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Farrukhabad News: 21 वर्ष बाद नाजायज हथियार रखने में एक हजार रुपये जुर्माना की सजा
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फर्रुखाबाद। सीजेएम घनश्याम शुक्ला ने एक ग्रामीण को नाजायज हथियार रखने के मामले में दोषी ठहराया। उसे जेल में बिताई गई अवधि के साथ एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
मोहम्मदाबाद थाना में 21 साल पहले तैनात रहे हेड कांस्टेबल दीप सिंह ने गांव नगला तरा निवासी रतिराम पर आर्म एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट लिखाई दी। इसमें कहा था कि वह चार फरवरी 2004 को नगला मूल की तरफ गश्त कर रहे थे तभी तिराहे के पास सामने से आ रहे रतिराम की तलाशी लेने पर उसके पास 315 बोर का एक तमंचा व कारतूस मिला।
सीजेएम घनश्याम शुक्ला ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाह व सबूतों के आधार पर रतिराम को दोषी ठहराया। उसे जेल में बिताई गई अवधि और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया। जुर्माना न देने पर सात दिन अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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मोहम्मदाबाद थाना में 21 साल पहले तैनात रहे हेड कांस्टेबल दीप सिंह ने गांव नगला तरा निवासी रतिराम पर आर्म एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट लिखाई दी। इसमें कहा था कि वह चार फरवरी 2004 को नगला मूल की तरफ गश्त कर रहे थे तभी तिराहे के पास सामने से आ रहे रतिराम की तलाशी लेने पर उसके पास 315 बोर का एक तमंचा व कारतूस मिला।
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सीजेएम घनश्याम शुक्ला ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाह व सबूतों के आधार पर रतिराम को दोषी ठहराया। उसे जेल में बिताई गई अवधि और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया। जुर्माना न देने पर सात दिन अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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