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रोहिणी नक्षत्र में 100 साल बाद करवाचौथ आज
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 18 Oct 2016 10:58 PM IST
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करवाचौथ
- फोटो : getty images
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इस बार करवा चौथ व्रत रोहिणी नक्षत्र में पड़ रहा है। आचार्यों का कहना है कि 100 साल बाद रोहिणी नक्षत्र में इस बार करवाचौथ का व्रत विशेष फलदायी रहेगा।
आचार्य योगीराज दबे (कमालगंज) बताते हैं कि कार्तिक कृष्ण पक्ष में करक चतुर्थी पर करवाचौथ का व्रत रखा जाता है। इस दिन चंद्रदेव के अलावा शिव-पार्वती और कार्तिकेय की भी पूजा होती है। इस वर्ष करवाचौथ का व्रत विशेष फलदायी होगा क्योंकि 100 साल बाद करवाचौथ का महासंयोग बन रहा है।
रोहिणी नक्षत्र, दिन बुधवार सर्वार्थ सिद्घि योग एवं गणेश चतुर्थी का संयोग इसी दिन है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। गणेश पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। इस बार करवाचौथ पर चंद्रमा स्वयं, शुक्र की राशि वृष में उच्च के होंगे। बुध स्वराशि कन्या में और शुक्र व शनि एक ही राशि में विराजमान होंगे।
आचार्य योगीराज दबे बताते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र गृह प्रेम का परिचायक है। इस दिन शुक्र गृह मंगल की राशि वृश्चिक में है। मंगलवार की रात 11 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
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उन्होंने कहा कि इस बार करवाचौथ का व्रत रखने से न सिर्फ पति की उम्र बढ़ेगी, बल्कि संतान की प्राप्ति भी होगी।
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आचार्य योगीराज दबे (कमालगंज) बताते हैं कि कार्तिक कृष्ण पक्ष में करक चतुर्थी पर करवाचौथ का व्रत रखा जाता है। इस दिन चंद्रदेव के अलावा शिव-पार्वती और कार्तिकेय की भी पूजा होती है। इस वर्ष करवाचौथ का व्रत विशेष फलदायी होगा क्योंकि 100 साल बाद करवाचौथ का महासंयोग बन रहा है।
रोहिणी नक्षत्र, दिन बुधवार सर्वार्थ सिद्घि योग एवं गणेश चतुर्थी का संयोग इसी दिन है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। गणेश पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। इस बार करवाचौथ पर चंद्रमा स्वयं, शुक्र की राशि वृष में उच्च के होंगे। बुध स्वराशि कन्या में और शुक्र व शनि एक ही राशि में विराजमान होंगे।
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आचार्य योगीराज दबे बताते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र गृह प्रेम का परिचायक है। इस दिन शुक्र गृह मंगल की राशि वृश्चिक में है। मंगलवार की रात 11 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
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उन्होंने कहा कि इस बार करवाचौथ का व्रत रखने से न सिर्फ पति की उम्र बढ़ेगी, बल्कि संतान की प्राप्ति भी होगी।