य से चार गुना ज्यादा वायु प्रदूषण है, प्रदूषण का स्तर सबसे कम मोहम्मदाबाद में है। यह केवल अखबारी रिपोर्ट नहीं है, बल्कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की ओर से ब्लाॅक कार्यालयों में लगाए गए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंसर उपकरण बता रहे हैं कि प्रदूषण की स्थिति तीव्र है।

प्रदूषण की गंभीर स्थिति से चिंतित सरकार ने सभी विकासखंडों में वायु प्रदूषण मापक यंत्र लगवाने का निर्णय लिया था। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर की टीम ने जिले के सभी ब्लॉक कार्यालयों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया है।
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उपकरण चलते रहने के लिए सभी पर 20 वाट का सोलर पैनल लगाया गया है। 4-जी सिम कार्ड लगाकर इसे मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ा गया है। पानी से बचाने के लिए प्रदूषण का स्तर दर्शाने वाली स्क्रीन उपकरण के अंदर लगी है। मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड होने पर प्रदूषण का स्तर, चेतावनियां व बचाव के उपाय भी उपकरण बताता है।
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क्षेत्र पंचायत कार्यालय कमालगंज में उपकरण लगाने के बाद आईआईटी कानपुर के प्रोजेक्ट इंजीनियर विकास कुमार मौर्य ने बताया कि वायु गुणवत्ता माप श्रृंखला में यह उपकरण पर्टीकुलेट मैटर (पीएम) 1, पीएम 2.5 व पीएम 10 का स्तर बताता है। मुख्य रूप से पीएम 2.5 का स्तर देखकर विश्लेषण कर लिया जाता है।
पीएम 2.5 यदि 100 तक है तो वायु प्रदूषण का स्तर बढ़िया व स्वास्थ्य के अनुकूल माना जाता है। इससे अधिक होने पर खतरा बढ़ता जाता है। फर्रुखाबाद जिले में पीएम 2.5 का स्तर जिला मुख्यालय के बढ़पुर ब्लॉक में 449, कायमगंज ब्लाॅक में 420, राजेपुर में 384, नबावगंज में 350, कमालगंज में 299 व मोहम्मदाबाद में 240 निकला। पीएम 2.5 बहुत सूक्ष्म कण होते हैं, यह फेफड़े में जा सकते हैं।



कमालगंज में पीएम 2.5 के 299 माइक्रोमीटर(माइक्रोन) होने पर भी उपकरण की रिपोर्ट में इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर व तीव्र माना गया। सावधान रहने के उपायों में बाहर जाने पर मास्क के उपयोग की भी सलाह दी गई।



लोहिया अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डा.मनोज पांडेय ने बताया कि प्रदूषण से बचना हर किसी के लिए जरूरी है पर खासतौर पर हृदय और सांस रोगी इससे ज्यादा बचें, सर्दी में न निकलें। बताया कि सर्दी में हवा कि गति मंद होने, ट्रैफिक में अत्यधिक वाहनों के चलने, कोहरा और धुंध के कारण प्रदूषण बढ़ जाता है। खेत में पराली जलाने के साथ ही थ्रेसरिंग के दौरान हवा में उड़ने वाले कण भी प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं। घर से बाहर निकलने के दौरान चेहरे पर मास्क लगाने से कुछ हद तक बचाव संभव है।
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