फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   After the old potato onion cry

आलू के बाद अब रुला रहा प्याज

Tue, 24 May 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद Updated Tue, 24 May 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
After the old potato onion cry
प्याज की दुकान सजाए बैठा व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला
आलू पर छाई मंदी से तबाह हुए अन्नदाताओं को अब प्याज की मंदी खून के आंसू रुला रही है। हालत यह है कि किसानों को लागत के भी दाम मिलने मुश्किल हो गए हैं। उसमें भी 950 रुपये प्रति बीघे की दर से घाटा उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


जिले में तकरीबन 500 बीघे खेत में गर्मी के मौसम में प्याज की फसल तैयार की गई थी। फसल तैयार होने के बाद 80 रुपये प्रति किलो बिकने वाले प्याज के दाम एकाएक आठ रुपये प्रति किलो पहुंच गए। नतीजतन किसानों को प्याज में भी आलू की तरह भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


विकास खंड कमालगंज के नगला जसे के रहने वाले रामबहादुर वर्मा ने बताया कि प्याज की खेती का गणित गड़बड़ा जाने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। एक बीघे खेत में साल में दो बार प्याज की फसल तैयार होती है। इसके लिए पहले बीज लेकर पौध तैयार की जाती है। इसके बाद उसका रोपण किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पौध तैयार करने से और खुदाई तक में 600 रुपये का बीज, 750 रुपये पौध तैयार करने में लेबर खर्च, 500 रुपये जुताई, 900 रुपये खाद, 3000 रुपये गड़वाई, 2750 रुपये निराई, 3750 रुपये खुदाई, 1000 रुपये का पानी और 500 रुपये की दवा कुल 13750 रुपये खर्च करने पर एक बीघा प्याज तैयार हुआ। इस वर्ष एक बीघे खेत में लगभग 16 क्विंटल पैदावार हुई है।


800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकने पर 12800 रुपये प्राप्त हुए। नतीजतन लागत के दामों में 950 रुपये कम हो गए। इस तरह किसानों की जेब से 950 रुपये चले गए। 80 रुपये किलो प्याज बिकने की उम्मीद से इस साल तकरीबन 500 बीघे भूमि पर प्याज की खेती की गई थी। मगर मंदी के कारण किसानों को खून के आंसू रोने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed