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46 वर्ष बाद दोष मुक्त हुए जानलेवा हमले के दो आरोपी
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फर्रुखाबाद। जानलेवा हमले के मुकदमे में 46 वर्ष बाद मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या दो ने फैसला सुनाया। साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया गया। एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। दोनों आरोपी जमानत पर थे।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के लखरौआ गांव के राम नरायन सिंह 12 जून 1975 को घर से नलकूप पर जा रहे थे। रास्ते में उनको गोली मार दी गई थी। घायल राम नरायन को भाई कमल नरायन ने अस्पताल में भर्ती कराया था। कमल ने महेंद्र पाल, रामशरण, अवधेश के खिलाफ पुरानी रंजिश में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीस वर्ष पहले महेंद्र पाल की मौत हो गई थी।
मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या दो में चल रहा था। मंगलवार को साक्ष्यों के अभाव में न्यायाधीश ने रामशरण व अवधेश को दोष मुक्त कर दिया। दोनों आरोपी जमानत पर बाहर चल रहे थे। अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक कुमार सक्सेना ने की।
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आरोपी दोषमुक्त, गवाही बदलने पर दो गवाहों पर मुकदमे के आदेश
फर्रुखाबाद। हत्या के आरोप में साक्ष्य के अभाव के न्यायाधीश ने आरोपी को दोषमुक्त कर जेल से रिहा करने के आदेश दिए हैं। दो गवाहों के विपरीत गवाही देने पर न्यायाधीश ने उनके खिलाफ कोर्ट में प्रकीर्ण वाद(मुकदमा) दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 18 फरवरी 2011 को वीरपाल की नेकपुर कलां के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के ब्लाक मड़ैया निवासी वीरपाल, पत्नी शोभा व बच्चों के साथ 17 फरवरी 2011 को शहर कोतवाली क्षेत्र के लकूला सुसराल आ रहे थे। वीरपाल रामनगरिया में रुक गए और पत्नी बच्चों के साथ अपने मायके चली गई। 18 फरवरी की सुबह वीरपाल फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नेकपुर कलां में साली रज्जो के घर जा रहे थे। घर के पास किसी ने उन्हें गोली मार दी। एक युवक ने शोभा को इसकी सूचना दी थी। वीरपाल की लोहिया अस्पताल में मौत हो गई। पत्नी शोभा ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचक ने मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव बनपोई निवासी मोहन बहेलिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी शोभा की मौत हो गई। अपर जिला सत्र न्यायाधीश तृतीय महेंद्र सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को आरोपी मोहन बहेलिया को दोष मुक्त कर जेल से रिहा करने के आदेश दिए। बयान बदलने पर गवाह रज्जो व रूप किशोर के खिलाफ न्यायाधीश ने प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के लखरौआ गांव के राम नरायन सिंह 12 जून 1975 को घर से नलकूप पर जा रहे थे। रास्ते में उनको गोली मार दी गई थी। घायल राम नरायन को भाई कमल नरायन ने अस्पताल में भर्ती कराया था। कमल ने महेंद्र पाल, रामशरण, अवधेश के खिलाफ पुरानी रंजिश में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीस वर्ष पहले महेंद्र पाल की मौत हो गई थी।
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मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या दो में चल रहा था। मंगलवार को साक्ष्यों के अभाव में न्यायाधीश ने रामशरण व अवधेश को दोष मुक्त कर दिया। दोनों आरोपी जमानत पर बाहर चल रहे थे। अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक कुमार सक्सेना ने की।
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आरोपी दोषमुक्त, गवाही बदलने पर दो गवाहों पर मुकदमे के आदेश
फर्रुखाबाद। हत्या के आरोप में साक्ष्य के अभाव के न्यायाधीश ने आरोपी को दोषमुक्त कर जेल से रिहा करने के आदेश दिए हैं। दो गवाहों के विपरीत गवाही देने पर न्यायाधीश ने उनके खिलाफ कोर्ट में प्रकीर्ण वाद(मुकदमा) दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 18 फरवरी 2011 को वीरपाल की नेकपुर कलां के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शाहजहांपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के ब्लाक मड़ैया निवासी वीरपाल, पत्नी शोभा व बच्चों के साथ 17 फरवरी 2011 को शहर कोतवाली क्षेत्र के लकूला सुसराल आ रहे थे। वीरपाल रामनगरिया में रुक गए और पत्नी बच्चों के साथ अपने मायके चली गई। 18 फरवरी की सुबह वीरपाल फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नेकपुर कलां में साली रज्जो के घर जा रहे थे। घर के पास किसी ने उन्हें गोली मार दी। एक युवक ने शोभा को इसकी सूचना दी थी। वीरपाल की लोहिया अस्पताल में मौत हो गई। पत्नी शोभा ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचक ने मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव बनपोई निवासी मोहन बहेलिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी शोभा की मौत हो गई। अपर जिला सत्र न्यायाधीश तृतीय महेंद्र सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को आरोपी मोहन बहेलिया को दोष मुक्त कर जेल से रिहा करने के आदेश दिए। बयान बदलने पर गवाह रज्जो व रूप किशोर के खिलाफ न्यायाधीश ने प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं।